मई के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार मई में कई राज्यों में गर्म हवाएं चल सकती हैं तो कई राज्यों में तेज बारिश हो सकती हैं। ऐसे में किसान संकट में है कि गर्म हवाओं में पानी अधिक की जरूरत पड़ेगी तो सिंचाई का संकट गहरा सकता है। वहीं, पानी अधिक बरसा तो फसल बुवाई पर फर्क पड़ सकता है। भारत में मई में अल नीनो का प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में मौजूद तटस्थ अल नीनो का प्रभाव रह सकता है। इसी कारण कई राज्यों में बारिश के आसार हो सकते हैं। अल नीनो या भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के गर्म होने का प्रभाव भारत में भी देखने को मिल सकता है।

अधिक बारिश है तो बुवाई करने से बचें

महाराष्ट्र और कर्नाटक में अधिक तेज बारिश दर्ज की जा रही है। ओलावृष्टि और हवाएं बहुत तेज होने की खबरें भी सामने हो रही हैं। फसलों के बर्बाद होने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश अधिक हो रही है तो किसानों को इन राज्यों में बुवाई करना चाहिए। यदि किसी जिले में हल्की बारिश है तो यह सिंचाई कर सकते हैं।

उत्तर भारत में सिंचाई में राहत

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश होने की खबरें सामने आ रही हैं। बारिश किसानों को राहत दे सकती है। बारिश पड़ने से मिटटी मुलायम हो जाएगी और बीज बुवाई में कठिनाई नहीं होगी। न ह किसान को अधिक बारिश की जरूरत पड़ेगी।

झारखंड, बिहार में चल सकती हैं लू

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है मई में बिहार, झारखंड लू प्रभावित राज्य हो सकते हैं। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा भी लू की चपेट में आ सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तटीय गुजरात भी सामान्य से अधिक गर्म रह सकता है। ऐसे में किसान यहां सिंचाई का बंदोबस्त करके चलें। अधिक पानी की जरूरत पड़ेगी।(एएमएपी)