देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। एक ओर जहां त्योहार करीब हैं, वहीं कई राज्य कोविड को लेकर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए हाई लेवल मीटिंग की। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए वैरिएंट का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। इसके लिए जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाई जाए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि एक प्रभावी रणनीति तैयार करनी होगी। इसके साथ ही ये भी सुनिश्चित करना होगा कि बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो।

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली समेत कुछ राज्यों में में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के केसों में उछाल आया है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में अभी 429 कोविड केस एक्टिव हैं, जिनमें 329 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

कोविड के बढ़ रहे मामलों की रोकथाम के लिए महाराष्ट्र और केरल ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है। इन राज्यों ने लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है। वहीं, मुंबई में BMC ने भी एजवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि त्योहारों के दौरान भीड़ जुटने और बड़े कार्यक्रमों की वजह से COVID-19 संक्रमण फैल सकता है। इसे लेकर किसी भी तरह की लापरवाही करना ठीक नहीं है।

ये वैरिएंट बढ़ा रहे टेंशन

कोरोना का यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है। इसका नाम BA.5.1.7 है और यह वायरस काफी तेजी से फैलता है। नए वैरिएंट के बाद हेल्थ एक्सपर्ट ने सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि चीन में कोविड -19 मामलों में आई तेजी का कारण कथित तौर पर BF.7 और BA.5.1.7 वैरिएंट ही बताया जा रहा है। ओमिक्रॉन के नए उप-वेरिएंट बीए.5.1.7 और बीएफ.7, अत्यधिक संक्रामक माने जाते हैं और अब ये दुनिया भर में फैल रहे हैं।

आफत की बात ये है कि नए वैरिएंट्स ने ऐसे समय में दस्तक दी है, जब भारत में फेस्टिव सीजन शुरू हो गया है। लोग खरीदारी के लिए निकल पड़े हैं। बाजारों में भारी भीड़ है। इन वैरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं कि अगर ये दोनों वैरिएंट्स भारत में आते हैं, तो मुसीबत बढ़ सकती है। (एएमएपी)