59,000 करोड़ में हुआ था 36 राफेल विमानों का सौदा
बता दें भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस को 36 राफेल विमान खरीदने का ऑर्डर दिया था। लगभग 59,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग चार साल बाद, अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को मिली थी । फ्रांस सरकार ने 17 जुलाई 2022 में 35 राफेल विमानों की पूर्ति कर दी थी और वहीं 36वें राफेल का काफी समय से इंतजार हो रहा था।
राफेल की पहली डिलिवरी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, ‘राफेल सौदा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गेम चेंजर था और इसे शामिल करना दुनिया के लिए और विशेष रूप से भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों के लिए एक मजबूत संदेश है।’

दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट में शुमार राफेल विमान
गौरतलब है कि राफेल दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट में शामिल है। यह 1800 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने में सक्षम है। जब यह मिसाइल के साथ उड़ान भरता है तो इसका वजन करीबन 25 टन तक का होता है। यह विमान अपने साथ अपने साथ कई मिसाइलों को लेकर उड़ सकने की काबिलियत रखता है। यह विमान हिमालय के ऊपर बेहद ठंडे मौसम में भी उड़ान भर सकता है। इसके अलावा राफेल हैमर मिसाइलों से भी लैस है। यह एक मिनट में 18 हजार मीटर तक की ऊंचाई पर जाने की क्षमता रखता है। (एएमएपी)



