सड़कें देश की नसों और धमनियों की तरह कार्य करती हैं, जो विकास की गति को बदलने में अहम भूमिका अदा करती हैं। सड़कें ही ये सुनिश्चित करती हैं कि समृद्धि हमारे देश के दूरस्थ कोने तक पहुंच सके। ‘न्यू इंडिया’ में आज राजमार्गों की अभूतपूर्व गति से विकास इसी शैली में किया जा रहा है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल सके। आज भारत में भी जब अच्छी सड़कों का नेटवर्क तैयार हो रहा है तो लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निर्बाध सफर का भरपूर मजा मिल रहा है।

बेहतर कनेक्टिविटी का वादा निभा रही सरकार

बजट-2022-23 में भारत सरकार ने घोषणा की थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 25 हजार किलोमीटर जोड़े जाएंगे और वित्तपोषण के नवोन्मेषी तरीकों से 20 हजार करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। भारत सरकार देशवासियों से किए अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सरकार द्वारा देश में 31 अक्टूबर 2022 तक राष्ट्रीय राजमार्ग के नेटवर्क में 1,44,634 किलोमीटर का विस्तार किया गया है। वहीं वित्त पोषण के अभिनव तरीकों से MoRT&H द्वारा 61,037 करोड़ रुपए जुटाए गए। इसी तेजी के साथ भारत सरकार देश में सड़कों का जाल बिछाने का काम कर रही है। देश के कोने-कोने तक हर दुर्गम स्थल और गांव को सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

भारतमाला परियोजना से सड़कों का तेज विकास

केवल इतना ही नहीं भारत सरकार ने भारतमाला परियोजना के अंतर्गत नए भारत के लिए बेहतर और तेज सड़कें देने का जनता से जो वादा किया था उस पर भी सरकार लगातार कार्य कर रही है। याद हो, बजट 2021-22 के दौरान यह घोषणा की गई थी कि 8,500 किलोमीटर का अवॉर्ड और अतिरिक्त 11,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों को पूरा किया जाएगा। इस दिशा में नवंबर 2022 तक, भारतमाला परियोजना के चरण 1 के तहत 7.26 लाख करोड़ की कुल लागत वाली 24,040 किलोमीटर लंबी परियोजना को अवॉर्ड किया गया।

5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मिल रही बड़ी मदद

ज्ञात हो इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों से भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में खास मदद मिलेगी। वहीं देश में सड़कों के अधिक से अधिक विस्तार से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी मजबूती मिलेगी। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत ने देश में न केवल सड़कों का विस्तार करने का कार्य किया है बल्कि इस क्षेत्र में कई कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं।

8 साल में सड़कों का विस्तार

इसमें एक दिन में सबसे अधिक सड़क बनाने के रेकॉर्ड से लेकर 05 घंटे और 33 मिनट में NH53 पर एक ही लेन में 75 किलोमीटर बिटुमिनस कॉन्क्रीट बिछाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक शामिल हैं। गौरतलब हो, साल 2014 में जहां देश में 91,000 किलोमीटर सड़कें हुआ करती थीं वहीं साल 2022 में भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 1,44,634 हो गई है। देश में सड़कें लगातार बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार अब साल 2025 तक 2 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत किस प्रकार तेज गति से हाईवे बनाने के अपने रिकॉर्ड को लगातार सुधार रहा है। देश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के संबंध में पीएम मोदी कहते हैं कि ”हम कोई भी फैसला लें, निर्णय लें, नीति बनाएं, इसके पीछे सबसे बड़ी सोच यही होनी चाहिए कि इससे देश का विकास और तेज होगा। हर वो बात, जिससे देश को नुकसान होता है, देश का विकास प्रभावित होता है, उसे हमें दूर रखना है। ईज ऑफ लिविंग के लिए जरूरी कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देना जरूरी है।”

वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की बात करें तो वर्ष 2022 में इसके तहत 39,413 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 1,394 पुलों का निर्माण किया गया। ये विभिन्न प्रयासों/योजनाओं के तहत स्टेट शेयर सहित 23,364 करोड़ रुपए के व्यय से किया गया।

प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ी भारतीय सड़कों की लंबाई

उल्लेखनीय है कि बीते 8 साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई तेजी से बढ़ी है। हाइवे निर्माण की गति पिछले 8 साल में करीब 12 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर अब 29 किलोमीटर प्रतिदिन हुई है। वहीं पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत पिछले 8 साल में करीब 3.27 लाख किलोमीटर सड़कें बनी हैं। 99% से अधिक गांव पक्की सड़क से जुड़े हैं।

पिछले कुछ साल में नेशनल हाईवे के निर्माण की इतनी आई तेजी

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि निस्संदेह पिछले कुछ साल में भारत ने सड़क संरचना के क्षेत्र में व्यापक प्रगति की है। 2009 से 2014 के बीच भारत ने हर साल औसतन 4 हजार 9 सौ 18 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण किया था। इस दौरान भारत ने करीब 12 किमी प्रतिदिन की गति से ये निर्माण किया। जबकि 2014 से 2021 के बीच भारत ने औसतन हर साल 8 हजार 9 सौ 93 किलोमीटर हाईवे बनाए। हाईवे बनाने की गति बढ़कर प्रतिदिन 29 किमी हो गई।

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 में भारत ने 11 हजार किलोमीटर हाईवे निर्माण का लक्ष्य रखा था, जबकि भारत ने इस अवधि में लक्ष्य से ज्यादा 13 हजार 3 सौ 27 किलोमीटर हाईवे का निर्माण किया था और इससे प्रतिदिन निर्माण की गति बढ़कर 37 किलोमीटर तक जा पहुंची थी। इस प्रकार सड़क निर्माण कार्य में भारत सरकार अथक प्रयाय कर रही है।

सृजित हो रहे रोजगार के नए अवसर

स्पष्ट है कि देश में जितनी ज्यादा सड़कें तैयार हो रही हैं उतनी ही तेजी के साथ क्षेत्रों का विकास भी होना शुरू हो गया है। आज रोजगार एवं निवेश के अवसरों में बढ़ोत्तरी हो रही है जिनके पीछे का प्रमुख कारण सड़कों का गावों तक पहुंचना माना जा रहा है। केवल इतना ही नहीं गांव तक सड़कों के पहुंचने से आसपास के कम विकसित क्षेत्रों में कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने लगा है। इस प्रकार केंद्र सरकार सड़क निर्माण के जरिए देश की कभी न मिटने वाली सुनहरी विकास रेखा खींच रही है। (एएमएपी)