410 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगा।
2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनावों से पहले आया ये फैसला डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वह चुनाव लड़ने की तैयारी और उसका प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने 1990 के दशक में पत्रिका का लेखिका ई. जीन कैरल का यौन शोषण किया और फिर उन्हें झूठा करार देकर उनकी मानहानि की और उन्हें बदनाम किया। मंगलवार को अदालत की नौ सदस्यीय ज्यूरी ने इस मामले में ट्रंप को दोषी करार दिया।

ट्रंप के खिलाफ इस मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को शुरू हुई थी। इस दौरान ट्रंप ने पीड़िता की अर्जी को एक मनगढ़ंत कहानी करार दिया और सुनवाई के दौरान कई बार पीड़िता को बदनाम करने की कोशिश की थी। हालांकि, कोर्ट ने ट्रंप को डिपार्टमेंटल स्टोर में लेखिका कैरल का रेप करने का दोषी नहीं पाया।
मामले में 79 वर्षीय कैरल ने सिविल ट्रायल के दौरान गवाही दी कि 76 वर्षीय ट्रम्प ने 1995 या 1996 में मैनहट्टन में बर्गडॉर्फ गुडमैन डिपार्टमेंट स्टोर के ड्रेसिंग रूम में उसके साथ बलात्कार किया था। उसके बाद अक्टूबर 2022 में अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट लिखकर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया कि उनके दावे “एक धोखा” और “झूठ” है। कैरल ने पहली बार 2019 में एक किताब में इस घटना का जिक्र किया था।
2017 से 2021 तक राष्ट्रपति रहे ट्रंप अगले साल होने वाले राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए जनमत सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन नेताओं में सबसे आगे चल रहे हैं लेकिन इस फैसले से उन्हें झटका लगा है।(एएमएपी)



