जिनके लिए छाती पीटी जाती है,उन्हें मुसलमानों से कोई मतलब नहीं।
प्रदीप सिंह।भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर हुआ करते थे अब्दुल बासित। पाकिस्तान में हाल ही में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक ऐसी बात कही, जो होशो हवास में कोई व्यक्ति नहीं बोल सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगर पाकिस्तान पर हमला करता है तो पाकिस्तान भारत पर परमाणु बम से हमला करेगा। अब आप इसकी तुकताल कहीं से जोड़ पा रहे हैं ? सवाल यह है कि वह ऐसा बोल क्यों रहा है? उसकी यह बोलने की हिम्मत क्यों हो रही है? उसका एक कारण तो यह हो सकता है कि कुछ लोग सुर्खियों में आने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन कोई पागलपन की हद तक जाकर ऐसा बोले तो फिर बात समझ में आना मुश्किल हो जाती है।
इस समय अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान से युद्ध लड़ रहे हैं। उस माहौल में यह आदमी इस तरह की बात कर रहा है। पहली बात तो यह है कि अब्दुल बासित हमेशा से जिहादी रहा है। वह भारत से घृणा करने वाला व्यक्ति है। लेकिन उसको बोलने से पहले सच्चाई तो देखनी चाहिए। अरे, अभी ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं हुआ है। उसको केवल स्थगित किया गया है। तुम्हारे 11 एयरबेस भारत ने तबाह कर दिए। पाकिस्तान दुनिया का अकेला परमाणु संपन्न देश है, जिसकी राजधानी पर दो-दो देश भारत और अफगानिस्तान हमला कर चुके हैं और वह कुछ नहीं कर पाया।
बासित के इस तरह की बात बोलने का दूसरा कारण अभी कुछ दिन पहले अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी की चीफ तुलसी गबार्ड का बयान हो सकता है। गबार्ड ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए दुनिया के चार देश रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया और पाकिस्तान खतरा हैं। चारों के पास परमाणु हथियार हैं। उनके बयान के बाद से पाकिस्तान के सैन्य और पॉलिटिकल इस्टैब्लिशमेंट में बड़ी बौखलाहट है। उन्हें लगता है कि ईरान के बाद पाकिस्तान का नंबर आने वाला है। अमेरिका को लगता है कि जो देश आतंकवाद को प्रोत्साहन देता हो,उसके पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। ईरान के खिलाफ एक्शन का बड़ा आधार यही है। पाकिस्तान भी वही कर रहा है। तो डरा हुआ पाकिस्तान भारत को गीदड़भभकी दे रहा है। उसे पहले अपनी औकात देखनी चाहिए। उसके पास कथित रूप से जो परमाणु हथियार हैं,वे अमेरिका की निगरानी में हैं। वह अपने मन से उनका इस्तेमाल भी नहीं कर सकता है। बासित और फेल्ड फील्ड मार्शल आसिम मुनीर जैसों को हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की वह बात याद रखनी चाहिए जो कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से कही थी। युद्ध के दौरान क्लिंटन ने वाजपेयी से कहा था कि पाकिस्तान परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की धमकी दे रहा है। इस पर वाजपेयी ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को बता दीजिए कि अभी से मैंने मान लिया कि भारत का एक शहर खत्म हो गया, लेकिन वह याद रखे कि उसके बाद दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान नाम का देश नहीं होगा।

