रैंकिंग में नंबर 3 पर खिसक गया हारवर्ड
अकादमिक प्रकाशन को देखने वाली वैश्विक रैंकिंग के अनुसार, हाल तक, हारवर्ड दुनिया का सबसे अधिक उत्पादक शोध विश्वविद्यालय था। अब यह स्थिति बदल रही है, जो अमेरिकी शिक्षा जगत के लिए परेशान करने वाली है।
‘न्यूयार्क टाइम्स’ की ‘Chinese Universities Surge in Global Rankings as U.S. Schools Slip’ शीर्षक रिपोर्ट के अनुसार, हारवर्ड हाल में रैंकिंग में नंबर 3 पर खिसक गया। सूची में आगे बढ़ने वाले स्कूल, हारवर्ड के अमेरिकी समकक्ष नहीं हैं, बल्कि चीनी विश्वविद्यालय हैं जो लगातार रैंकिंग में चढ़ रहे हैं। इससे उनके शोध कार्यों की संख्या और गुणवत्ता साबित होती है।
यह स्थिति तब आई है, जब ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी स्कूलों की अनुसंधान निधि में कटौती करना शुरू किया है, जो वैज्ञानिक शोध कार्यों के खर्च के लिए सरकार पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालाँकि राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों ने ही अमेरिकी विश्वविद्यालयों की गिरावट शुरू नहीं की है। वह वर्षों पहले शुरू हो चुकी है, लेकिन उन्होेने इसे तेज कर दिया है।
टाइम्स हायर एजुकेशन के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी फिल बैटी ने कहा, “उच्च शिक्षा और अनुसंधान के वैश्विक प्रभुत्व में एक बड़ा बदलाव आ रहा है, एक नई विश्व व्यवस्था की तरह।”
शिक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि बदलाव न केवल अमेरिकी विश्वविद्यालयों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक समस्या है।
बेटी ने कहा, “इस प्रवृत्ति के जारी रहने और संभावित गिरावट का जोखिम है। मैं ‘गिरावट’ शब्द का उपयोग बहुत सावधानी से करता हूं। ऐसा नहीं है कि अमेरिकी स्कूल स्पष्ट रूप से बदतर हो रहे हैं, यह सिर्फ वैश्विक प्रतिस्पर्धा है: अन्य देश अधिक तेजी से प्रगति कर रहे हैं।”



