बुधवार की मुलाकात में पहलवानों ने खेल मंत्री के सामने पाँच माँगें रखीं हैं, जिनमें भारतीय कुश्ती महासंघ के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और एक महिला प्रमुख की नियुक्ति शामिल है। पहलवानों ने यह भी मांग रखी है कि बृजभूषण शरण सिंह या उनके परिवार के सदस्य डब्ल्यूएफआई का हिस्सा नहीं होने चाहिए। इसके अलावा मांगों में 28 मई यानी नई संसद भवन के उद्घाटन के दिन पहलवानों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने और बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी (उस पर एचएम ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की जांच पर निर्भर करेगी) की मांग की है।
खेल मंत्री के साथ बातचीत में विनेश फोगट, जो विरोध का एक प्रमुख चेहरा रही हैं, शामिल नहीं थीं क्योंकि वह हरियाणा में अपने गांव बलाली में एक पूर्व-निर्धारित ‘पंचायत’ में भाग लेने के लिए वहां गई हुई हैं। बता दें कि खेल मंत्री ठाकुर ने कल देर रात 12 बजकर 47 मिनट पर पहलवानों के साथ गतिरोध खत्म करने के प्रयास में ट्वीट किया था, “सरकार पहलवानों से उनके मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है। मैंने एक बार फिर पहलवानों को इसके लिए आमंत्रित किया है।”
अनुराग ठाकुर से बातचीत के प्रस्ताव पर पहलवान साक्षी मलिक ने कहा था कि हम सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर अपने वरिष्ठों और समर्थकों के साथ पहले चर्चा करेंगे और जब सभी अपनी सहमति देंगे कि प्रस्ताव ठीक है, तभी हम बातचीत के लिए कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं होगा कि हम सरकार की किसी भी बात को मान लें और अपना विरोध समाप्त कर दें।
अनुराग ठाकुर ने निष्पक्ष जांच का दिया था आश्वासन
इससे पहले केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ग्वालियर में कहा था कि भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

जल्द फाइनल रिपोर्ट दे सकती है पुलिस
दिल्ली पुलिस ने गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह के करीबियों से पूछताछ की। इसके अलावा घर के नौकरों, परिवार के लोगों से भी बात की है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस जल्दी ही इस मामले में फाइनल रिपोर्ट दे सकती है। दिल्ली पुलिस ने 7 महिला पहलवानों की ओर से बृजभूषण सिंह पर लगाए यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए कई लोगों से पूछताछ की है। इन लोगों में एक ओलंपियन, एक कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल विजेता खिलाड़ी और एक इंटरनेशनल रेफरी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी लोगों से लखनऊ में पूछताछ की है। इसके अलावा गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह के स्टाफ और नौकरों से पूछताछ हुई है।
अक्टूबर में यौन शोषण का आरोप, बृजभूषण बोले- मैं तब घर पर ही नहीं था
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस इसलिए गोंडा गई थी ताकि एक पहलवान के उन आरोपों का वेरिफिकेशन हो सके, जिसमें उसने कहा था कि अक्टूबर में बृजभूषण के घर वह गई थीं, तभी उनका यौन शोषण हुआ था। इस बारे में पूछने पर बृजभूषण सिंह ने पुलिस को बताया था कि पहलवान अक्टूबर में जिन दिनों की बात कर रही हैं, उस दौरान वह गोंडा में ही नहीं थे। इसी मामले में पुलिस ने कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। अब दिल्ली पुलिस अपनी रिपोर्ट को फाइनल टच दे रही है और इसे जल्दी ही अदालत में पेश किया जा सकता है और उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
दो बार हुई पूछताछ, आगे भी हूं जांच को तैयार : बृजभूषण
इस बीच बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि मुझसे दो बार पूछताछ हो चुकी है और मैं आगे भी जांच के लिए तैयार हूं। बृजभूषण ने कहा कि कनॉट प्लेस पुलिस थाने में मुझसे दो बार 6-6 घंटे पूछताछ हुई है। यदि इसके आगे भी जरूरत होगी तो मैं जांच में सहयोग के लिए तैयार हूं। हालांकि उन्होंने इस बात को खारिज किया कि दिल्ली पुलिस उनके गोंडा वाले घर गई थी और स्टाफ से पूछताछ की गई है।(एएमएपी)



