समीर कुमार।

भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए पर्यटन बहुत महत्व रखता है, क्योंकि यह अत्यधिक आर्थिक गतिविधियों को पैदा करता है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देता है और रोजगार, व्यापार के अवसर एवं राजस्व उत्पन्न करता है। दूसरी तरफ यह प्राकृतिक पर्यावरण, सांस्कृतिक संपत्ति, परम्पराओं और इतिहास को संरक्षित और समृद्ध करने में मदद करता है। यह सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के रास्ते पर्यटन गरीबी, असमानता और पिछड़ेपन को कम करने में भी मदद करता है। इस प्रकार पर्यटन क्षेत्र को घरेलू और विदेशी दोनों पहलुओं में उचित फोकस, निवेश और लोकप्रियता की आवश्यकता है।

पर्यटन क्षेत्र देता है 79.86 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां

सबसे बड़े रोजगार सृजकों में से एक और विदेशी मुद्रा आय (एफईई) में एक प्रमुख योगदानकर्ता होने के नाते पर्यटन क्षेत्र 79.86 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां प्रदान करता है। इसमें विकास की काफी संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र की क्षमता को पहचानते हुए ही भारत अपने G20 प्रेसीडेंसी के तत्वावधान में इस क्षेत्र को बहुत अधिक महत्व दे रहा है।

इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय 10-12 अप्रैल 2023 को नई दिल्ली में देश का पहला वैश्विक पर्यटन शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है, जहां सभी G20 सदस्य देशों को आमंत्रित किया जाएगा। इन प्रयासों का उद्देश्य अपने सालभर के G20 नेतृत्व के दौरान देश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है। भारत देश भर में 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें देश की विभिन्न प्रकार की चीजें और रंग शोकेस करने का वादा दुनिया से किया गया है।

विदेशी प्रतिनिधियों की जरूरतों को पूरा करने 2000 से अधिक कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षित

अप्रैल में होने वाले इन कार्यक्रमों से पहले विदेशी प्रतिनिधियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 2000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है और कई अन्य लोगों को अखिल भारतीय आधार पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन आयोजनों में विभिन्न देशों और विदेशी लोगों की भागीदारी इस क्षेत्र को एक आवश्यक वैश्विक परिप्रेक्ष्य, आकार और महत्व प्रदान करेगी।  पर्यटन के विभिन्न क्षेत्र हैं-थीम पार्क, मनोरंजन पार्क, मैंग्रोव पार्क, मछली घर परियोजनाओं, एडवेंचर टूरिज्म, क्रूज पर्यटन, इकोटूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म। इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ वेलनेस टूरिज्म जैसे पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और व्यापार के अवसरों को प्रदर्शित करते हुए लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक दृष्टिकोण निर्धारित किया गया है।

भारत का है 140 मिलियन नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य

भारत ने 2030 तक 56 बिलियन डॉलर फॉरेक्स और पर्यटन में लगभग 140 मिलियन नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके लिए पिछले 8-9 वर्षों में, विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से क्षेत्र को बढ़ावा देने के अलावा, बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया गया है। पर्यटन स्थलों के सतत और जिम्मेदार विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ देश ‘स्वदेश दर्शन-2.0’ पहल शुरू करने के लिए भी तैयार है। बढ़ता मध्यम वर्ग, सरकार के प्रयास, डिजिटल परिवर्तन और सहजता पर्यटन क्षेत्र को अभूतपूर्व रूप से विकसित कर रहे हैं।

प्राकृतिक चिकित्सा, आध्‍यात्‍म‍िकता, योग की जननी के रूप में देश की पहचान से भी बढ़ रहा पर्यटन उद्योग
इसके अलावा, भारत की खोज में दुनियाभर के लोगों की बढ़ती रुचि, प्राकृतिक चिकित्सा की जननी के रूप में देश की पहचान, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आध्यात्मिकता, योग और अन्य कारक भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए पहले की तरह फलने-फूलने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। भारत में समुद्र तटों, हिल स्टेशनों, वन्यजीव अभ्यारण्यों, प्राचीन मंदिरों, स्मारकों और अन्य सहित विविध प्रकार के आकर्षण के केंद्र हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर अधिक ध्यान और क्षेत्र के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन भी एक कारक है। इसके अतिरिक्त सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के रूप में पर्यटन की क्षमता का उपयोग भी एक महत्वपूर्ण कारक है। यह आने वाले समय के लिए अधिक मदद करने वाला होगा। वर्तमान में, पर्यटन मंत्रालय मैड्रिड में FITUR में भाग ले रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनियों में से एक है, जो इस क्षेत्र के लिए और अधिक उम्मीदें व संभावनाएं तैयार करती है। नि:संदेह G20 की अध्यक्षता भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष खुद को प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है। (एएमएपी)