भारतीय कुश्ती संघ को दी धमकी।
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने मंगलवार को बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई और पहलवानों को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। पुलिस ने 28 मई को जंतर मंतर से 100 से अधिक महिला-पुरुष पहलवान और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया था। हालांकि, देर शाम सभी महिला पहलवानों को छोड़ दिया गया। उसके बाद अन्य पहलवानों को छोड़ा गया।

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने कहा कि हालिया घटना चिंताजनक है। यह और भी ज्यादा चिंताजक है कि पहलवानों को धरना देने के लिए पुलिस द्वारा अस्थायी रूप से हिरासत में लिया गया। जिस स्थान पर वे एक महीने से विरोध कर रहे थे, उस जगह को भी प्रशासन ने साफ कर दिया। यूडब्ल्यूडब्ल्यू पहलवानों के साथ इस तरह के व्यवहार और हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करता है। अब तक हुई जांच पर भी निराशा व्यक्त करता है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू संबंधित अधिकारियों से आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच करने का आग्रह करता है। अगर 45 दिन के अंदर भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव नहीं हुए तो ऐसे में उसे सस्पेंड किया जा सकता है।
बृजभूषण के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों ने अपने मेडल हरद्विार स्थित हर की पौड़ी पर गंगा में बहाने का ऐलान किया था। हाल ही में पहलवानों ने कहा कि मेडल उनकी जान और आत्मा हैं। इनके गंगा में बह जाने के बाद उनके जीने का भी कोई मतलब रह नहीं जाएगा इसलिए वे इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अंदर से ऐसा महसूस कर रहे हैं कि इस देश में हमारा कुछ बचा नहीं है।(एएमएपी)



