प्रदीप सिंह।
आम आदमी पार्टी का ड्रामा और हंगामा दोनों जारी है। अब जरा इस ड्रामे के पीछे की कहानी को समझिए। आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद दो आरोप लगाए हैं। पहला, तिहाड़ जेल में उनको परेशान किया जा रहा है। दूसरा, तिहाड़ में सिसोदिया की हत्या कराई जा सकती है, उनकी जान को खतरा है। जान को खतरा वाली बात संजय सिंह ने कही है जो आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य हैं। सौरभ भारद्वाज ने भी यही बात कही। आम आदमी पार्टी के नेता सरेआम कह रहे हैं कि मनीष सिसोदिया को परेशान किया जा रहा है, जेल में उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है।
अब आप जरा तथ्यों पर गौर कीजिए। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ मंत्री, अरविंद केजरीवाल के करीबी और रिश्तेदार सत्येंद्र जैन नौ महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं। जब तक मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी नहीं हुई और अदालत ने उन्हें सीबीआई रिमांड पर नहीं भेजा तब तक सत्येंद्र जैन मंत्री पद पर बने रहे। पहला सवाल उठता है कि सत्येंद्र जैन नौ महीने तक मंत्री पद बने रहे तो क्यों और मनीष सिसोदिया को तिहाड़ पहुंचने से पहले मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया तो क्यों? जब मनीष सिसोदिया का इस्तीफा हुआ तभी सत्येंद्र जैन का भी हुआ। परिस्थितियों में ऐसा क्या बदलाव हो गया कि नौ महीने तक सत्येंद्र जैन का इस्तीफा नहीं हुआ और मनीष सिसोदिया का तत्काल हो गया। इसके पीछे की कहानी क्या है यह भी जानना दिलचस्प होगा। हालांकि, इसके बारे में अरविंद केजरीवाल ही बता सकते हैं कि आखिर नौ महीने तक जेल में रहने के बावजूद सत्येंद्र जैन क्यों मंत्री बने रहे और मनीष सिसोदिया जेल पहुंचने से पहले मंत्रिमंडल से क्यों निकाल दिए गए। दूसरी बात, जेल में सत्येंद्र जैन को मसाज कराने से लेकर हर तरह की सुविधा उपलब्ध है, उनको अपना दफ्तर चलाने की सुविधा उपलब्ध है। काफी समय तक वह जेल मंत्री भी रहे, बाकी विभाग भी उनके पास रहे। कई महीनों बाद उनसे विभाग लिए गए और उनको बिना विभाग का मंत्री बनाया गया। तब तक जेल से वह अपना मंत्रालय चलाते रहे। जेल में उनसे मिलने के लिए अधिकारी जाते रहे, और लोग भी जाते रहे।
जैन को सुविधाएं तो सिसोदिया परेशानी में क्यों

जेल में उनके लिए तरह-तरह का खाना आता रहा जिस तरह का वह चाहते थे। साथ ही सब सुविधाएं मिलती रहीं, अलग कमरा, एसी, सेवक, सेवादार सब मिल रहे थे। तिहाड़ जेल में अब तक सत्येंद्र जैन को क्यों नहीं परेशान किया गया, मनीष सिसोदिया को पहुंचते ही क्यों परेशान किया जा रहा है। कोई तो वजह होगी। या तो इस आरोप में सच्चाई है या फिर यह आरोप झूठा है। अगर आरोप में सच्चाई है तो इसका कोई कारण होगा। अगर आरोप झूठा है तो आम आदमी पार्टी के लिए झूठे आरोप लगाना सामान्य बात है। अब दूसरी बात यह है कि मनीष सिसोदिया को जेल में जान का खतरा है, जबकि तिहाड़ जेल दिल्ली में स्थित है और इसका पूरा प्रशासन दिल्ली सरकार के अधीन है। इसकी वेबसाइट पर आप जाएंगे तो उस पर अरविंद केजरीवाल का मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखाई देगा। जिस जेल का