बंद नहीं हुए हैं चंद्रबाबू के लिए भाजपा के दरवाजे
भाजपा व तेलुगुदेशम पूर्व में साथ रह चके हैं। इस बार भी दोनों के साथ आने की संभावना बनी हुई है। हालांकि भाजपा ने डी पुरंदेश्वरी को राज्य की कमान सौंप कर साफ कर दिया है कि वह राज्य में एनटी रामाराव की विरासत का कुछ हिस्सा अपने साथ भी लाना चाहती है। एनटी रामाराव की राजनीतिक विरासत उनके दामाद तेलुगुदेशम नेता चंद्रबाबू नायडू संभाल रहे हैं और रामाराव की एक और बेटी डी पुरंदेश्वरी के साथ उनका छत्तीस का आंकड़ा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चंद्रबाबू नायडू के साथ आने के दरवाजे बंद नहीं है, लेकिन यह देखना होगा कि भाजपा को उसमें लाभ है या वह केवल चंद्रबाबू को ही लाभ पहुंचाएगी। इसके अलावा आगे की राजनीति के लिए भी यह गठबंधन करना ठीक होगा या नहीं।
पवन कल्याण के साथ और भी घटक जोड़ने की कवायद
सूत्रों के अनुसार भाजपा लोकसभा व विधानसभा दोनों के लिए पवन कल्याण के साथ तेलुगुदेशम को भी साथ लाने की कोशिश कर रही है। ऐसा होने पर वह लड़ाई में आ सकती है, लेकिन इसमें कई राजनीतिक पेंच भी है। इसके पहले पड़ौसी तेलंगाना का विधानसभा चुनाव होना है। माना जा रहा है कि इसके नतीजे आने का बाद भाजपा गठबंधन को लेकर कुछ फैसला कर सकती है।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में बीते 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 25 सीटों में वाईएसआरसीपी को 22 व तेलुगुदेशम को तीन सीटें मिली थी। विधानसभा में 175 सीटों में वाएएसआरसीपी को 151 व तेलुगुदेशम को 23 सीटें मिली थी व एक अन्य के खाते में गई थी।(एएमएपी)








