राजीव रंजन

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम 5 मार्च, गुरुवार रात को क्रिकेट के इतिहास के कुछ दुर्लभ पलों का गवाह बना। टी20 विश्वकप 2026 के इस दूसरे सेमीफाइनल मैच में रिकॉर्ड की झड़ी लग गई, जिसमें कुछ शानदार और कुछ शर्मनाक हैं। हर गेंद, हर शॉट और हर ओवर किसी नए रिकॉर्ड की कहानी लिखता चला गया। टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड ने मिलकर 40 ओवरों में 499 रन ठोक डाले। रोमांच का आलम यह था कि अंत में दोनों के बीच फर्क केवल सात रन का रह गया। यह मुकाबला केवल जीत-हार का नहीं था, इसमें कई रिकॉर्ड टूटे और कई नए कीर्तिमान स्थापित हुए। इस मैंच में एक बार फिर संजू सैमसन ने अपना क्लास और काबिलियत दिखाई, तो इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों की जबरदस्त धुलाई करते हुए अपनी टीम को मैच लगभग जिता ही दिया था।

रिकॉर्डों की बरसात

भारत ने इस मैच में जो विशाल स्कोर खड़ा किया, वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी नॉकआउट या प्लेऑफ मुकाबले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। इंग्लैंड का 246/7 इसी सूची में दूसरे स्थान पर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के के नाम था, जिसने 2024 में रोमानिया के खिलाफ सब-रीजनल यूरोप क्वालीफायर के ग्रुप-A फाइनल में 4 विकेट खोकर 244 रन बनाए थे। दिलचस्प बात यह भी है कि इस मैच से पहले टी20 विश्व कप के किसी नॉकआउट मुकाबले में केवल एक बार ही 200 से अधिक रन बने थे, जब 2012 के सेमीफाइनल में वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट के नुकसान पर 205 बनाए थे।

भारत और इंग्लैंड के बीच बने 499 रन टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच टोटल है। हालांकि यह टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे बड़ा मैच-टोटल स्कोर बन गया। इससे पहले 2016 में वानखेड़े स्टेडियम में ही इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच 459 रन बने थे। इससे अधिक रन केवल 2023 में साउथ अफ्रीका और वेस्ट इंडीज के बीच सेंचुरियन में खेले गए टी20 मैच में बने थे, जब दोनों टीमों ने मिलकर 517 रन बनाए थे।

इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज़ जैकब बेथेल ने इस मुकाबले को और भी यादगार बना दिया। उन्होंने केवल 46 गेंदों में 105 रन की शानदार पारी खेली। यह पुरुष टी20 विश्व कप के किसी भी नॉकआउट मैच में किसी बल्लेबाज़ का सबसे बड़ा स्कोर है। बेथेल ने अपना शतक 46 गेंदों में पूरा किया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। उनसे तेज शतक फिन एलन ने 33 गेंदों में बनाया था। फिन एलन ने यह कारनामा एक दिन पहले, टी20 विश्वकप 2026 के पहले सेमीफाइनल में किया था।

महज 22 वर्ष 133 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर बेथेल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक बनाने वाले तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे कम उम्र में यह उपलब्धि सिर्फ ब्रायन बेनेट (21 वर्ष 324 दिन) और अहमद शहजाद (22 वर्ष 127 दिन) ने ही हासिल की है।

सैमसन की शानदार उपलब्धि

भारत की ओर से संजू सैमसन ने 89 रन की विस्फोटक पारी खेली। टी20 विश्व कप के किसी नॉकआउट मुकाबले में यह किसी भारतीय बल्लेबाज़ का सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली के नाम थी, जिन्होंने 2016 के सेमीफाइनल में वेस्ट इंडीज के खिलाफ नाबाद 89 रन बनाए थे। इससे पहले, 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए अंतिम सुपर 8 मैच में संजू सैमसन ने 97 रनों की नाबाद पारी खेली थी। यह टी20 विश्व कप में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था, जिन्होंने 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 82 रन बनाए थे। कुल मिलाकर, पुरुषों के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में लक्ष्य का पीछा करते समय यह भारत की ओर से पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

