दीपावली के दौरान भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना।
पहले सितरंग के बारे में जान लीजिए
चक्रवाती तूफान ‘सितरंग’ बंगाल की खाड़ी में तैयार हुआ है। इस तूफान का नाम थाईलैंड ने दिया है। मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है जो कि एक डीप डिप्रेशन में बदल गया। अब यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 580 किमी उत्तर-पश्चिम में, सागर द्वीप से 700 किमी दक्षिण में और बारिसल (बांग्लादेश) से 830 किमी दक्षिण में केंद्रित हो गया है।
इस तूफान के 25 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से टकराने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश होने के आसार हैं। सबसे ज्यादा असर सुंदरबन और पूर्वी मिदनापुर के तटीय इलाकों पर पड़ सकता हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितरंग दो साल पहले आए अम्फान तूफान जैसा खतरनाक नहीं होगा। मतलब इससे ज्यादा तबाही नहीं होगी। ये बड़ी राहत की बात है।

कहां-कहां अलर्ट जारी हुआ?
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के साथ-साथ ओडिशा के पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, क्योंझर, कटक और खुर्दा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने कहा, हमने आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य इस चुनौती से निपटने को तैयार है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को 23 से 26 अक्तूबर के बीच ओडिशा तट और पश्चिम-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी में जाने से मना किया है। दोनों राज्यों की सरकारों ने भी तटीय इलाकों को खाली करा लिया है और आपदा प्रबंधन यूनिट को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
क्या होते हैं चक्रवात?
चक्रवात को अंग्रेजी में साइक्लोन कहा गया है। ये शब्द ग्रीक भाषा के साइक्लोस से लिया गया है। इसका मतलब सांप की कुंडलियां होता है। इसे ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवाती तूफान कुंडली मारे सांपों की तरह दिखाई देते हैं। ये एक गोलाकार तूफान (सर्कुलर स्टॉर्म) होते हैं, जो गर्म समुद्र के ऊपर बनते हैं। जब ये चक्रवात जमीन पर पहुंचते हैं, तो अपने साथ भारी बारिश और तेज हवाएं लेकर आते हैं। ये हवाएं उनके रास्ते में आने वाले पेड़ों, गाड़ियों और कई बार तो घरों को भी तबाह कर सकती हैं।



