
बीते कुछ समय में पावर ग्रिड से लेकर बैंकिंग सिस्टम तक साइबर अटैक का शिकार हुए हैं। हालांकि, भारत ने अटैकर्स के मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ये अधिकांश हमले चीनी हैकर्स का काम लगते हैं, जो आम तौर पर भारतीय यूजर्स के कंप्यूटर्स का इस्तेमाल कर ‘स्लीपर सेल्स’ के तौर पर काम करते हैं।
हाल के कुछ महीनों में इस तरह के हमले बढ़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) भी उन एजेंसियों में शामिल है, जहां कुछ कंप्यूटर्स में मेलवेयर का पता चला है। हालांकि, CDSL के डेटा को कोई खतरा नहीं पहुंचा है। खबर है कि सिक्युरिटी फर्म नॉर्टन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने 2022 की पहली तिमाही में 1.8 करोड़ साइबर खतरों का सामना किया है।
तवांग सेक्टर में एलएसी पर भारत, चीन के सैनिकों में झड़प
जानकारी के अनुसार, भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।’ भारतीय सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी। पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को संवेदनशील क्षेत्र में एलएसी (लाइन ऑफ एक्जुअल कंट्रोल) पर यांग्त्से के पास झड़प हुई। (एएमएपी)



