कलाकारों, साहित्यकारों और शायरों का मेला ‘जश्न-ए-अदब’ की शुरु

आपका अखबार ब्यूरो।

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के प्रांगण में तीन दिनों- 22 फरवरी से 24 फरवरी तक कला, साहित्य, संस्कृति और संगीत की गूंज सुनाई देगी। शनिवार को प्रख्यात ग़ज़ल गायक पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन और आईजीएनसीए के सदस्य सचिव ने दीप जलाकर 14वें जश्न-ए-अदब- साहित्योत्सव का शुभारम्भ किया।

साहित्योत्सव का पहला सत्र था- कहानी एक किरदार अनेक, जिसमें डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने अपनी तीन कहानियों और एक कविता का पाठ किया। उन्होंने आकर्षक शैली में कहानियां सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी सत्र में अनस फैज़ी के साथ बातचीत में उन्होंने अपने लेखक बनने की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि कहानियां हर जगह बिखरी हैं और हम सबके पास कहानियां हैं, बस कुछ लोग उसे कागज पर उतार देते हैं। अपनी लेखकीय यात्रा के बहाने उन्होंने यह भी बताया कि भारत में सिर्फ लेखन से जीविका चला पाना संभव नहीं है, इसीलिए लेखन के साथ आजीविका के लिए दूसरे काम करने पड़ते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी मां और देश की प्रख्यात लेखिका पद्म श्री मालती जोशी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया।

इसके बाद, श्रोताओं ने प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जावेद हुसैन की महफ़िल-ए-ग़ज़ल का आनंद लिया इसके बाद, नेत्रहीन कवियों की कविताएं सुनक श्रोता आनंदविभोर हो गए। साहित्योत्सव के अगले चरण में साहित्यप्रेमियों ने भारतीय और पश्चिमी संगीत के संगम ओपेरा फ्यूज़न का स्वाद चखा, वहीं नृत्य प्रस्तुति नृत्य धारा ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। पहले दिन ख़वातीन का मुशायरा (महिला शायरों का मुशायरा), लिखे जो ख़त तुझे, प्रसिद्ध कवि और गीतकार नीरज की जन्मशताब्दी के अवसर पर रंगीला रे जैसे आयोजन भी हुए, जिसमें पद्म श्री’ सुरेंद्र शर्मा, पद्म श्री अशोक चक्रधर जैसे देश के प्रसिद्ध कवियों ने हिस्सा लिया।

साहित्योत्सव में अगले दो दिनों- 23 और 24 फरवरी को प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जोड़ी उस्ताद अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन और मालिनी अवस्थी अपने गायन का जलवा बिखेरेंगे, तो प्रसिद्ध अभिनेता राजेश तैलंग अपनी कविताएं सुनाएंगे। इसके अतिरिक्त, कव्वाली, शाम-ए-ग़ज़ल, दास्तानगोई, कविता पाठ सहित ढेरों कार्यक्रम होंगे। धर्मवीर भारती के कालजयी नाटक अंधा युग का मंचन भी होगा। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन प्रख्यात शास्त्रीय गायक पद्म भूषण पं. साजन मिश्र और स्वरांश मिश्र के गायन से होगा।