केंद्र सरकार निरंतर भारत में सड़क परिवहन को उन्नत बनाने का प्रयत्न कर रही है। केंद्र सरकार की तरफ से इस साल भी सड़क परिवहन विभाग के बजट में बढ़ोतरी की गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बलिया जिले के चितबड़ा गांव में 6500 करोड़ रुपये की लागत की सात राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

किन विकास परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिन कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें 131 किलोमीटर के गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट मार्ग के सुदृढ़ीकरण का कार्य, 35 किलोमीटर के सिकंदरपुर-हनुमानगंज-बलिया का सुदृढ़ीकरण व गाजीपुर जिले में गाजीपुर बलिया मार्ग पर बेसो नदी पर सेतु का निर्माण कार्य शामिल है। गडकरी ने गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट (यूपी-बिहार सीमा) तक फोर-लेन ग्रीनफील्ड-वे और बक्सर के लिए 17 किमी के लिंक रोड के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा गाजीपुर जिले में 840 करोड़ की लागत से बनने वाले 54 किमी के मरदह-जखनिया-सादात-सैदपुर मार्ग के टू-लेन पेव्ड शोल्डर निर्माण कार्य, यूपी-बिहार सीमा से चंदौली तक 130 किमी की लागत से 11 किमी तक बनने वाले टू-लेन पेव्ड शोल्डर निर्माण कार्य तथा गाजीपुर-बलिया मार्ग पर माल्देपुर से कदम चौराहा तक 50 करोड़ की लागत से बनने वाले पांच किमी मार्ग का निर्माण कार्य का शिलान्यास हुआ।

USA स्टैंडर्ड का होगा हिंदुस्तान का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर

केंद्र सरकार इस टारगेट के साथ आगे बढ़ रही है कि 2024 समाप्त होने से पहले हिंदुस्तान का रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर USA स्टैंडर्ड का होगा। आज हमारे देश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या लगभग पचास लाख तक पहुंच चुकी है। ऐसे में हिंदुस्तान के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारना केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। आज लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2024 समाप्त होते-होते यूपी की सड़कें भी अमेरिका के बराबर होंगी। यूपी में NHIकी तरफ से दो लाख 80 हजार करोड़ रुपये के कार्यों की शुरुआत हुई है। साल 2014 से 2023 तक 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से पांच हजार किलोमीटर के कार्य पूर्ण हुए हैं। वर्ष 2023 से 2024 तक एक लाख करोड़ की लागत से तीन हजार किलोमीटर के कार्य पूरे किए जाएंगे।

सड़क पर लैंड होंगे हवाई जहाज

भारत में बनने वाले एक्सप्रेसवे केवल सफर को सुगम ही नहीं बनाएंगे बल्कि आपात स्थिति में इस पर फाइटर प्लेन भी उतारे जा सकेंगे। सपनों की इस सड़क को रोड रनवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार 26 ऐसी सड़कें बनाने पर जोर दे रही है जहां प्लेन लैंड होंगे।

केंद्र सरकार का विजन

राष्ट्रीय राजमार्ग माल और यात्रियों की सहज आवाजाही और बाजार तक पहुंच में सुधार करके देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्रालय और उसकी कार्यान्वयन एजेंसियों ने भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना की क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले आठ वर्षों में अनेक पहलों पर काम किया है। हमारे देश में सड़कों का नेटवर्क लगभग 63.73 किमी है, जो दुनिया में सबसे विशाल है। वर्ष 2014-15 और 2021-22 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के निर्माण की गति लगातार बढ़ी है, जिसका कारण कॉरिडोर आधारित राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के जरिये निरंतर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2014-15 में NH निर्माण की गति लगभग 12 किमी/दिन थी जो 2021-22 में बढ़कर लगभग 29 किमी/दिन हो गई। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और बेंगलुरु-हैदराबाद एक्सप्रेस वे- के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) परियोजना बिछाने का काम जारी है। लेकिन पिछले कुछ सालों से वृक्षारोपण, उनके प्रत्यारोपण, सौंदर्यीकरण और रखरखाव पर भी जोर दिया जा रहा है और इसलिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा देशभर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाये जा रहे हैं। (एएमएपी)