दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने रविवार को 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली की आप सरकार में सिसोदिया के पास आबकारी, शिक्षा और वित्त विभाग समेत 18 मंत्रालयों का जिम्मा है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने चुनौती और संभावित संकट बढ़ गया है। क्योंकि, दिल्ली में बच्चों के एग्जाम शुरू हो गए हैं। नए सेशन के एडमिशन होने हैं। बजट भी विधानसभा के पटल पर पेश किया जाना है और मंत्री सिसोदिया इन सबसे दूर रहेंगे।बता दें कि दिल्ली सरकार में कुल 33 विभाग हैं और डिप्टी सीएम सिसोदिया के पास सबसे ज्यादा 18 विभाग का कार्यभार है। जबकि खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास कोई विभाग नहीं है। इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी जेल भेजे जा चुके हैं। ईडी ने 30 मई 2022 में सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। एक साल के अंदर केजरीवाल सरकार के दो मंत्री सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। गिरफ्तारी के बाद से जैन के छह महत्वपूर्ण विभाग भी सिसोदिया के पास आ गए थे।

केजरीवाल के सामने बढ़ गईं चुनौती?


केजरीवाल सरकार में दोनों मंत्रियों के कामों की पार्टी खुलकर तारीफ करती आई है। आम आदमी पार्टी दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सफल संचालन को अन्य राज्यों के चुनाव प्रचार में गुड वर्क के रूप में गिनाती आई है। फिलहाल, दोनों बड़े मंत्रियों की अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास दिल्ली में अपने शासन के एजेंडे को लागू करने के लिए कोई कद्दावर चेहरा नहीं है।

‘दिल्ली सरकार को पेश करना है बजट’

केजरीवाल के लिए तत्काल चुनौती के रूप में बच्चों की परीक्षाएं और दिल्ली सरकार के बजट को निर्धारित तरीके से पेश करने को लेकर है। ऐसे में सरकार को सिसोदिया की जगह लेने वाले किसी नए नेता की तलाश करनी होगी। आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत अगले वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकार का बजट पेश कर सकते हैं। आप के एक पदाधिकारी ने बताया कि चूंकि ऐसी संभावना थी कि उपमुख्यमंत्री को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है, ऐसे में गहलोत पिछले कुछ दिनों से बजट से संबंधित बैठकों में भाग ले रहे थे। गहलोत के 2023-24 का बजट पेश करने की संभावना है। इसे अगले महीने पेश किया जाना है।

शिक्षा विभाग के कामों पर भी पड़ेगा असर

दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के कामों पर भी असर पड़ेगा। बच्चों की परीक्षाएं भी सकुशल संपन्न कराना बड़ी चुनौती है। 10वीं और 12वीं की सीबीएसई की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो गई हैं। 10वीं की परीक्षाएं 21 मार्च तक चलेंगी। जबकि 12वीं की परीक्षाएं 5 अप्रैल को समाप्त होंगी। इतना ही नहीं, दिल्ली के सरकारी और एनडीएमसी स्कूलों में भी 15 फरवरी से परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। जबकि, कक्षा 4 से 8 तक की परीक्षा 2 मार्च से शुरू होंगी और कक्षा तीन की परीक्षा 9 मार्च से शुरू होगी। सभी कक्षा की परीक्षाएं 18 मार्च तक समाप्त हो जाएंगी। ऐसे में बिना शिक्षा मंत्री के सरकार के सामने संकट खड़ा हो गया है।

दिल्ली सरकार की वेबसाइटों के मुताबिक, कुल 33 विभाग हैं। इनमें से सिसोदिया के पास स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सेवाओं, वित्त, बिजली, गृह और शहरी विकास समेत 18 मंत्रालयों की जिम्मेदारी है।

बिना विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन भी जेल में

मुख्यमंत्री केजरीवाल के अलावा, दिल्ली सरकार में छह कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें जेल में बंद सत्येंद्र जैन भी शामिल हैं, जो अभी भी बिना विभाग के मंत्री हैं। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के पास केवल तीन विभाग हैं। जबकि इमरान हुसैन के पास केवल दो विभाग हैं- खाद्य और नागरिक आपूर्ति और चुनाव। कैलाश गहलोत राजस्व और परिवहन समेत छह विभागों के प्रभारी हैं, जबकि राज कुमार आनंद के पास चार विभाग हैं।

सीबीआई ने 8 घंटे की पूछताछ के बाद सिसोदिया को अरेस्ट किया

बता दें कि सीबीआई ने रविवार शाम को केजरीवाल के करीबी सिसोदिया को लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद 2021-22 के लिए अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी द्वारा पिछले साल 17 अगस्त को केस दर्ज किए जाने के बाद सिसोदिया को पूछताछ के लिए दूसरी बार तलब किया गया था। उनसे पिछले साल 17 अक्टूबर को पूछताछ की गई थी।

सिसोदिया की गिरफ्तारी पर सीएम केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला बोला और इसे ‘गंदी राजनीति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मनीष बेकसूर हैं। उनकी गिरफ्तारी गंदी राजनीति है। लोगों में नाराजगी है। लोग सब कुछ देख रहे हैं। लोग अब सब कुछ समझते हैं और इसका जवाब देंगे। इससे हमारा हौसला बढ़ेगा और हमारा संघर्ष और मजबूत होगा।(एएमएपी)