प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2023-24 के बजट में हरित वृद्धि के लिए किए गए प्रावधानों को देश की नयी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य का शिलान्यास बताते हुए देश और दुनिया के निवेशकों से भारत के हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का आह्वान किया है।प्रधानमंत्री मोदी ने बजट उपरान्त वेबिनार की इस वर्ष की श्रृंखला की पहली कड़ी में हरित वृद्धि विषय पर चर्चा का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत जितना कमांडिग पोजीशन (मजबूत स्थिति) में होगा, देश उतना ही बड़ा बदलाव विश्व में ला सकेगा।

ये हैं देश की प्राथमिकताओं के तीन स्‍तंभ

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार अर्थव्‍यवस्‍था के हरित विकास के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है। यह बजट वैश्विक हरित ऊर्जा बाजार में भारत की अग्रणी भूमिका तय करने में अहम होगा। बजट से हरित रोजगार बढ़ाने और वैश्विक भलाई में सहायता मिलेगी। हरित विकास और ऊर्जा परिवर्तन के लिए की गई पहलों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा का उत्‍पादन बढ़ाना, पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्‍म ईंधन के उपयोग को कम करना और गैस आधारित अर्थव्‍यवस्‍था की ओर बढ़ना देश की प्राथमिकताओं के तीन स्‍तंभ हैं।

पीएम प्रणाम, गोबर्धन जैसी योजनाएं देश के भविष्‍य को आकार देने में निभाएंगी प्रमुख भूमिका

उन्‍होंने कहा कि 2014 से बजट में पीएम कुसुम, रूफ टॉप सोलर योजना, सोल्‍डर पैनल विनिर्माण के लिए प्रोत्‍साहन राशि तथा बैटरी स्‍टोरेज समेत अनेक महत्‍वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बजट में हरि‍त विकास के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं जो देश की भावी पीढि़यों के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए बुनियाद का काम करेंगी। उन्‍होंने कहा कि पीएम प्रणाम, गोबर्धन, वाहन स्‍क्रैपिंग नीति जैसी योजनाएं देश के भविष्‍य को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

भारत अक्षय ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने वाला अग्रणी देश

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अक्षय ऊर्जा स्रोतों के मामले में जितनी अधिक नेतृत्‍व की भूमिका निभाएगा, दुनिया में उतना ही बदलाव ला सकता है। उन्‍होंने कहा कि भारत 2014 से दुनिया की प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍थाओं में अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने वाला अग्रणी देश है। उन्‍होंने कहा कि देश ने जो भी लक्ष्‍य निर्धारित किए, समय सीमा से पहले उन्‍हें पूरा किया। उन्‍होंने कहा कि देश ने गैर-जीवाश्‍म ईंधन से 40 प्रतिशत विद्युत क्षमता के लक्ष्‍य को निर्धारित समय सीमा से नौ वर्ष पहले ही प्राप्‍त कर लिया। उन्‍होंने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अवसरों को सोने की खान बताते हुए निवेशकों से अपील की कि जैव ईंधन, कृषि अपशिष्‍ट, बायोगैस, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्‍टोरज तथा शहरों के कचरा निस्‍तारण जैसे क्षेत्रों में निवेश करें।

हर निवेशक के लिए भारत में है बड़ा अवसर

उन्होंने भारत के सामने वैश्विक हरित ऊर्जा बाजार की एक प्रमुख शक्ति बनने का लक्ष्य रखते हुए कहा कि इस समय दुनिया हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला के विविधिकरण के प्रयास में लगी है ऐसे में हर निवेशक के लिए भारत में बड़ा अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से भारत के हर बजट में एक पैटर्न रहा है, हर बजट में वर्तमान चुनौतियों के समाधान के साथ-साथ ही नए युग के सुधारों को आगे बढ़ाया गया है।

इस बार के बजट में जहां एकतरफ पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण के लिए प्रोत्साहन है वहीं ‘पीएम कुसुम योजना’ को आगे बढ़ाया गया है। उद्योग जगत के लिए सोलर विनिर्माण के लिए प्रोत्साहित किया गया है कि इसमें रूफ टॉप सोलर स्कीम भी है। हम कोल गैसिफिकेशन और बैटरी स्टोरेज को प्रोत्साहन दे रहे हैं, तो जैव ईंधन प्रोत्साहन के लिए गोवर्धन और ग्रीन जैसी योजना है। बजट में ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में निजी निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए 19 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आज का भारत जो लक्ष्य तय करता है, उसे समय से पहले पूरा कर लेता है

उन्‍होंने भारत में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा बढ़ाने और इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को समय से पहले हासिल करने की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत 2014 के बाद से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे तेजी से प्रगति करने वाला बड़ा देश है। भारत जो लक्ष्य तय करता है, उसे समय से पहले पूरा कर लेता है। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग शुरु करने का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने बताया इस पर चर्चा क्‍यों है जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पवन और सौर ऊर्जा का क्षेत्र पेट्रोलियम की तरह ही सोने की खान है। श्री मोदी ने हरित ऊर्जा और हरित वृद्धि के लिए इस बार के बजट में किए गए प्रावधानों को लागू करने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए, कहा कि यह चर्चा इसलिए नहीं है कि बजट में क्या हुआ, क्या नहीं हुआ। बजट आ चुका है हम इसकी एक-एक चीज को कैसे लागू कर सकते हैं। इस पर चर्चा करनी चाहिए।

बतादें कि बजट उपरांत वबिनार श्रृंखला की शुरुआत 2021 में हुयी थी इस बार 12 वेबिनार आय़ोजित किए जाएंगे, जिसमें केन्द्र और राज्यों के संबंधित विभाग के मंत्री अधिकारी और उद्योग तथा अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि, बजट के प्रावधानों क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे। पर्यावरण संरक्षित विकास इस साल के केंद्रीय बजट की सात शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। इसका उद्देश्‍य देश में पर्यावरण संरक्षित औद्योगिक और आर्थिक परिवर्तन लाना तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि एवं टिकाऊ ऊर्जा अपनाना है।

इससे बड़ी संख्‍या में हरित रोजगारों का सृजन भी होगा। इस साल केंद्रीय बजट में पर्यावरण संरक्षित विकास के लिए विभिन्‍न क्षेत्रों और मंत्रालयों की कई परियोजनाएं प्रस्‍तावित हैं। इनमें ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, ऊर्जा परिवर्तन, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय परियोजनाएं, ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम, गोबरधन योजना तथा पुराने वाहनों को बदलने जैसी योजनाएं हैं।(एएमएपी)