पाकिस्तान दरअसल ईरान की नकल करना चाहता है। अमेरिका और इजराइल से युद्ध में ईरान अमेरिका का तो कुछ कर नहीं सकता तो वह इजराइल पर हमले कर रहा है और साथ ही अपनी मिसाइलों से अरब देशों को नुकसान पहुंचा रहा है। मुस्लिम देशों के जान माल की ईरान को कोई चिंता नहीं है। मुस्लिम ब्रदरहुड की बातों को ईरान ने बिल्कुल किनारे कर दिया है। वही भाषा बासित बोल रहा है। उसे शायद मालूम नहीं है कि भारत में मुसलमान भी रहते हैं। जब परमाणु बम गिरेगा तो वह हिंदुओं का नहीं खोजेगा। हिंदू मुसलमान सब मरेंगे। लेकिन क्या पाकिस्तान में इतनी हिम्मत है? अरे,अफगानिस्तान, तहरीके तालिबान और बलोच लिबरेशन आर्मी तक तो तुम्हें मार रही है। बासित ने बोला है दरअसल यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान पूरी तरह से पागलपन की ओर जा रहा है और कहते हैं कि कुत्ता जब पागल हो जाए तो उसे मार देना चाहिए। हालांकि यह बात बहुत से लोगों को बुरी लग सकती है कि एक देश के बारे में ऐसा कैसे कह सकते हैं? लेकिन एक देश जो आतंकवादियों का समर्थन करता हो,भारत पर हुए सारे आतंकी हमलों में शामिल हो, दुनियाभर में आतंकवाद फैलाता हो उसके साथ और क्या किया जाना चाहिए।

ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को पाकिस्तान ने अपने मिलिट्री हेड क्वार्टर के पास छिपा कर रखा था। अमेरिका ने खोजा और वहीं मारा। पाकिस्तान कुछ बोल तक नहीं पाया। तो पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और उसके बहुत से कारण हैं। वह भिखमंगा देश है। पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है। कहीं भी बिक सकता है, लेकिन इस बीमारी को कौन खरीदेगा। तो मैं भारत के मुसलमानों से कह रहा हूं कि जिस ईरान और जिस पाकिस्तान के लिए छाती पीटते हो, देखो वह मुसलमानों के साथ क्या कर रहे हैं। बासित जो भाषा बोल रहा है,वह भी इसी बात का संकेत है कि मुसलमानों से हमें कोई मतलब नहीं है। और पाकिस्तान का फेल्ड फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने देश के शिया लोगों के बारे में क्या कह रहा है। वह कह रहा है कि ईरान से इतना प्रेम है तो वहीं चले जाओ। अगर यही बात भारत में किसी हिंदू नेता ने बोल दी होती तो पूरी दुनिया खासकर भारत के मुसलमान हाय-हाय करके छाती पीट रहे होते। देश के मुसलमान के पैरोकार कथित सेकुलर झंडे बैनर लेकर सड़कों पर निकल आए होते। आसिम मुनीर की बात पर भारत में किसी मौलवी, किसी सेकुलर के मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही। तो वह समय बहुत तेजी से नजदीक आ रहा है कि पाकिस्तान को उसी भाषा में समझाया जाए क्योंकि पाकिस्तान अब एक देश नहीं रह गया है। पाकिस्तान का बिखरना दुनिया की शांति स्थापना के लिए अच्छी खबर होगी। वहां घर के अंदर मारकाट मची हुई है।

पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ पीओजेके, गिलगिट बाल्टिस्तान के लोग सड़कों पर पर उतरे हुए हैं। उसके सबसे बड़े हितैषी चीन को भी अब उस पर भरोसा नहीं रह गया है। चीनी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा तक पाकिस्तान नहीं दे पा रहा है। चीन को समझ में आ गया है कि बीआरओ प्रोजेक्ट पर और ज्यादा खर्च करना बेकार है। जिस देश का फील्ड मार्शल बंकर में सोता हो,रोज जगह बदलता हो,वह किसी और की सुरक्षा क्या करेगा? वहां आयेदिन अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के लोग बम विस्फोट करते हैं। अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब पाकिस्तान नाम का देश दुनिया के नक्शे पर तो शायद बना रहेगा लेकिन उसका भूगोल बदल चुका होगा। सवाल ये नहीं है कि पाकिस्तान टूटेगा या नहीं टूटेगा। सवाल यह है कितने टुकड़ों में टूटेगा?
(लेखक राजनीतिक विश्लेषक एवं ‘आपका अखबार’ के संपादक हैं)



