भारत सहित कई देशों में फर्जी सोशल मीडिया कैंपेन चलाने करने के लिए इजरायली ठेकेदारों की एक टीम सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है। इस इजरायली टीम के बारे में कहा जाता है कि इसने दुनिया भर में 30 से अधिक चुनावों में हस्तक्षेप किया है। यूके के “द गार्डियन” अखबार सहित एक पत्रकार संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय जांच में तथाकथित “टीम जॉर्ज” को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि तथाकथित “टीम जॉर्ज” ने अपने बड़े क्लाइंट्स को एडवांस इम्पैक्ट मीडिया सलूशन (एम्स) नाम के सॉफ्टवेयर की पेशकश की है। कहा जाता है कि यह युनिट 50 वर्षीय पूर्व इजरायली स्पेशल फोर्स ऑपरेटिव ताल हनान द्वारा चलाई जाती है। यह शख्स अपना फेक नाम “जॉर्ज” का इस्तेमाल करता है। टीम जॉर्ज पर हैकिंग, तोड़फोड़, और ऑनलाइन फर्जी खबरों को फैलाने का का आरोप है।

गौरी लंकेश के चलते हुआ खुलासा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली फर्म का ये प्रोजेक्ट प्रोपेगेंडा इंडस्ट्री में व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसे फॉरबिडन स्टोरीज द्वारा जांचा किया गया है। फॉरबिडन स्टोरीज फ्रांस की एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मिशन मारे गए, धमकी दिए गए या जेल में बंद पत्रकारों के काम को आगे बढ़ाना है। फॉरबिडन स्टोरीज 55 वर्षीय पत्रकार गौरी लंकेश के काम से प्रेरित थी, जिन्हें 2017 में उनके बेंगलुरु घर के बाहर गोली मार दी गई थी। ‘द गार्डियन’ ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि हत्या से कुछ घंटे पहले गौरी लंकेश अपने आर्टिकल “In the Age of False News” को अंतिम रूप दे रही थीं। इस आर्टिकल में जांच की गई थी कि कैसे तथाकथित झूठ फैलाने वाली ऑनलाइन फैक्ट्रियां भारत में गलत सूचना फैला रही थीं।

ऐसे काम करता है हनान

आर्टिकल की आखिरी लाइनें उनकी मौत के बाद प्रकाशित हुई थी। इसमें लंकेश ने लिखा: “मैं उन सभी को सलाम करना चाहती हूं जो फर्जी खबरों का पर्दाफाश करते हैं। काश उनमें से और भी होते।” टीम जॉर्ज की ताजा जांच के लिए अंडरकवर फुटेज को तीन पत्रकारों द्वारा फिल्माया गया था, जिन्होंने संभावित ग्राहकों के रूप में यूनिट से संपर्क किया था। गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई छह घंटे से अधिक की बैठकों में, हानन और उनकी टीम ने कथित तौर पर बताया कि कैसे वे प्रतिद्वंद्वियों पर खुफिया जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। इसमें जीमेल और टेलीग्राम अकाउंट्स तक पहुंचने के लिए हैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल होता है। हनान कथित रूप से सुरक्षित टेलीग्राम अकाउंट्स, हजारों फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल और न्यूज स्टोरीज को ‘ट्रिटमेंट’ देने में माहिर होने का दावा करता है।

इन 20 देशों को निशाना बना रहा ‘एम्स’

‘द गार्डियन’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब पूछताछ की गई, तो हनान ने जांच टीम से कहा कि वह “किसी भी गलत काम” से इनकार करता है। अखबार की रिपोर्ट में बुधवार को कहा गया कि पिछले साल कई महीनों में, इसने अपने रिपोर्टिंग भागीदारों के साथ, इंटरनेट पर एम्स सॉफ्टवेयर से जुड़ी बॉट गतिविधि पर नजर रखी और पाया कि यह “फर्जी सोशल मीडिया कैंपेन के पीछे था, जिसमें ज्यादातर व्यावसायिक विवाद शामिल थे। इसके निशाने पर यूके, यूएस, कनाडा, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, सेनेगल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात सहित लगभग 20 देश थे।”(एएमएपी)