
पीएम मोदी ने बताया था कि साल 2014 में 6 करोड़ ब्रॉडबैंड थे, जो अब बढ़कर 80 करोड़ हो गए हैं। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्शन 25 करोड़ थे जो अब बढ़कर 85 करोड़ हो चुके हैं। सबसे सुखद ये है कि ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट यूजर्स की संख्या तेजी से बढ रही है। इस दौरान पीएम मोदी ने तकनीक के फायदे भी गिनाए थे और कहा था कि तकनीक से आइडिया को साकार करने का समय आ गया है। डिजिटल इंडिया देश के विकास का वजन है। देश में 5जी सेवा लॉन्च होने से रोजगार के अवसर सुदृढ़ होंगे। आज टेक्नोलॉजी लोकतांत्रिक हो गई है। यही 2जी और 5जी में फर्क है। अब गरीब भी तकनीक अपनाने में आगे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, उसका साकार रूप अब देश भर में एक साथ उभरता हुआ दिख रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत तमाम राज्यों से होता हुआ इंटरनेट की गति का सफर अब आसाम पहुंच गया है। यहां रिलायंस जियो ने गुवाहाटी में अपनी 5जी सेवाएं शुरू कर दी हैं और कंपनी के मुताबिक दिसंबर 2023 तक पूरे असम में जियो ट्रू 5जी सेवाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।
यहां जियो ने जियो सामुदायिक क्लिनिक मेडिकल किट और एआर-वीआर डिवाइस, जियो ग्लास के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 5जी के लाभों का प्रदर्शन किया है । कंपनी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, 5जी को स्मार्ट हेल्थकेयर सॉल्यूशंस में बदलकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सकती है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जियो ट्रू 5जी सेवाओं की शुरूआत के अवसर पर कहा भी है कि मेरा मानना है कि ट्रू 5जी में असम के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का लोकतंत्रीकरण करने की शक्ति है। स्वास्थ्य समाधान- क्लिनिक इन बैग- जमीनी स्तर के स्वास्थ्य वर्कर और आशा वर्कर की सहायता कर सकता है। इसका डिजाइन साधारण है और यह वायरलेस तरीके से 5जी पर चिकित्सा उपकरणों के एक समूह से जुड़ सकता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से स्वास्थ्य वर्कर असम के सबसे दूरस्थ स्थानों में भी रोगियों का निदान और उपचार कर सकते हैं। राज्य सरकार असम में 5जी सेवाओं को तेजी से शुरू करने में मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 5जी आधारित स्वास्थ्य समाधानों को लागू करके हम असम में डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करके आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ²ष्टिकोण को पूरा कर सकते हैं।
बतादें कि 9,500 करोड़ रुपये के मौजूदा निवेश के अलावा, जियो ने पूरे असम में 5जी नेटवर्क के लिए प्रगति पर काम के लिए 2500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। कंपनी ने बयान में कहा कि इस साल दिसंबर तक जियो ट्रू 5जी सेवाएं असम के हर शहर और तालुका में उपलब्ध करा दी जाएंगी। जियो के एक प्रवक्ता ने कहा कि 5जी सेवाएं मंदिर में आने वाले सभी भक्तों को कामाख्या मंदिर परिसर के अंदर मुफ्त ट्रू 5जी संचालित वाई-फाई की पेशकश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह नई देश विकास की नीति का ही परिणाम है कि देश में पहले 300 रुपये में एक जीबी डेटा मिलता था, वहीं आज 10 रुपये तक आ गया है। आज भारत में हर व्यक्ति महीने भर में औसतन 14 जीबी डेटा इस्तेमाल कर रहा है। इस हिसाब से करीब 4000 रुपये बच रहे हैं। (एएमएपी)



