सिख सैनिकों के लिए 8,911 लार्ज और 3,819 एक्स्ट्रा लार्ज हेलमेट खरीदे जाएंगे।
विशेष आकार में होने से सैनिक ‘कपड़े के पटके’ (पगड़ी) के ऊपर पहन सकेंगे।

हेलमेट का विशेष डिजाइन अधिकतम स्थितिजन्य जागरुकता, संचार हेडसेट और सहायक उपकरण के साथ अनुकूलता की अनुमति देता है। यह हेलमेट बिना किसी समझौता सुरक्षा के लिए बोल्ट-फ्री डिज़ाइन और ट्विस्फिट स्टेबिलिटी हार्नेस है, जो नाइट विजन और अन्य सामान के साथ उपयोग किए जाने पर भी उत्कृष्ट स्थिरता प्रदान करता है। ग्लोबल डिफेंस एंड होमलैंड सिक्योरिटी कंपनी एमकेयू ने बैलिस्टिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारतीय सेना में सिख सैनिकों के लिए एक विशेष ‘वीर हेलमेट’ तैयार किया है। स्मार्ट डिजाइन और तकनीकों का उपयोग करके यह हेलमेट विकसित किए गए हैं।
भारतीय सेना के पैराट्रूपर्स और विशेष बलों के लिए खरीदे गए एयरबोर्न हेलमेट में खराबी मिलने के बाद सरकार ने पिछले साल 22 दिसंबर को 80 हजार बैलिस्टिक हेलमेट खरीदने के लिए मंजूरी दी है। सेना के जवान प्रशिक्षण और संचालन के दौरान फिलहाल फाइबर ग्लास के हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के लिए बैलिस्टिक हेलमेट दिए जाने की जरूरत है। बैलिस्टिक हेलमेट में प्रशिक्षण और संचालन के दौरान सैनिकों को हाई-स्पीड राइफल की गोलियों से बचाने की क्षमता होगी। हेलमेट तीन आकारों में आते हैं, जो 5 मीटर या उससे अधिक की दूरी से दागी गई गोलियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन बैलिस्टिक हेलमेट का तकनीकी जीवन आठ साल होने की उम्मीद है।(एएमएपी)



