पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के तीन नेताओं ने इमरान खान की पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। 9 मई के दंगों के बाद से कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, मलीका बुखारी ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘मैं 9 मई को हुई घटनाओं की निंदा करती हूं। हर पाकिस्तानी के लिए 9 मई को हुई घटनाएं बहुत दर्दनाक हैं।’पीटीआई पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हुए बुखारी ने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं थीं और किसी ने मुझे यह निर्णय लेने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वकील के तौर पर मैं पाकिस्तान में पॉजिटिव भूमिका निभाना चाहती हूं। मैं अपने परिवार के साथ भी समय बिताना चाहती हूं।

मलीका बुखारी ने जेल से छूटते छोड़ी पार्टी

मलीका बुखारी ने अडियाला जेल से रिहा होने के घंटों बाद पार्टी छोड़ दी, जहां उन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने की धारा 4 के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद भेजा गया था। बुखारी ने 9 मई की घटनाओं की जांच करने के अधिकारियों के फैसले का समर्थन किया और कहा कि हिंसक घटनाओं के पीछे लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब किसी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है तो कानून के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा जमशेद चीमा ने एक अलग संवाददाता सम्मेलन में कहा- पीटीआई प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद हुई हिंसा के कारण वह और उनकी पत्नी खान के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ नहीं रह सकते। मैं खुद कॉर्प्स कमांडर हाउस में था। वहां जो कुछ हो रहा था उसे देखकर मुझे दुख हुआ। जो लोग इसमें शामिल थे, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।

राजनीति हमारे खून में है- जमशेद चीमा

जमशेद चीमा ने कहा कि अगर उसके कार्यकर्ता हिंसक हैं तो ये पार्टी की विफलता है। राजनीति हमारे खून में है। इसे छोड़ना का फैसला आसान नहीं था। आप राजनीति में देश की सेवा करते हैं, लेकिन सशस्त्र बलों की कीमत पर नहीं।

पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री असद उमर ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तान स्थित द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि उमर ने अदियाला जेल से रिहा होने के तुरंत बाद यह घोषणा की। उमर ने बुधवार को इस्लामाबाद में नेशनल प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने फैसले की घोषणा की थी।(एएमएपी)