कोरोना का असर।

चीन में कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ.7 ने तबाही मचा रखी है। भारत सरकार भी वायरस के नए रूप को लेकर अलर्ट है। गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए संसद पहुंचे तो वह मास्क में दिखे। उनके अलावा राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के स्पीकर भी मास्क पहने दिखे। इससे पहले बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में भी सभी मास्क पहनकर पहुंचे थे। ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में भी मास्क वाले पुराने दिने लौट सकते हैं।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर धनखड़ ने जताई चिंता

राज्यसभा में गुरुवार को सभापति जगदीप धनखड़ ने विभिन्न देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए सदस्यों से मास्क पहनने, कोविड नियमों का पालन करने, पूरी तरह सतर्क रहने और अतिरिक्त ऐहतियात बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और यह स्थिति चिंताजनक है। धनखड़ ने कहा ”मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि दुनिया के विभिन्न देशों में कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वे अतिरिक्त ऐहतियात बरतें। देशवासियों के सामने नजीर पेश करना हमारा दायित्व है।”

धनखड़ ने कहा कि वर्तमान में कोविड महामारी की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक है, क्योंकि कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए मास्क, सेनिटाइजर का उपयोग करना, ऐहतियात बरतना और सामाजिक दूरी का पालन करना बहुत जरूरी है। सभापति ने कहा कि संसद भवन में मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध हैं और सदस्य इनका अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा एक दूसरे से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा ”मैं आप सभी से सदन के अंदर भी मास्क पहनने का अनुरोध करता हूं।”

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने दी थी मास्क पहनने की सलाह

इससे पहले बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड-19 के ताजा मामलों को देखते हुए एक समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद उन्होंने लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और टीकाकरण को लगातार जारी रखने की सलाह दी थी। मांडविया ने अधिकारियों को सजग रहने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्देश भी दिया था। (एएमएपी)