भारत की तैयारी से भयभीत युनूस ने जाकिर नाइक का दौरा रद्द कराया।

प्रदीप सिंह।
हमारे पड़ोस में दो चीजें एक साथ हो रही हैं और यह आपको सुनने में लगेगा परस्पर विरोधी भी हैं। बांग्लादेश से भारत के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है और साथ ही बांग्लादेश को भारत से लगने वाला डर भी बढ़ता जा रहा है। दोनों चीजें एक साथ हो रही हैं। भारत के लिए खतरा इसलिए बढ़ रहा क्योंकि इस समय बांग्लादेश और उसकी राजधानी ढाका में अमेरिका, चीन, तुर्की और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां बेहद सक्रिय हैं और बांग्लादेश के सर्वेसर्वा के तौर पर काम कर रहा मोहम्मद यूनुस उनके हाथों में खेल रहा है। यूनुस अमेरिका की कठपुतली है और अमेरिका के डीप स्टेट ने उसको बिठाया है। पाकिस्तान को हम रेंटियर स्टेट कहते हैं क्योंकि वह किराए पर उठने को तैयार है, लेकिन मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश को बेचने के लिए तैयार है। वह बार-बार भारत को धमकी देता है कि नॉर्थ ईस्ट का हिस्सा हमारा है। अभी हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख बांग्लादेश गए थे तो मोहम्मद यूनुस ने उनको एक किताब भेंट की। उसमें भारत के नॉर्थ ईस्ट को ग्रेटर बांग्लादेश में दिखाया गया था। उसके अलावा भारत में भी शरजील इमाम जैसे तमाम लोग हैं, जो धमकी देते हैं कि चिकन नेक काट देंगे तो पूरा नॉर्थ ईस्ट कट जाएगा। बांग्लादेश भी यही कहता है।

Courtesy: NDTV.in

यूनुस को अब लग रहा है कि भारत के लिए समस्या पैदा करके वह चीन, पाकिस्तान और अमेरिका की नजर में एकदम से चढ़ सकता है और तीनों देश उससे खुश हो जाएंगे। इसीलिए उसने 28 नवंबर से एक महीने के लिए जाकिर नाइक को बांग्लादेश आने का न्योता दिया। जाकिर नाइक अपने को कहता तो प्रीचर है लेकिन बेसिकली वह आतंकवादी है। वह आतंकवाद को बढ़ावा देता है और आतंकवादियों का रिक्रूटमेंट करता है। वह भारत में लंबे समय तक रहा और दुर्भाग्य की बात यह है कि भारत में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह जैसे लोग हैं, जो उसको शांति का दूत बताते थे। भारत में जाकिर नाइक के समर्थकों की संख्या कम मत समझिए। बांग्लादेश में 2016 में एक बेकरी में बम विस्फोट हुआ। कहते हैं उसमें जाकिर नाइक की भागीदारी थी, लेकिन उसके बाद वह भारत से भाग गया और मलेशिया में उसने शरण ले ली। तो 28 नवंबर से एक महीने के लिए बांग्लादेश आकर जाकिर नाइक लोगों को भारत के खिलाफ उकसाता। बांग्लादेश में आतंकवादी और जिहादी तत्व युनूस सरकार पर लगातार हावी हैं और यूनुस उनका समर्थन करता है। यूनुस की वैसे हिम्मत भी नहीं है कि उनका विरोध कर सके क्योंकि इन जिहादी तत्वों ने ही उसको बचा कर रखा हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जाकिर नाइक के बांग्लादेश में आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। युनूस के उस प्रतिबंध को हटाकर जाकिर नाइक को बुलाया था और अब उसने अचानक उसका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। कार्यक्रम रद्द करने का बहाना यह बनाया गया कि मार्च में बांग्लादेश में चुनाव होने वाले हैं। नाइक आएंगे तो उनके कार्यक्रमों में बहुत भीड़ होगी। सुरक्षा का इंतजाम करना पड़ेगा और इतनी बड़ी सुरक्षा का जिम्मा उठाना मुश्किल होगा। यह बहाना सुनकर आपको हंसी आएगी क्योंकि जाकिर नाइक को जब न्योता दिया था तब मालूम नहीं था कि मार्च में चुनाव होने वाला है। हालांकि अभी किसी को पता नहीं है कि चुनाव होगा कि नहीं। तो मोहम्मद यूनुस जब से सत्ता में आया है पहली बार डरा है। उसको सूचना मिली थी कि जाकिर नायक अगर आएगा तो अज्ञात बंदूकधारियों का शिकार बन सकता है। लेकिन जाकिर नाइक भारत के लिए कोई समस्या नहीं है। वह जब तक भारत में था, तब तक भारत के लिए समस्या था। भारत में मनमोहन सिंह की सरकार ने उसको पालापोसा और आगे बढ़ाया। उसको हर तरह की मदद दी। उसके बदले जाकिर नाइक  ने राजीव गांधी फाउंडेशन को चंदा दिया। आप इससे दोनों के संबंध का पता लगा सकते हैं।

