Dr. Anil Mishra, Trustee of @ShriRamTeerth commenced the consecration ceremony as the ‘Yajaman’ (main host to perform rituals).
अनिल मिश्र । राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा
अयोध्या । श्री रामजन्मभूमि#RamMandirPranPratishtha pic.twitter.com/NYpiOIoWZZ— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 17, 2024
डॉ. अनिल मिश्र बनेंगे यजमान
राम मंदिर अभिषेक समारोह के मुख्य यजमान अनिल मिश्रा को 10 अलग-अलग तरीकों से स्नान कराया जाएगा। राम मंदिर के वैदिक पुजारी सुनील लक्ष्मीकांत दीक्षित ने बताया कि, “प्राण प्रतिष्ठा समारोह में लगभग 150 विद्वान भाग लेंगे। यजमान की शुद्धि के लिए ‘प्रायश्चित’ प्रार्थना की गई। विष्णु पूजा और गोदान भी किया जाएगा। मूर्ति को साफ करने के बाद इसे मंदिर की ओर ले जाया जाएगा।”बिस्तर का भी त्याग करेंगे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करनी है। इसके लिए वह 11 दिनों के अनुष्ठान पर हैं। इसके आलाव, पीएम मोदी ने खुद ट्रस्ट से रीति-रिवाजों के बारे में पूछा है। प्रधानमंत्री 11 दिनों से उपवास कर रहे हैं। इस दौरान वह नियमों का पालन कर रहे हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले वह पीएम मोदी बिस्तर पर नहीं सोएंगे। इस दौरान वह कठोर उपवास रखेंगे और केवल फलों का सेवन करेंगे। पीएम मोदी लकड़ी की चौकी या खाट पर सिर्फ कंबल बिछाकर सोएंगे।
जटायु की मूर्ति पूजा करेंगे पीएम मोदी
22 को खुलेगी मूर्ति की आंखों पर बांधी गई पट्टी

पीएम मोदी की अपील, घर पर जश्न मनाएं, बाद में आएं अयोध्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि जो भी लोग 22 जनवरी को राम मंदिर अभिषेक समारोह के लिए अयोध्या आने के लिए उत्सुक हैं, उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार बाद में आना चाहिए। 22 जनवरी को हर किसी के लिए अयोध्या पहुंचना बहुत मुश्किल है। राम भक्तों से हाथ जोड़कर उन्होंने अनुरोध है कि 22 जनवरी को अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अपनी सुविधा के अनुसार 23 जनवरी के बाद अयोध्या आ सकते हैं।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 22 जनवरी तक होंगे कई अनुष्ठान कार्यक्रम, जानिए क्या-क्या होगा ?
कौन है डॉ. अनिल मिश्र
प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य यजमान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले डॉ. अनिल मिश्र श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य हैं। वे 1979 से संघ से जुड़े हुए हैं। मूलरूप से अंबेडकरनगर के ग्राम पतोना निवासी हैं। जौनपुर के पीडी बाजार स्थित जयहिंद इंटर कॉलेज से माध्यमिक स्तर की पढ़ाई की। फिर डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथिक कॉलेज में पढ़ने फैजाबाद आ गए। डॉक्टरी की पढ़ाई में कुछ दिन ही बीते थे कि होम्योपैथी को एलोपैथी के समानांतर प्रतिष्ठा दिलाने का आंदोलन छिड़ गया। अनिल मिश्र भी आंदोलन में कूद पड़े, जिसके चलते उन्हें जेल तक जाना पड़ा। (एएमएपी)