प्रशासन अरविंद केजरीवाल के हाथ में है उस जेल में मनीष सिसोदिया को क्यों परेशान किया जा रहा है और सत्येंद्र जैन को सारी सुविधाएं क्यों दी जा रही है। दोनों का कारण समझने की कोशिश कीजिए। अगर सत्येंद्र जैन को सुविधाएं मिल रही हैं तो उसका कारण हैं अरविंद केजरीवाल, अगर सिसोदिया को परेशान किया जा रहा है तो उसका कारण कोई और कैसे हो सकता है। तिहाड़ जेल में केंद्र सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
तिहाड़ प्रशासन ने आरोप को बताया निराधार

आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि जेल में उन्हें दुर्दांत अपराधियों के साथ रखा गया है। इस पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह सब बातें निराधार हैं। उनको सीजे 1 सेल में एक अलग एन्क्लोजर बनाकर रखा गया है। उसमें कोई माफिया और कोई दुर्दांत अपराधी नहीं है, बहुत कम लोग हैं। जो लोग हैं उनका जेल में व्यवहार अच्छा रहा है। उनको जो सुविधाएं देने के लिए अदालत ने कहा था वह सब मिल रही हैं। इसलिए यह आरोप कि मनीष सिसोदिया से दुर्व्यवहार हो रहा है यह पूरी तरह से बेबुनियाद है। दिल्ली सरकार का एक विभाग अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह की बात कह रहा है कि कि वह झूठ बोल रहे हैं। सीधे तो नहीं कह रहे हैं लेकिन उनके बयान का मतलब यही है कि आम आदमी पार्टी के नेता झूठ बोल रहे हैं। दूसरी बात, मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन करने के लिए जब सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। तिहाड़ जेल का प्रशासन अपनी सरकार के हाथ में है, वहां हमारे कई लोग हैं, मेरी उनसे बातचीत होती रहती है, सब मौज मस्ती में हैं। कोई चिंता की बात नहीं है, आपको भी चिंता करने की बात नहीं है। सत्येंद्र जैन सहित जो लोग पहले से जेल में हैं आखिर वो लोग मौज मस्ती में हैं तो मनीष सिसोदिया क्यों नहीं हैं। अब आप इस मुद्दे की गुत्थी को समझने की कोशिश कीजिए कि मनीष सिसोदिया के पहुंचते ही तिहाड़ जेल आम आदमी पार्टी के नेताओं के लिए असुरक्षित हो गई। उससे पहले तक वहां रामराज्य था, आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं के लिए सारी सुविधाएं मुहैया थीं।
सिसोदिया की जान किसके लिए फायदेमंद

अब सवाल यह है कि अगर सचमुच मनीष सिसोदिया की जान को खतरा है तो उससे पहले एक सवाल आता है कि उनकी जान लेने से फायदा किसको होने वाला है? कम से कम केंद्र सरकार को तो नहीं होने वाला है क्योंकि मनीष सिसोदिया हैं तो उन्हीं के जरिये केंद्र सरकार या केंद्रीय जांच एजेंसियां अरविंद केजरीवाल तक पहुंच सकती हैं। वह सबसे मजबूत कड़ी हैं शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल तक पहुंचने की तो केंद्र सरकार क्यों चाहेगी कि वह मजबूत कड़ी टूट जाए, क्यों मनीष सिसोदिया न रहें। दूसरी बात, मनीष सिसोदिया खतरा किसके लिए हैं? जाहिर है कि उन्हें वही मारना चाहेगा जिसके लिए वह खतरा हैं। बड़ा स्पष्ट है कि वह केंद्र सरकार के लिए खतरा नहीं हैं। खतरा हैं उनके लिए जो लोग शराब घोटाले में अभी तक एक्सपोज नहीं हुए हैं। जो हो गए, जिनकी गिरफ्तारी हो गई, जो जेल चले गए, जिनके खिलाफ जांच चल रही है और वे किसी भी समय गिरफ्तार हो