पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाजी
गौतम अडानी मामले में जेपीसी जांच की मांग करते हुए विपक्षी सांसदों ने सदन में पीएम मोदी के भाषण के दौरान कई नारे लगाए। गुरुवार दोपहर जैसे ही पीएम मोदी का भाषण शुरू हुआ, तुरंत कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में ‘मोदी-अडानी भाई-भाई’ के कई बार नारे लगे। पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने जो नारे लगाए उसमें एक ”अडानी पर मुंह तो खोलो, कुछ तो बोलो, कुछ तो बोलो” भी था। इसके अलावा, अडानी पर जवाब दो, जवाब दो के भी जमकर नारे लगे। विपक्षी सांसदों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कई दलों के नेता शामिल थे।

पीएम का पलटवार, एक अकेला कितनों पर भारी
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके आरोपों की ‘कीचड़’ से ‘कमल’ को खिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह अकेले ही पूरे विपक्ष पर भारी पड़ रहे हैं, जिन्हें उनके विरोध में बारी-बारी से नारेबाजी करनी पड़ती है। अपनी छाती ठोकते हुए मोदी ने कहा कि वह देश के लिए जीते हैं और देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, जिससे विपक्षी दल परेशान हैं तथा खुद को बचाने के लिए राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही। ‘कमल’ केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चुनाव चिह्न है।
मोदी ने कहा, ”उन्होंने कहा, ”एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है… नारे बदलने के लिए उन्हें बदलाव करना पड़ रहा है… घंटे भर से आवाज नहीं रोक पाए हैं क्योंकि देश के लिए जीता हूं… देश के लिए कुछ करने के लिए निकला हूं।” उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर हमला करते हुए कहा कि राजनीतिक खेल खेलने वाले लोगों के अंदर वह हौसला नहीं है। उन्होंने कहा, ”वे बचने का रास्ता खोज रहे हैं।” (एएमएपी)



