26 जनवरी से चलेगा अभियान।

कांग्रेस अब भारत जोड़ो यात्रा के बाद ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ चलाएगी। कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी की मीटिंग में रविवार को यह निर्णय लिया गया है कि भारत जोड़ो यात्रा अगले साल 26 जनवरी के आसपास श्रीनगर पहुंच जाएगी। इसके बाद ही हाथ से हाथ जोड़ो अभियान निकाला जाएगा। यह अभियान करीब दो महीने तक चलेगा। इसके तहत ब्लॉक स्तर पर यात्रा, राज्य और जिला स्तर पर अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। इस अधिवेशन में देश की जनता तक भारत जोड़ो यात्रा का संदेश पहुंचाया जाएगा।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा गठित कांग्रेस संचालन समिति की पहली बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रमुख संगठनात्मक मामलों पर चर्चा के अलावा अपने पूर्ण सत्र के कार्यक्रम और स्थान पर विचार-विमर्श किया। बैठक में शामिल होने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी की पूर्व प्रमुख सोनिया गांधी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उनके छत्तीसगढ़ समकक्ष भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, मीरा कुमार और अंबिका सोनी शामिल थे।

26 जनवरी से चलेगा अभियान

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आज कांग्रेस संचालन समिति की बैठक में हमने दो विषयों पर चर्चा की। पहला हमारी पार्टी का पूर्ण अधिवेशन है जिसे हमने फरवरी के दूसरे पखवाड़े में आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह तीन दिवसीय सत्र होगा जो रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जाएगा। दूसरा, हमने भारत जोड़ो यात्रा के लिए भविष्य की कार्रवाई की समीक्षा की और चर्चा की। हमने 26 जनवरी से बड़े पैमाने पर ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ चलाने का फैसला किया है। यह दो महीने लंबा अभियान होगा।

शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं होंगे राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा चल रही है। इसलिए संसद के शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी का शामिल होना व्यवहारिक नहीं है।

राहुल गांधी बैठक में नहीं हुए शामिल

रविवार शाम को राजस्थान में प्रवेश करने वाली भारत जोड़ो यात्रा के कारण राहुल गांधी संचालन समिति की बैठक में शामिल नहीं हो पाए। बता दें कि अक्तूबर में खरगे के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के स्थान पर संचालन समिति का गठन किया गया था। एआईसीसी महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्ण सत्र की तारीख तय करना है और इसे कहां आयोजित किया जाना चाहिए और इस मुद्दे पर चर्चा होगी। (एएमएपी)