एआई: वैश्विक परिदृश्य में बन रही भारत की पहचान
डॉ. मयंक चतुर्वेदी। वर्ष 2026 के आरंभ में भारत एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश की तकनीकी दिशा तय करने वाला प्रमुख आधार बन रही है। यह परिवर्तन किसी एक नीति, संस्था या कंपनी का परिणाम नहीं है। यह भारत की सामूहिक बौद्धिक शक्ति, युवाओं की उद्यमशील सोच … Continue reading एआई: वैश्विक परिदृश्य में बन रही भारत की पहचान
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed