अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू।
बिहार के सारण में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब 20 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इनमें कुछ लोगों की आंखों की रोशनी कम होने की भी शिकायत मिल रही है। इस जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के मशरख थाना प्रभारी रितेश मिश्रा और चौकीदार विकेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं जिले में अबतक 86 वांछित लोगों की गिरफ्तारी की गई है।इधर, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के दो अधिकारियों का दल जांच के लिए छपरा पहुंच गया है। हालांकि जहरीली शराब से मौत और मृतकों की संख्या को लेकर न आधिकारिक तौर पर पुष्टि की जा रही है और न परिजन शराब से मौत की बात कबूल कर रहे हैं। मंगलवार रात से लेकर बुधवार शाम तक जिन 33 की मौत हुई है, उनमें सबसे ज्यादा मशरक के 23 और शेष 10 लोग इसुआपुर, अमनौर व मढ़ौरा के हैं। बीमार लोगों का इलाज छपरा सदर अस्पताल, निजी क्लीनिक व पीएमसीएच में चल रहा है। इनमें कई की स्थिति गंभीर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वेंडर अलग-अलग जगहों पर शराब पहुंचाते हैं और फिर एक एजेंट के जरिए वह लोगों के पास पहुंचती है। इन इलाकों में शराब पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने एक साथ बैठ कर भोजन किया और शराब पी। मंगलवार को कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी और कुछ की स्थिति बुधवार को गंभीर हो गयी। देखते-देखते 33 लोगों की जान चली गई।
पीएमसीएच रेफर होने वालों में रूपेश कुमार, सूरज कुमार, विश्वकर्मा पटेल, सुरेंद्र सिंह व कमलेश साह शामिल हैं। मशरक के सीताराम राय व इकरामुल हक की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गयी। छपरा सदर अस्पताल के तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने 17 शवों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट आनी बाकी है। उधर सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने प्रभावित क्षेत्र में इलाज के लिए मेडिकल टीम को भेजा है। वहीं मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार से पूरे इलाके में मातम का माहौल कायम है।
ताबड़तोड़ छापे, जांच के लिए टीम गठित
मशरक, इसुआपुर, अमनौर व मढ़ौरा में पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। इस मामले में चार धंधेबाजों की भी गिरफ्तारी की गई। डीएम राजेश मीणा व एसपी संतोष कुमार वरीय पदाधिकारियों के साथ इन क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में मरने वाले लोगों के परिजनों से डीएम व एसपी ने बात कर जानकारी भी ली। जहरीली शराबकांड की जांच के लिए टीम गठित की गई है।

पुलिस जेसीबी से खुदवा रही गड्ढे
पुलिस मशरक के बहरौली में कई स्थानों पर जेसीबी से गड्ढे खुदवा रही है ताकि जमीन के अंदर छिपाकर रखी गयी शराब के बारे में पता चल सके। सारण एसपी संतोष कुमार ने बताया कि संदिग्ध स्थिति में जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शराब पीने से मौत हुई है या नहीं।
डीएम राजेश मीणा का कहना है कि सारण में संदिग्ध परिस्थिति में कुछ की स्वाभाविक व कुछ व्यक्तियों की बीमारी से मौत होने का पता चला है। इनमें कुछ ऐसे भी मिले हैं जिनके बारे में मादक पदार्थों व जहरीली शराब के सेवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी बीमार लोगों को बेहतर इलाज के लिये सदर अस्पताल छपरा भेजा गया है और प्रभावित घरों का सर्वे भी किया जा रहा है। (एएमएपी)



