दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कुश्ती पहलवानों के प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की गई जिसके बाद अब पहलवानों ने आंदोलनकारियों को राजनीतिक लाभ के लिए प्रदर्शन और प्रदर्शन स्थल को जरिया न बनाने की नसीहत दी है। पहलवान बजरंग पुनिया ने इस बारे में कहा कि वे भारत की बेटियों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन कुछ लोग प्रदर्शन को ‘भड़काऊ आंदोलन’ के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया ने कहा कि कुछ लोग आंदोलन को एक अलग दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। वे हमारे धरने में शामिल हो गए हैं और इसे ‘भड़काऊ आंदोलन’ बनाना चाहते हैं। हम इसका विरोध करते हैं। यह आंदोलन भारत की बेटियों के लिए न्याय की लड़ाई है, यह भारतीय कुश्ती को बचाने की लड़ाई है और जो लोग यहां (इकट्ठे) हैं वे किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि हमारे समर्थन में हैं।

‘आम आदमी भी सम्मान का हकदार है’

पुनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजनीति और बाकी दूसरी चीजें बाद में आती हैं, महिलाओं की गरिमा और उनका सम्मान सबसे पहले है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से राजनीति में शामिल न होने की अपील की और कहा कि यह खिलाड़ियों का आंदोलन है, इसलिए किसी राजनीतिक दल से न जुड़ें। वहीं इस मामले में विनेश फोगाट ने कहा, ‘हम संवैधानिक पदों पर बैठे सभी लोगों का सम्मान करते हैं। हम ऐसा कुछ भी नहीं कहेंगे जो उनके सम्मान के खिलाफ हो, लेकिन आम आदमी भी सम्मान का हकदार है और हमें भी सम्मान मिलना चाहिए।’

प्रदर्शन स्थल पर मोदी विरोधी नारे

बता दें कि देश की कुछ दिग्गज महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पहलवान जंतर-मंतर पर बृजभूषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। इस बीच एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति प्रदर्शन स्थल पर मोदी विरोधी नारे लगाते हुए देखा गया था, जिसके बाद पुनिया और फोगाट ने सफाई दी है।(एएमएपी)