कितना युद्ध, कितना विराम।
प्रमोद जोशी
साल की शुरुआत में जब 19 जनवरी को इसराइल और हमास ने तीन चरणों में युद्ध-विराम पर सहमति जताई थी, तभी कुछ पर्यवेक्षकों ने कहा था कि स्थायी-शांति तो छोड़िए, युद्ध-विराम का पहला चरण ही पूरा हो जाए, इसकी दुआ कीजिए।
किसी तरह से रोते-बिलखते पहला चरण 1 मार्च को पूरा हो गया, पर उसके पहले दूसरे चरण के लिए जो बातचीत होनी थी, वह नहीं हुई। उस बातचीत का उद्देश्य इसराइली सेना की पूरी तरह वापसी और सभी बंधकों की रिहाई के साथ युद्ध को समाप्त करना था। ऐसा नहीं हुआ और गज़ा-पट्टी पर इसराइली बमबारी फिर शुरू हो गई।
मामला केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहा। नेत्ज़ारिम कॉरिडोर तक पहुँचने के लिए इसराइली सेना ने ज़मीनी हमला बोलकर कब्ज़ा कर लिया। यह कॉरिडोर गज़ा के उत्तर और दक्षिण को विभाजित करता है। उधर हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से गज़ा में मरने वालों की कुल संख्या रविवार को 50,000 को पार कर गई।
शीर्ष नेता की हत्या: रविवार को गज़ा के दक्षिणी शहर खान यूनिस पर इसराइली हवाई हमले में हमास के शीर्ष राजनीतिक नेता सलाह अल-बर्दावील की मौत हो गई। वे हमास नेता याह्या सिनवार के करीबी माने जाते थे और उन्हें आंदोलन के संस्थापकों के बाद दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व का हिस्सा माना जाता है। वर्तमान युद्ध के दौरान सिनवार और रावी मुश्ताहा की हत्या के बाद, बर्दावील को हमास का सर्वोच्च राजनीतिक नेता माना जा रहा था।
हमास ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है। 20मार्च को हमास ने दावा किया कि उसने तीन रॉकेट इसराइल के तेल अवीव पर दागे हैं। इसराइल के दोबारा आक्रमण के बाद से हमास का यह पहला जवाबी हमला था। इसराइल ने कहा कि उसने उन तीन मिसाइलों में से एक को रोक दिया और बाकी दो वहाँ गिरे जहाँ कोई नहीं रहता।
इसराइली सेना ने इस कार्रवाई को हमास के संभावित हमलों और उसके फिर से हथियारबंद होने से रोकने की पेशबंदी बताया। साथ ही, उनके प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि हमास द्वारा हमारे बंधकों को रिहा करने से बार-बार इनकार करने और अमेरिका तथा मध्यस्थों द्वारा नए युद्धविराम प्रस्तावों को अस्वीकार करने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
हिज़्बुल्ला और हूती: इसराइली कार्रवाई सिर्फ़ गज़ा में ही नहीं हुई है, बल्कि लेबनान के हिज़्बुल्ला ठिकानों पर भी हुई है। इसराइल ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान में कई स्थानों पर हवाई हमले किए, जिनमें सात लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे सहित 40लोग घायल हो गए। ये हमले इसराइली शहर मेटुला पर रॉकेट हमले के प्रतिशोध में किए गए, जो लगभग चार महीने पहले युद्धविराम समझौते के बाद से सबसे भीषण गोलीबारी है।
इस वर्ष जनवरी में हमास और इसराइल के बीच हुए युद्धविराम के बाद लाल सागर में हूतियों के हमलों में भी विराम लगा था, जो फिर से शुरू हो गए हैं। इसे देखते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने हाल में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया: सभी हूती आतंकवादियों, आपका समय समाप्त हो गया है।
आपके हमले आज से ही बंद होने चाहिए। ऐसा नहीं हुआ, तो आप पर नरक की ऐसी बारिश होगी जैसी आपने पहले कभी नहीं देखी होगी! ट्रंप ने इसके साथ ईरान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि हूतियों के लिए समर्थन अब समाप्त होना चाहिए।
7अक्तूबर, 2023 के बाद से हूती पश्चिम शिया की सबसे प्रभावशाली प्रतिरोधी-ताकत के रूप में उभरे हैं। उन्होंने पहले इसराइल पर क्रूज़ मिसाइलें दागीं, फिर इसराइल से जुड़े किसी भी पोत निशाना बनाने की घोषणा कर दी।
हमास के साथ एकजुटता दिखाने और गज़ा में इसराइली सैन्य अभियानों को समाप्त करने के प्रयास में, हूतियों ने लाल सागर से गुजरने वाले अमेरिकी नौसेना के जहाजों और अन्य देशों के नागरिक जहाजों पर लगभग प्रतिदिन एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन और मिसाइलों को लॉन्च किया।
‘इकोनॉमिस्ट’ का अनुमान है कि हूती हमलों के परिणामस्वरूप लाल सागर के माध्यम से शिपमेंट में 70 प्रतिशत की कमी आई है, क्योंकि कई लोग दक्षिणी अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से जाने का विकल्प चुन रहे हैं, जिससे लगभग 3,500 समुद्री मील और कम से कम दस दिन की यात्रा का समय बढ़ गया है। यह कोविड-19 महामारी के बाद से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सबसे बड़ा व्यवधान है। (आवाज़ द वॉइस)
(लेखक हिंदुस्तान नई दिल्ली के पूर्व वरिष्ठ स्थानीय संपादक हैं)