
दर्शन पाल ने कहा कि 26 जनवरी को एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान इस दिन अपनी मांगों के समर्थन में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपेंगे। बयान में कहा गया है कि मार्च में दिल्ली में ‘किसान रैली’ का आयोजन किया जाएगा और इसकी तारीख की घोषणा 26 जनवरी को जींद में की जाएगी।
अब निरस्त किए जा चुके तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले किसान मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों के खिलाफ मामलों को वापस लेने, कर्ज माफी, बिजली बिल को वापस लेना और लखीमपुर खीरी की घटना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की है।
एसकेएम नेताओं ने पंजाब के फिरोजपुर में एक डिस्टिलरी और इथेनॉल संयंत्र के खिलाफ चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। सांझा जीरा मोर्चा के बैनर तले ग्रामीण पिछले पांच महीनों से संयंत्र के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि आसवनी को बंद किया जाए क्योंकि यह कथित तौर पर वायु प्रदूषण के अलावा कई गांवों में भूमिगत जल को प्रदूषित कर रहा है। (एएमएपी)