छक्कों-चौकों की झड़ी

यह मैच गेंदबाज़ों के लिए दुःस्वप्न से कम नहीं था। भारत ने अपनी पारी में 19 छक्के लगाए, जो टी20 विश्व कप की एक पारी में लगाए गए संयुक्त रूप से सबसे अधिक छक्के हैं। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर की गेंदों पर ही सात छक्के लगे, जो टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी गेंदबाज़ द्वारा दिए गए संयुक्त रूप से सबसे अधिक छक्कों के बराबर है।

दोनों टीमों ने मिलकर कुल 73 बाउंड्री लगाईं, जो टी20 विश्व कप के किसी मैच में सबसे अधिक हैं और किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में तीसरे स्थान पर हैं। इस मैच में बाउंड्री से कुल 360 रन बने। टी20 विश्व कप में पहली बार किसी मैच में बाउंड्री से 300 से अधिक रन बने। इस मैच के कुल 40 ओवरों में से केवल चार ओवर ऐसे थे, जिनमें कोई बाउंड्री नहीं लगी। दोनों टीमों ने मिलकर 34 छक्के भी लगाए, जो टी20 विश्व कप का नया रिकॉर्ड है।

भारत का छक्कों का रिकॉर्ड

2026 के टी20 विश्व कप में अब तक भारत 88 छक्के लगा चुका है, जो किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला या टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्के हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड बुल्गारिया (78 छक्के) के नाम था, जो उसने 2025 में आयोजित एक त्रिकोणीय शृंखला में बनाया था।

कहां पड़े हो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में

भारत की बल्लेबाज़ी की ताकत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत अब तक छह बार 250 से अधिक रन बना चुका है। इस मामले में भारत दूसरी टीमों से बहुत आगे है। विश्व की किसी भी दूसरी टीम ने तीन बार से ज्यादा 250-प्लस का स्कोर नहीं बनाया है। सभी प्रकार के टी20 मैचों में भी 250 से ऊपर के स्कोर के मामले में भारत अब शीर्ष पर है, जिसने आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद के पांच 250-प्लस स्कोर को पीछे छोड़ दिया है।

आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का शानदार रिकॉर्ड

इस जीत के साथ भारत ने पुरुष टी20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले भारत 2007, 2014 और 2024 में फाइनल तक पहुंचा था। श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड तीन-तीन बार फाइनल खेल चुके हैं, लेकिन चार बार फाइनल तक पहुंचने का रिकॉर्ड अब भारत के नाम है।

भारत इस टूर्नामेंट का डिफेंडिंग चैंपियन भी है और इस तरह, डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में फिर से फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गया है। इससे पहले केवल पाकिस्तान (2007 एवं 2009) और श्रीलंका (2012 एवं 2014) ही लगातार दो संस्करणों में फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन वे डिफेंडिंग चैंपियन नहीं थे।

आईसीसी के बड़े टूर्नामेंटों की बात करें तो भारत अब तक 15 बार फाइनल में पहुंच चुका है। यह नया विश्वरिकॉर्ड है। इस मामले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 14 फाइनल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। भारत चार-चार बार वनडे और टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा है, पांच बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में और दो बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच चुका है।

वानखेड़े में 5 मार्च 2026 को खेला गया मैच केवल एक सामान्य टी20 मैच नहीं था, यह आधुनिक टी20 क्रिकेट की शक्ति, गति और रोमांच का जीवंत उदाहरण था। बल्ले खूब गरजे, गेंद ने बार-बार आसमान की सैर की और रिकॉर्ड एक-एक कर टूटते गए। निस्संदेह, वानखेड़े की वो आतिशि रात टी20 क्रिकेट इतिहास की एक चमकदार कड़ी बन गई।

(सभी आंकड़े 5 मार्च 2026 तक के हैं और espncricinfo.com से लिए गए हैं)