पंजाब के छह जिलों को छोड़कर पूरे राज्य में इंटरनेट सेवाएं बहाल हुईं।
अमृतपाल पर भी लगा रासुका, सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल की रिपोर्ट।
पंजाब के महाधिवक्ता विनोद घई ने हाईकोर्ट में बताया कि अमृतपाल तथा उसके करीब आधा दर्जन साथियों के खिलाफ एनएसए लगाया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि जब एफिडेविट में अमृतपाल को देश के लिए खतरा बताया गया है, तो उसे अभी तक पकड़ा क्यों नहीं गया। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि बहुत सी बातें ऐसी हैं, जिन्हें जांच के चलते सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार ने कहा कि इस पूरे ऑपरेशन में 80 हजार पुलिस कर्मचारी लगाए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि 80 हजार पुलिस कर्मी क्या कर रहे थे। हजारों पुलिस कर्मियों के बीच अमृतपाल कैसे भाग गया, यह आपका इंटेलिजेंस फेलियर है।

इस बीच पंजाब सरकार ने मंगलवार को प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल करना शुरू कर दिया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि पंजाब के हालात अब सामान्य हैं, जिसके चलते तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर, अमृतसर को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। उक्त छह जिलों में 23 मार्च को दोपहर तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। (एएमएपी)



