प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हुए महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अदम्य साहस और शक्ति को रेखांकित किया। आज ‘मन की बात’ के 119 वें एपिसोड का प्रसारण किया गया। पीएम मोदी इस मासिक रेडियो कार्यक्रम के जरिए देश के एतिहासिक महत्व के साथ-साथ अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर अपना विचार शेयर करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो, दूरदर्शन समेत कई अन्य चैनलों पर सुना गया।

उन्होंने कहा कि इसरो की सफलताओं का दायरा काफी बड़ा रहा है। बीते 10 वर्षों में ही करीब 460 सैटेलाइट लॉन्च की गई हैं और इसमें दूसरे देशों की बहुत सारी सैटेलाइट्स शामिल हैं। हाल के वर्षों में स्पेस विज्ञान में हमारी टीम में नारी शक्ति की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुझे यह देखकर भी बहुत खुशी होती है।

मोदी ने कहा कि “अगले महीने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। यह हमारी नारी शक्ति को नमन करने का एक विशेष अवसर होता है। देवी माहात्म्य में कहा गया है ‘विद्या: समस्तास्तव देवि भेदा: स्त्रिय: समस्ता: सकला जगत्सु।’ अर्थात सभी विद्या देवी के ही विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति है और जगत की समस्त नारी शक्ति में भी उनका ही प्रतिरूप है। हमारी संस्कृति में बेटियों का सम्मान सर्वोपरि रहा है।”


एम मोदी ने हंसा मेहता के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि “देश की मातृ शक्ति ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभाई है। संविधान सभा में हमारा राष्ट्रीय ध्वज प्रस्तुत करते हुए हंसा मेहता जी ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण से लेकर उसके लिए बलिदान देने वाली देश भर की महिलाओं के योगदान को सामने रखा था। उनका मानना था कि हमारे तिरंगे में केसरिया रंग से भी यह भावना उजागर होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारी नारी शक्ति भारत को सशक्त और समृद्ध बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देगी।” उन्होंने कहा कि आज उनकी बातें सच साबित हो रही हैं। आप किसी भी क्षेत्र पर नजर डाले तो पाएंगे कि महिलाओं का योगदान कितना व्यापक है।

मोदी ने कहा कि “इस बार महिला दिवस पर मैं एक ऐसी पहल करने जा रहा हूं, जो हमारी नारी शक्ति को समर्पित होगी। इस विशेष अवसर पर मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स को एक दिन के लिए उनको सौंपने जा रहा हूं। ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, एक अलग पहचान बनाई है, 8 मार्च को वे अपने कार्य और अनुभवों को देशवासियों के साथ शेयर करेंगी। प्लेटफार्म भले ही मेरा होगा लेकिन वहां उनके अनुभव, उनकी चुनौतियां और उनकी उपलब्धियों की बात होगी। यदि आप चाहती हैं कि आपको अवसर मिले तो नमो एप पर बनाए गए विशेष फॉर्म के माध्यम से इस प्रयोग का हिस्सा बनें और मेरे एकस और अन्य अकाउंट से पूरी दुनिया तक अपनी बात पहुंचाएं। तो आइए इस बार महिला दिवस पर हम सब मिलकर अदम्य नारी शक्ति को सेलिब्रेट करें सम्मान करें नमन करें।”