पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 13वीं किस्त जारी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के तहत लगभग 16,800 करोड़ रुपये की 13वीं किस्त देशभर के 8 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) द्वारा जमा की है। योजना के अनुसार पात्र किसान परिवारों को 2000 रुपये की तीन किस्तों में प्रति वर्ष 6000 रुपये दिए जाते हैं।
Our Government’s focus on agriculture is reflected in the series of transformations seen since 2014. pic.twitter.com/PnFlCMmfwL
— Narendra Modi (@narendramodi) February 27, 2023
करोड़ों किसानों के बैंक खातों में 16 हजार करोड़ रु. से अधिक पहुंचे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बेलगावी से पूरे हिंदुस्तान को बड़ी सौगात मिली है। देश के किसानों को आज यहां से पीएम-किसान की एक और किस्त भेजी गई है। बस एक क्लिक पर देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में 16 हजार करोड़ रु. से अधिक पहुंचे हैं, इतनी बड़ी रकम पलभर में ट्रांसफर हुई, कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट-कमीशन नहीं, कोई करप्शन नहीं, ये मोदी की सरकार है, पाई-पाई आपकी है, आपके लिए है। भारत में 80-85% छोटे किसान हैं, अब यही छोटे किसान सरकार की प्राथमिकता में हैं। इन छोटे किसानों के खातों में अब तक लगभग 2.5 लाख करोड़ रु. जमा किए जा चुके है, इसमें भी 50 हजार करोड़ रु. से ज्यादा पैसे किसानी करने वाली हमारी माता-बहनों के खाते में जमा हुए हैं।
As far as agriculture is concerned, we are as much focused on the future as we are on the present. pic.twitter.com/TmNjcGrw2i
— Narendra Modi (@narendramodi) February 27, 2023
इस बार हमारा कृषि बजट 1.25 लाख करोड़ रु. से ज्यादा
प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 के बाद से देश लगातार कृषि में एक सार्थक बदलाव की ओर बढ़ रहा है। हम कृषि को आधुनिकता के साथ जोड़ रहे हैं। 2014 में कृषि का बजट 25 हजार करोड़ रु. था, जबकि इस बार हमारा कृषि बजट 1.25 लाख करोड़ रु. से ज्यादा है। हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट से जोड़ रहे हैं। हमारी सरकार ने हमेशा गन्ना किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है, इस साल के बजट में भी गन्ना किसानों से जुड़ा एक अहम् फैसला लिया गया है। हमने किसानों के लिए पीएम प्रणाम योजना शुरू की है, इसके माध्यम से केमिकल फ़र्टिलाइज़र का प्रयोग कम करने वाले राज्यों को केंद्र से अतिरिक्त मदद मिलेगी।
Our Government has taken decisions that will make Shree Anna more popular and make the cooperatives sector stronger. pic.twitter.com/JyRi9sigT5
— Narendra Modi (@narendramodi) February 27, 2023
आज का बदलता हुआ भारत हर वंचित को वरीयता देते हुए एक के बाद एक विकास के काम कर रहा
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमारा मोटा अनाज हर मौसम, हर परिस्थिति को झेलने में सक्षम है और ये अधिक पोषक भी होता है, इसलिए इस वर्ष के बजट में हमने मोटे अनाज को श्रीअन्न के रूप में नई पहचान दी है। हम देश की कृषि में भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इसके भीतर प्राण लाने के लिए कृत निश्चयी हैं। आज का बदलता हुआ भारत हर वंचित को वरीयता देते हुए एक के बाद एक विकास के काम कर रहा है। हमारे देश में दशकों तक छोटे किसानों को नजरअंदाज किया गया, अब यही छोटे किसान हमारी सरकार की प्राथमिकता में हैं।
कनेक्टिविटी पर बहुत अधिक फोकस
ऐसा दुनिया के किसी और देश में नहीं होता।
केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर का इस अवसर पर कहना रहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जब किसानों की आमदनी बढ़ाने की बात कही व इसके लिए देश का आह्वान किया तो सरकार की ओर से भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना बनाई गई, जिससे किसानों को लगातार मदद की जा रही है, यह दुनिया का अपने-आप में अभिनव कार्यक्रम है। इतनी बड़ी संख्या में, इतनी बड़ी राशि, किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा हो, ऐसा दुनिया के किसी और देश में नहीं होता। गौरव की बात है कि अब तक लगभग साढ़े 11 करोड़ किसानों के खातों में 2.24 लाख करोड़ रु. प्रधानमंत्री ने अंतरित किए और आज 16,800 करोड़ रु. की 13वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई हैं।
Congress has always insulted Karnataka and leaders from the state. Thus, I am not surprised at how Kharge Ji was treated in Raipur. pic.twitter.com/S17juuCs91
— Narendra Modi (@narendramodi) February 27, 2023
एग्री स्टार्टअप को मदद देने के साथ ही, प्राकृतिक खेती, मिलेट्स व बागवानी फसलों को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जबसे कामकाज संभाला, तबसे लगातार उनकी कोशिश रही है कि किसान कैसे समृद्धशाली हो, देश कैसे आगे बढ़े, गांव-गरीब-किसान की हालत कैसे सुधरे, इसलिए अब कृषि मंत्रालय का बजट 1.25 लाख करोड़ रु. कर दिया गया है, जिसका फायदा देशभर के किसानों को मिल रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 1 लाख करोड़ रु. का एग्री इंफ्रास्ट्रकचर फंड एवं कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए 50 हजार करोड़ रु. से ज्यादा के फंड दिए गए हैं। हर जगह गैप्स भरने के लिए तथा किसान मुनाफे की खेती करें, इसके लिए पर्याप्त निवेश की व्यवस्था की है। इस बार के बजट में भी एग्री स्टार्टअप को मदद देने के साथ ही, प्राकृतिक खेती, मिलेट्स व बागवानी फसलों को बढ़ावा देने, कृषिक्षेत्र में टेक्नालाजी के जरिये विकास, प्लांटेशन को बढ़ाने, हर विषय के लिए पर्याप्त प्रावधान किए हैं, जिससे भारतवर्ष की खेती को काफी फायदा मिल रहा है और मिलेगा।
कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़कर 4 लाख करोड़ रु. से अधिक हुआ
तोमर ने किसानों को धन्यवाद दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही नीतियों का पूरा लाभ ले रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी दिनों-दिन बढ़ रही है। कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़कर 4 लाख करोड़ रु. से ज्यादा हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। आज यह जो परिणाम हमें दिखाई दे रहा है, साथ ही खाद्यान्नों के मामले में हम आत्मनिर्भर है, अधिकांश कृषि उत्पादों में दुनिया में भारत पहले या दूसरे नंबर पर हैं, यह सब मोदीजी की नीतियों के कारण संभव हो रहा है।
प्रधानमंत्री की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट ईयर घोषित किया
उनका कहना यह भी रहा है कि राज्य सरकारों व किसानों के साथ मिलकर भारत सरकार कोशिश कर रही है कि किसान आगे बढ़ें, ऐसा होने पर देश आगे बढ़ेगा, किसानों के घर समृद्धि आएगी तो देश में समृद्धि आएगी, इसलिए सब मिलकर किसानों को आगे बढ़ाएं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहले योग दिवस के प्रस्ताव को माना, जिसे अधिकांश देश अपना रहे हैं, इसी तरह मिलेट (श्रीअन्न) दुनिया में प्रचारित हों, भोजन की थाली में प्रतिष्ठा पाएं, इसलिए प्रधानमंत्री की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट ईयर घोषित किया है, मिलेट्स का उत्पादन-उत्पादकता बढ़े, इस दिशा में सभी चिंता करें, श्रीअन्न की खपत बढ़ें, साथ ही इनका निर्यात बढ़ें।(एएमएपी)



