उनका बैंड बजाने मार्केट में आ गया एक बड़ा खिलाड़ी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत कर दी। हालांकि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने के बाद नए साल की शुरुआत के साथ ही 1 जनवरी से यात्रियों के लिए भारत टैक्सी की बुकिंग शुरू हो गई थी मगर इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हो पाया था।
ऐप आधारित भारत टैक्सी की सेवा अभी दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट शहर में शुरू हुई है। देश के बाकी शहरों में धीरे-धीरे इसकी शुरुआत होगी और अगले तीन साल में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक हर बड़े शहर में भारत टैक्सी दौड़ने लगेगी। इस टैक्सी सेवा के तहत आप ऐप से कार, ऑटो और बाइक की बुकिंग कर यात्रा कर सकते हैं।

भारत टैक्सी एक ड्राइवर फ्रेंडली प्लेटफॉर्म है जहां ड्राइवर ही इसके सह-मालिक हैं। इसका मकसद ड्राइवरों को शोषण से बचाना और उन्हें कमाई का पूरा हक देना है। इस टैक्सी कंपनी के प्रमोटरों में अमूल, इफको, कृभको, नेफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
भारत टैक्सी के आने के बाद से ओला, उबर, रैपिडो जैसी प्राइवेट टैक्सी कंपनियों की नींद उड़ी हुई है। ये कंपनियां अब तक ड्राइवरों का शोषण करती रही हैं और अपनी जेब गर्म करती रही हैं। ये न सिर्फ ड्राइवरों एवं टैक्सी मालिकों से भारी कमीशन वसूलती हैं, बल्कि पिछले 10 साल से इन्होंने किराया नहीं बढ़ाया है। जबकि इस दौरान पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। इससे ड्राइवरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि पीक आवर सर्जिंग चार्ज के नाम पर और बारिश एवं जाम के समय ग्राहकों से ज्यादा किराया वसूलने जैसी लूट इन कंपनियों ने मचा रखी है। इसी तरह टिप के नाम पर और अन्य तरीकों से भी ये कंपनियां यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रही हैं। बढ़े हुए किराये का बहुत कम हिस्सा ड्राइवरों और टैक्सी मालिकों को मिलता है। इसका ज्यादातर हिस्सा टैक्सी सर्विस प्रोवाइडर अपने पास रख लेते हैं।।
मगर भारत टैक्सी में ये सब लूट नहीं हो रही है। इससे यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को फायदा मिल रहा है। इसे देखते हुए ड्राइवरों और यात्रियों दोनों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में अब तक करीब तीन लाख से ज्यादा ड्राइवर और करीब 10 लाख यात्री सहकार आधारित इस टैक्सी सेवा से जुड़ चुके हैं। यह जानने में आपका भी दिलचस्पी होगी कि भारत टैक्सी अपने ड्राइवरों को क्या क्या सुविधाएं दे रही है जिसकी वजह से वे इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
ड्राइवरों को सुविधाएं
टैक्सी ड्राइवरों को जो सबसे बड़ी सुविधा मिल रही है वह यह है कि उन्हें ऐप प्लेटफॉर्म को भारी भरकम कमीशन नहीं देना पड़ता है। उन्हें पूरा किराया मिल जाता है।
पेमेंट के लिए उन्हें हफ्तों तक इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि यात्रियों के भुगतान के साथ ही सीधे उनके बैंक अकाउंट में पेमेंट आ जाता है। जबकि निजी कंपनियां हफ्ते 15 दिन बाद कमीशन काट कर पेमेंट करती हैं।

एक और जो सबसे बड़ी सुविधा मिल रही है वह यह कि इन ड्राइवरों को इस टैक्सी कंपनी में मालिकाना हक मिल रहा है। चूंकि यह सहकार आधारित टैक्सी सेवा है इसलिए ड्राइवरों को इसका संचालन करने वाली कोऑपरेटिव सोसायटी सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड में न्यूनतम 1 और अधिकतम पांच शेयर मिलेगा जिससे साल के अंत में मुनाफे में भी उन्हें 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी और वोटिंग के जरिये अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलेगा जो कोऑपरेटिव सोसायटी के बोर्ड में उनके हितों की रक्षा करेंगे। इसके लिए उन्हें सिर्फ 100 रुपये प्रति शेयर भुगतान करना होगा। हालांकि शेयरों की संख्या कम है लेकिन यह उनके मनोबल को बढ़ाने में काफी मददगार है। इससे उन्हें यह अहसास होगा कि वे किसी और की नहीं, बल्कि अपनी कंपनी के लिए टैक्सी चला रहे हैं।

इसी तरह टैक्सी ड्राइवरों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, बीमा, सस्ते लोन, सब्सिडी और गिग वर्कर्स की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा जो उन्हें निजी कंपनियां नहीं देती हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए कई सारी योजनाओं और सुविधाओं की शुरुआत की है। पहले ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का अधिकार केवल उन लोगों को था जिनकी पेंशन कटती थी या जो औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। अब इस सीमा को हटा दिया गया है। इसकी वजह से भारत टैक्सी से जुड़े सभी ड्राइवर अब आसानी से ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें और उनके परिवार वालों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों के लिए उपलब्ध अन्य कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी उनके लिए अपने आप सक्रिय हो जाएंगी।
महिला यात्रियों के लिए महिला ड्राइवर
&format=webp&quality=medium)
ड्राइवरों के साथ-साथ यात्रियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी भारत टैक्सी ने खास ध्यान दिया है। इसके तहत सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन किया गया है। भारत टैक्सी के ऐप में एसओएस अलर्ट की सुविधा उपलब्ध है। इसके माध्यम से इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सहायता प्राप्त की जा सकती है। अभी दिल्ली-एनसीआर में आठ हेल्पलाइन और सहायता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। आने वाले समय में देशभर में ऐसे केंद्रों का व्यापक जाल बिछाया जाएगा। महिला सुरक्षा के लिए सारथी दीदी का एक खास मॉडल बनाया गया है। इसके तहत आने वाले समय में ऐप में सारथी दीदी के लिए एक अलग विंडो होगी। इसके जरिये रजिस्ट्रेशन कराने वाली किसी भी महिला को केवल सारथी दीदी ही बाइक से पिक करने आएंगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत बड़ी और व्यावहारिक राहत साबित होगी। अभी इस सर्विस की शुरुआत नहीं हुई है।
(यूट्यूब चैनल ’कोऑपरेटिव इंडिया’ की रिपोर्ट पर आधारित)
ड्राइवरों को सुविधा
- भारी भरकम कमीशन से मुक्ति, मिल रहा पूरा किराया
- यात्रियों के भुगतान के साथ ही सीधे उनके बैंक अकाउंट में आता है पेमेंट।
- ड्राइवर ही इस टैक्सी कंपनी के मालिक, मुनाफे में मिलेगी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी।
- पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, बीमा, सस्ते लोन, सब्सिडी और गिग वर्कर्स की सभी योजनाओं का मिलेगा लाभ।
- ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराते ही उन्हें और उनके परिवार वालों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा।
- ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों के लिए उपलब्ध सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं ड्राइवरों के लिए अपने आप हो जाएंगी सक्रिय।
यात्रियों के लिए क्या खास?
- सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन
- भारत टैक्सी ऐप में एसओएस अलर्ट की सुविधा
- इमरजेंसी में तुरंत सुरक्षा और सहायता
- महिला यात्रियों को सारथी दीदी की सेवा: ऐप में सारथी दीदी के लिए एक अलग विंडो होगी। इससे रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को सारथी दीदी ही बाइक से पिक करने आएंगी