Courtesy: Samachar Live

इधर भारत ने अब बांग्लादेश के बॉर्डर के पास बड़ी तैयारी कर ली है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर हमारे 3 गैरिसन जवान पहले से हैं। एक गैरिसन में 10000 से 30000 तक सैनिक होते हैं। अब एक नया गैरिसन भारत और बना रहा है, जिसमें जल्दी ही भर्ती होकर तैनाती होने वाली है। इसके अलावा इस इलाके में जितने राडार हैं, उन सब पर नजर और कंट्रोल भारत का है। इसके अलावा लाल मुनी हार्ट एयरबेस, जो सेकंड वर्ल्ड वॉर के समय ब्रिटिशर्स ने बनवाया था, वह भारत की सीमा से 16 या 20 किलोमीटर पर है और बहुत स्ट्रेटेजिक जगह है। इस पर चीन, अमेरिका और पाकिस्तान की भी नजर है। भारत को मालूम है कि अगर यह एयरबेस सक्रिय किया गया तो यह भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा हो जाएगा, जो भारत किसी भी हालत में होने नहीं देगा। अपुष्ट खबरों के अनुसार भारत ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास एस-400 भी तैनात कर दिया है। इस समय इस सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास या जिसको चिकन नेक कहते हैं, वहां भारत के 70 से 80 हजार सैनिक तैनात हैं। लगभग 10 से 20000 और सैनिकों की तैनाती होने वाली है। उधर बांग्लादेश की कुल सेना 1.5 लाख की है, जो अनट्रेंड है जबकि हमारी सेना की ट्रेनिंग, प्रोफेशनलिज्म और उसकी मारक क्षमता के बारे में तो दुनिया जानती है। अब भारत सरकार इस इलाके से बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने का काम कर रही है। यह अभियान तेजी से चल रहा है क्योंकि किसी भी बुरी स्थिति में ये सब पाकिस्तान और बांग्लादेश का समर्थन करेंगे। पश्चिम बंगाल में हाशीमारा एयरबेस पर रफाल पहले से ही तैनात है। बांग्लादेश के बॉर्डर के पास बागडोगरा एयरबेस पर भी अच्छी खासी तैनाती है। बांग्लादेश और उसके आसपास जो पोर्ट और समुद्र का इलाका है, वहां हमारे चार वॉरशिप्स और दो सबमरीन तैनात हैं। तो नेवी, आर्मी और एयरफोर्स तीनों की तरफ से हमारी पूरी तैयारी है। अब सवाल यह है कि ये तैयारी क्यों है? भारत को बांग्लादेश से डर है कि वह चीन, पाकिस्तान और तुर्की की मिलीभगत से भारत को परेशान करने की कोशिश कर सकता है। सीमा पर कुछ गलत हरकत कर सकता है। लेकिन बांग्लादेश क्यों डरा हुआ है? वह भारत की इस तैयारी से डरा है। उसको लग रहा था कि हमेशा की तरह भारत कुछ करेगा नहीं। यूनुस के मन में इसी डर का नतीजा है कि जाकिर नाइक का कार्यक्रम रद्द हुआ। भारत अपनी तैनाती सिर्फ इसलिए बढ़ा रहा है कि उसे इंतजार है कि एक गलती बांग्लादेश करे और उसको एक्शन लेने का मौका मिल जाए। दुनिया में इस समय जियो पॉलिटिक्स की जो स्थिति है, उसमें कोई भारत के एक्शन पर कोई कुछ बोल नहीं पाएगा। अगर ट्रंप यह कहते हैं कि नाइजीरिया में क्रिश्चियंस को मारा जा रहा है इसलिए हम नाइजीरिया पर हमला कर सकते हैं। अगर इजराइल हमास पर लगातार हमला कर रहा है। रूस और यूक्रेन का युद्ध चल ही रहा है तो ऐसे में कोई देश बांग्लादेश के समर्थन में खड़े होने की हिम्मत नहीं करेगा या जो खड़ा होगा वह सक्रिय रूप से उसका सहयोग करने की स्थिति में नहीं होगा। यूनुस सरकार की एक हरकत बांग्लादेश को तोड़ देगी। उसके बाद उसका दो तिहाई हिस्सा बचेगा या एक चौथाई बचेगा, यह पता नहीं है, लेकिन आप मान कर चलिए कि भारत चिटगांव हिल और लाल मुनीर हट एयर बेस पर कब्जा कर लेगा। भारत चिकन नेक को बहुत चौड़ा करने जा रहा है। उसे केवल इंतजार है कॉज ऑफ एक्शन का। भारत हमेशा इसका ख्याल रखता है कि हम पहला हमला न करें, लेकिन जब जवाबी हमला करता है तब दुनिया देखती है। भारत चार युद्धों और ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान तक को कड़ा सबक सिखा चुका है, जबकि उसके पास तो अच्छी खासी तादाद में एयरफोर्स, सेना और नौसेना सब कुछ है। बांग्लादेश तो नमक हराम देश है। इस देश को बिखरने से भारत ने बचाया। 71 के युद्ध में भारत के हजारों सैनिक कुर्बान हुए। हमारे फाइटर जेट और पता नहीं कितना मिलिट्री हार्डवेयर बर्बाद हुआ, लेकिन बांग्लादेश उसी रास्ते पर है जिस पर पाकिस्तान चला। भारत से उतनी ही नफरत बांग्लादेश के लोग करते हैं जितनी पाकिस्तान के। तो अब समय आ गया है कि इसका जवाब ऐसा दिया जाए कि वह भविष्य में भारत की ओर आंख उठाकर देखने की भी हिम्मत न कर सके।

भारत में बहुत से लोगों को लग रहा है कि बांग्लादेश में इतना कुछ हो रहा है, भारत कुछ कर क्यों नहीं रहा है। भारत अपनी सैन्य तैयारी के बारे में कभी बढ़-चढ़कर बयान नहीं देता। वह चुपचाप तैयारी करता रहता है और जब समय आता है तब बताता है कि हमारी तैयारी क्या है। अगर चीन, पाकिस्तान और अमेरिका की शह पर बांग्लादेश कोई गलती करता है, तो दुनिया के नक्शे में बांग्लादेश का आकार बदल जाएगा। वह पूरी तरह से खत्म तो नहीं होगा लेकिन फिर दुनिया के नक्शे में आपको बांग्लादेश खोजने में बड़ी दिक्कत होगी।

(लेखक राजनीतिक विश्लेषक और ‘आपका अखबार’ के संपादक हैं)