अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बड़ी सफलता मिली है। भारत कड़े मुकाबले में चार साल की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के लिए चुना गया है। भारत ने चीन समेत अन्य देशों को पीछे छोड़ते हुए ये सफलता हासिल की।
भारत की जीत बड़ी है और उसे 53 में से 46 वोट मिले हैं। एशिया प्रशांत क्षेत्र से दूसरे सदस्य के रूप में दक्षिण कोरिया को चुना गया। भारत का चुनाव गुप्त मतदान से हुआ, जबकि अर्जेंटिना, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया, यूक्रेन, यूनाइडेट रिपब्लिक ऑफ तंजानिया और अमेरिका निर्विरोध चुने गए। चार साल का कार्यकाल अगले साल 1 जनवरी से शुरू होगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कड़े मुकाबले में इस बड़ी जीत के लिए भारतीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत की ‘सांख्यिकी, विविधता और जनसांख्यिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता से उसे संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग एक सीट पाने में मदद की है। एशिया प्रशांत क्षेत्र से अभी जापान और समोआ के साथ कुवैत और दक्षिण कोरिया सदस्य हैं। जापान और समोआ का कार्यकाल अगले साल और कुवैत और दक्षिण कोरिया का कार्यकाल इसी साल खत्म हो रहा है।
एचआईवी/एड्स पर यूएन कार्यक्रम का सदस्य चुना गया भारत
भारत ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘आधिकारिक सांख्यिकी के क्षेत्र में भारत का अनुभव विशेष रूप से इसकी विविधता और जनसांख्यिकी के संबंध में बहुत अधिक है और यह सांख्यिकीय आयोग के कामकाज के लिए एक मूल्यवान अतिरिक्त होगा।’
भारत को अर्जेंटीना, बुरुंडी, चिली, चीन, डोमिनिकन गणराज्य, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, मैक्सिको, मोरक्को, नाइजीरिया, पेरू, कतर, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड के साथ नारकोटिक ड्रग्स पर आयोग के लिए चुना गया था। संयुक्त गणराज्य तंजानिया, उरुग्वे और जिम्बाब्वे को 1 जनवरी, 2024 से शुरू होने वाले चार साल के कार्यकाल के लिए।(एएमएपी)



