डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में मामले बढ़ना सामान्य है, लेकिन वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। मरीजों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर ऐसे मरीज जो अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा कई गुना बढ़ाई
दिल्ली के अस्पतालों का दावा है कि वह कोरोना के किसी भी संभावित खतरे से निपटने को तैयार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के चीन में मौजूद बीफ 7 स्वरूप का दिल्ली में खतरा इसलिए नहीं है, क्योंकि यहां बड़ी आबादी को कोरोना का टीका लग चुका है। इसके अलावा यहां लोगों को पहले ही कोरोना संक्रमण हो चुका है, जिससे वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है।
जीटीबी अस्पताल : तीन गुना अधिक ऑक्सीजन स्टॉक में रखने की क्षमता
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुभाष गिरी का कहना है कि इस वक्त कोविड के लिए करीब 400 बेड हैं, जो पूरी तरह से खाली हैं। तुरंत नोटिस पर इन्हें बढ़ाया जा सकता है।

महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार : सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पताल, मेडिकल और पैरामेडिकल के स्वास्थ्यकर्मी महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बेड, ऑक्सीजन से लेकर दवाइयों तक की कमी ना हो, उनकी भी तैयारी शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री ने अस्पतालों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड से संबंधित सभी आवश्यकताओं का आकलन करने और जानकारी स्वास्थ्य निदेशालय से साझा करने को कहा है। साथ ही यह भी बताएं कि जरूरत पड़ने पर उसे कितना बढ़ाया जा सकता है।
कोविड से जुड़ी जरूरी दवाएं खरीदने को अतिरिक्त 104 करोड़ रुपये दिए
वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को कोविड से जुड़ी जरूरी दवाएं खरीदने के लिए अतिरिक्त 104 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। उपमुख्यमंत्री ने सोमवार को कोविड से जुड़ी तैयारियों को लेकर अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि दवाइयों के लिए यह पैसा इसलिए स्वीकृत किया गया है, ताकि सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी न हो और किसी भी आपात स्थिति के लिए हम तैयार रहें। बैठक में अस्पतालों में बेड, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन, दवाइयों से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या को लेकर चर्चा की गई। जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। (एएमएपी)



