12 घंटे की नौकरी और बाकी 12 घंटे नौकरी का टेंशन।

डॉ. अरुणा ओझा।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 12 घंटे की शिफ्ट और उसके बाद 12 घंटे का मानसिक तनाव एक बड़ी चुनौती है। जब पूरा दिन काम और थकान में निकल जाए, तो योग या ध्यान के लिए अलग से एक घंटा निकालना असंभव लगता है।लेकिन, अच्छी खबर यह है कि योग और ध्यान केवल ‘चटाई’ (Yoga Mat) पर ही नहीं होते। इसे आप अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच भी शामिल कर सकते हैं।

12 घंटे की ड्यूटी के बीच ‘माइक्रो-योग’ और ‘क्विक-मेडिटेशन’

1. मॉर्निंग बूस्टर (सिर्फ 10 मिनट)

बिस्तर छोड़ने से ठीक पहले या तुरंत बाद, शरीर को सक्रिय करना जरूरी है।
ताड़ासन: खड़े होकर हाथों को ऊपर खींचें। इससे रीढ़ की हड्डी खुलती है और सुस्ती दूर होती है।
भस्त्रिका प्राणायाम: दो मिनट तेजी से सांस लें और छोड़ें। यह आपके मस्तिष्क को ऑक्सीजन का ‘शॉट’ देता है, जिससे आप ऑफिस के लिए तैयार महसूस करते हैं।

2. ऑन-डेस्क (काम के दौरान)

जब काम का बोझ बढ़ने लगे, तो इन छोटी तकनीकों को अपनाएं:
दो मिनट ‘ब्लैकआउट’ ध्यान: अपनी कुर्सी पर सीधे बैठें, आंखें बंद करें और बस अपनी आती-जाती सांसों को महसूस करें। यह दिमाग के ‘रीसेट’ बटन की तरह काम करता है।
नेक और शोल्डर रोटेशन: गर्दन और कंधों को धीरे-धीरे घुमाएं। 12 घंटे की शिफ्ट में सबसे ज्यादा तनाव यहीं जमा होता है।
7/11 तकनीक: सात सेकंड तक सांस अंदर लें और ग्यारह सेकंड में धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। यह तनाव (Cortisol) को तुरंत कम करता है।

3. ट्रांजिट मेडिटेशन (घर लौटते समय)

अगर आप बस, ट्रेन या कैब से घर लौट रहे हैं, तो मोबाइल फोन में उलझने के बजाय:
साक्षी भाव: बाहर के दृश्यों को बिना किसी निर्णय के सिर्फ देखें। यह भी एक प्रकार का ध्यान है जो ऑफिस के तनाव को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
माइंडफुल लिसनिंग: शांत संगीत या कोई पॉडकास्ट सुनें जो आपको सुकून दे।

4. सोने से पहले ‘योग निद्रा’

थकान की वजह से अक्सर नींद गहरी नहीं आती। बिस्तर पर लेटकर ‘बॉडी स्कैन’ करें:
पैर के अंगूठे से लेकर सिर तक, शरीर के हर अंग को मानसिक रूप से ढीला छोड़ते जाएं।
मन ही मन कहें, “अब मेरा काम पूरा हुआ, अब मेरा समय है।”

ऑफिस में अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे आप इन 3 प्रभावी योगाभ्यासों को आसानी से कर सकते हैं। ये न केवल शरीर की जकड़न खोलते हैं, बल्कि मानसिक थकान को भी तुरंत कम करते हैं। कुर्सी पर किए जाने वाले 3 प्रभावी ‘डेस्क योगा’

1. चेयर स्पाइनल ट्विस्ट (रीढ़ की हड्डी के लिए)

लगातार घंटों बैठने से पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ में भारीपन आ जाता है। यह आसन उसे लचीला बनाता है।
• कैसे करें: अपनी कुर्सी पर सीधे बैठें। अपने दाएं हाथ को कुर्सी के पिछले हिस्से (Backrest) पर रखें और बाएं हाथ को अपने दाएं घुटने पर। गहरी सांस लें और धीरे-धीरे दाईं ओर मुड़ें (Twist)। 5-10 सेकंड रुकें और फिर दूसरी तरफ से यही दोहराएं।
• लाभ: यह पाचन में सुधार करता है और पीठ दर्द से राहत देता है।

2. सीटेड ईगल आर्म्स (कंधों और गर्दन के लिए)

टाइपिंग या फाइल वर्क के दौरान हमारे कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं, जिससे गर्दन में तनाव पैदा होता है।
• कैसे करें: दोनों हाथों को सामने लाएं। दाएं हाथ को बाएं हाथ के ऊपर रखें और कोहनियों को मोड़ते हुए हथेलियों को आपस में जोड़ने की कोशिश करें। अब कोहनियों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं और कंधों को नीचे की ओर खींचें। 5 लंबी गहरी सांसें लें।
• लाभ: यह कंधों की जकड़न (Frozen Shoulder) को खत्म करता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है।

3. डेस्क पिजन पोज (कूल्हों और पैरों के लिए)

12 घंटे की शिफ्ट में पैरों में रक्त संचार कम हो जाता है और कूल्हों (Hips) की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं।
• कैसे करें: कुर्सी पर सीधे बैठें। अपने दाएं टखने (Ankle) को बाएं घुटने के ऊपर रखें। आपकी दाईं टांग ‘4’ के अंक जैसी दिखेगी। अब पीठ को सीधा रखते हुए थोड़ा आगे की ओर झुकें। 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर पैर बदल लें।
• लाभ: यह तनाव के कारण कूल्हों में जमा होने वाली ‘नेगेटिव एनर्जी’ और शारीरिक जकड़न को दूर करता है।

एक छोटा सा सुझाव:

हर 2 घंटे में अपनी जगह पर बस 1 मिनट के लिए खड़े हो जाएं और शरीर को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें। यह छोटा सा अंतराल आपके अगले 2 घंटों की कार्यक्षमता को 50% तक बढ़ा सकता है।

(लेखिका लाइफस्टाइल एक्सपर्ट और आर्ट ऑफ लिविंग की टीचर हैं)