देश को नया संसद भवन मिल चुका है। पीएम मोदी ने पूरे विधि-विधान से इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने तमिलनाडु के अधीनम द्वारा सौंपा गया सेंगोल भी नए संसद भवन में स्थापित किया। उन्होंने इस सेंगोल को साष्टांग प्रणाम किया और वहां मौजूद साधुओं का आशीर्वाद लिया। उद्घाटन के समारोह के दौरान लगभग एक घंटे पूजा चली और पूरा भवन वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। इस मौके पर पीएम मोदी के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला मौजूद था। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन श्रमिकों का सम्मान किया जिन्होंने इस नई इमारत को बनाने में अपना योगदान दिया। नए भवन में लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है।बता दें कि नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर तमिलनाडु से 22 संत दिल्ली पहुंचे हैं। नए संसद भवन का निर्माण 862 करोड़ रुपये की लागत से करवाया गया है। इसे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनवाया गया है। इस संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा के अलावा एक संयुक्त सत्र के लिए भी बड़ा हॉल बनवाया गया है जिसमें 1272 सीटें हैं। अब नए संसद भवन में कामकाज शुरू हो जाएगा। वहीं पुराने संसद भवन का इस्तेमाल संसदीय कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।

नई संसद आत्मनिर्भर भारत के उदय की साक्षीः प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई संसद आत्मनिर्भर भारत के उदय की साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं है बल्कि 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक है। यह भारत के दृढ़ संकल्प के बारे में दुनिया को संदेश देती है। हर देश की विकास यात्रा में कुछ पल अमर होते हैं और 28 मई 2023 एक ऐसा ही दिन है। नए भवन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने संसद भवन में काम पूरा करना मुश्किल होता था और इस बात से सभी वाकिफ हैं। बैठने की जगह की कमी थी और तकनीकी दिक्कतें भी थीं। इसलिए दो दशक से भी अधिक समय से नए संसद भवन के निर्माण पर चर्चा चल रही थी।

अलग-अलग धर्मों की प्रार्थना

उद्घाटन के मौके पर सबसे पहले पीएम मोदी और लोकसभा स्पीकर पुराने संसद भवन परिसर में मौजूद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद हवन पूजा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल का साष्टांग प्रणाम किया और इसे संसद भवन में स्थापित किया। इस मौके पर अलग-अलग धर्मों की प्रार्थना की गई। पुजारी, मौलवी और पादरी ने अपने-अपने धर्म के अनुसार प्रार्थना की।

सेंगोल के सामने दंडवत हुए मोदी

पीएम मोदी पूजन हवन के बाद सेंगोल के सामने दंडवत हुए। साथ ही, संसद भवन में सेंगोल की स्थापना के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के विभिन्न अधीनम संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। देश के नए संसद भवन के निर्माण के लिए देशभर से अनोखी सामग्रियों को जुटाया गया है। जैसे नागपुर से सागौन की लकड़ी, राजस्थान के सरमथुरा से सैंडस्टोन, यूपी के मिर्जापुर की कालीन, अगरतला से बांस की लकड़ी और महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जयपुर से अशोक प्रतीक को मंगवाया गया।

विपक्षी पार्टियों ने किया बहिष्कार

नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। इस मौके पर 18 दल सरकार के साथ थे वहीं 29 दलों ने समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया था। उनका कहना था कि इस इमारत का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए। हालांकि इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की मौजूदगी नहीं थी।

डबल सिक्योरिटी ऑपरेटिंग सिस्टम

देश के नए संसद भवन की अनेकों खूबियां हैं। नए संसद भवन को फूलप्रूफ साइबर सिस्टम से लैस किया गया है। जिन विशेषज्ञों ने इस सिस्टम को तैयार किया है, उन्होंने इसे ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ साइबर सिक्योरिटी का नाम दिया है। यानी साइबर सिक्योरिटी के मामले में अत्याधुनिक सुरक्षा घेरा। इस सिस्टम को ‘प्रो एक्टिव साइबर सिक्योरिटी’ भी कहा जा सकता है। नए संसद भवन में चीन, पाकिस्तान सहित अन्य किसी भी देश के हैकर्स सेंध नहीं लगा सकते। किसी भी आपातकालीन स्थिति का मुकाबला करने के लिए डबल सिक्योरिटी ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया गया है।(एएमएपी)