सकते हैं, उन सब लोगों को छोड़ दीजिए। इसका मतलब कुछ ऐसे किरदार हैं जो अब भी पूरी तरह से एक्सपोज नहीं हुए हैं। उनके बारे में आशंका है कि वह भी इसमें शामिल हैं लेकिन अभी तक कोई प्रमाण उनके खिलाफ नहीं आया है। वह प्रमाण अगर कोई दे सकता है तो एकमात्र मनीष सिसोदिया हैं। जाहिर है कि वह प्रमाण बीजेपी के किसी नेता के खिलाफ तो होगा नहीं। शराब घोटाले में बीजेपी का तो कोई नेता शामिल है नहीं। जाहिर है कि आम आदमी पार्टी का ही कोई नेता होगा।
कौन हो सकता है वह
कौन ऐसा प्रभावशाली नेता है जिसके बारे में अगर लोगों को पता चल जाएगा तो वह इस हद तक जा सकता है कि मनीष सिसोदिया की जान भी ले सकता है। इन तथ्यों को देखते हुए अगर मनीष सिसोदिया पर जानलेवा हमला होता है तो उसका सबसे ज्यादा फायदा अरविंद केजरीवाल को मिलने वाला है क्योंकि शराब घोटाले की जो जांच है वहीं खत्म हो जाएगी। मनीष सिसोदिया की जान को अगर खतरा है तो अपनों से है। या फिर यह आरोप पूरी तरह से झूठा है और एक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बरगलाने की कोशिश हो रही है, भ्रष्टाचार से उनका ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है। भ्रष्टाचार की बजाय उनका ध्यान इस बात पर रहे कि हमारे नेता की जान खतरे में है, उनके खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है, उनको जेल में परेशान किया जा रहा है। यह सब झूठ चलाने का मतलब क्या है। एक तो यह राजनीतिक प्रोपेगेंडा हो सकता है, दूसरा, इसके पीछे कहीं न कहीं कोई रणनीति हो सकती है। मैंने अभी तक जितनी बात कही है उससे अगर आपको लग रहा है कि मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं कि मनीष सिसोदिया को जान का खतरा अरविंद केजरीवाल से है या अरविंद केजरीवाल उनकी हत्या कराना चाहते हैं तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैं यह कतई नहीं कह रहा हूं। अरविंद केजरीवाल यह कतई नहीं करना चाहेंगे और न करेंगे। फिर सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी के लोग यह सवाल क्यों उठा रहे हैं, क्यों बार-बार यह कहा जा रहा है कि मनीष सिसोदिया की जान को खतरा है। इसका एक सीधा कारण जो समझ में आता है वह यह कि इस घोटाले के तार बहुत दूर तक फैले हुए हैं। यह घोटाला केवल मनीष सिसोदिया तक नहीं रुकता। मैं नहीं जानता कि अरविंद केजरीवाल की इसमें कितनी भागीदारी है लेकिन उनकी जानकारी में यह सब हुआ है। अब सवाल सिर्फ इतना है कि क्या पैसे में हिस्सेदारी थी, इसके बारे में अभी तक कोई प्रमाण नहीं है। इसलिए जब तक यह प्रमाणित न हो जाए यह आरोप नहीं लगाया जा सकता।
मुंह बंद रखने का संदेश

तो फिर अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लोग ऐसा क्यों बोल रहे हैं? इसलिए कि यह सीधा-सीधा संदेश है मनीष सिसोदिया को कि मुंह बंद रखो नहीं तो तुम्हारे लिए खतरा है। मुंह बंद नहीं रखोगे तो जेल में परेशान किया जा सकता है क्योंकि जेल हमारे अधीन है। तिहाड़ जेल में वह होगा जो हम चाहेंगे। इसलिए हम जो कह रहे हैं, यह हम भले ही अपने कार्यकर्ताओं को बरगलाने के लिए कह रहे हैं कि केंद्र सरकार पर आरोप जाए, जबकि केंद्र सरकार का तिहाड़ जेल के प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में एक संदेश यह है कि अगर बोलने की कोशिश करोगे तो परेशान किया जाएगा। अगर मुंह खोलने की कोशिश करोगे और सबको इसमें नंगा करने की कोशिश करोगे तो तुम्हारी जान को भी खतरा हो सकता है। खतरा होगा या नहीं लेकिन इस डर का सबसे ज्यादा असर परिवार पर होगा। परिवार का दबाव होगा मनीष सिसोदिया पर कि मुंह मत खोलिए। जांच एजेंसी के पास जो प्रमाण हैं उस आधार पर जितनी सजा मिलनी हो मिल जाने दीजिए। जान रहेगी तो बहुत कुछ आगे देख लेंगे। मनीष सिसोदिया के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं अरविंद केजरीवाल क्योंकि सिसोदिया उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। अपनी इमेज पाक साफ रखने के लिए, अपनी सरकार की इमेज बचाने के लिए केजरीवाल किसी भी हद तक जा सकते हैं। राजनीति में वैसे भी इमोशन नाम की कोई चीज होती नहीं है, अरविंद केजरीवाल की राजनीति में तो बिल्कुल नहीं है। वह जिस तरह के निष्ठुर व्यक्ति हैं उनसे किसी तरह की नरमी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इसलिए अरविंद केजरीवाल अपनी छवि बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
मुंह खुलेगा तो आप के पापों का घड़ा फूटेगा

अब मान कर चलिए कि उन्होंने एक तरह से मनीष सिसोदिया से पल्ला झाड़ लिया है क्योंकि उनको मालूम है कि सीबीआई के बाद अब ईडी भी पहुंच गई है जिसने पांच घंटे तक पूछताछ की है। ईडी उन्हें रिमांड पर भी ले सकती है। मैं बार-बार आपको बताता रहा हूं, एक बार फिर बताता हूं उनके लिए जिन्हें मालूम न हो सीबीआई और ईडी की पूछताछ के बारे में। सीबीआई और ईडी में फर्क यह है कि सीबीआई की जो पूछताछ होती है उसको अभियुक्त कोर्ट में चुनौती दे सकता है कि मुझ पर दबाव बनाकर यह लिखवाया गया है, मैंने ऐसा नहीं बोला नहीं है। सीबीआई को उसके पक्ष में सुबूत जुटाना पड़ता है। ईडी का मामला थोड़ा अलग है। ईडी के सामने अभियुक्त जो बयान देता है वह कलमबंद तो किया ही जाता है, उस पर उसके दस्तखत होते हैं, उसकी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। इन तीनों चीजों को अदालत में पेश किया जाता है और इन तीनों को अदालत सुबूत मानती है। अदालत में अभियुक्त मुकर नहीं सकता है कि यह बयान उसने नहीं दिया है या दबाव में यह बयान दिलवाया गया है। इसलिए ईडी की पूछताछ से बचने की कोशिश ज्यादातर लोग करते हैं। इसलिए ईडी के फंदे में जल्दी फंसना नहीं चाहते हैं। ईडी की पूछताछ में मनीष सिसोदिया कब तक मुंह बंद रखेंगे सवाल इस बात का है। जिस दिन मनीष सिसोदिया का मुंह खुलेगा आम आदमी पार्टी के पापों का घड़ा फूटेगा। सिसोदिया पार्टी को और अपने नेता को बचाएंगे या खुद को बचाने के लिए सब कुछ उगल देंगे।
उनको मालूम है कि अब वह बच नहीं सकते। उनको जेल में रहना है। कितने साल रहना है सवाल सिर्फ इसका है। अगर दो साल से ज्यादा की सजा हुई तो वह चुनाव लड़ने लायक भी नहीं रह जाएंगे। उनका राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा। इन सबका आकलन करते हुए वह क्या फैसला करते हैं इस पर निर्भर करता है आम आदमी पार्टी का भविष्य।
(लेखक राजनीतिक विश्लेषक और ‘आपका अखबार’ न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल के संपादक हैं)


