आपका अख़बार ब्यूरो।
गूगल पर सर्च किया तो स्क्रीन पर चमका- Noble (नोबल) का अर्थ महान, कुलीन, नेक, या रईस होता है, जो ईमानदारी, बहादुरी, दयालुता जैसे उच्च नैतिक गुणों  या उच्च सामाजिक/वंश के दर्जे को दर्शाता है। और यह अल्फ्रेड नोबेल द्वारा स्थापित नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के संदर्भ में भी प्रयोग होता है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। नोबेल पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है।

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Surendra Kishore

वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर कुछ नोबल पुरस्कार विजेताओं का एक अद्भुत विश्लेषण प्रस्तुत किया है। दरअसल यह केवल तथ्यों का लेखा जोखा है और तथ्य भी ऐसे जिन्हें हर कोई जानता है। वे तथ्य पढ़ते हुए आप स्वयं ही विश्लेषण करते चलते हैं। सुरेंद्र किशोर कहते हैं-

“बांग्लादेश के नोबल विजेता मुहम्मद यूनुस के कारनामों से आप अच्छी तरह परिचित हो ही चुके हैं। उन्हें 2006 में नोबल पुरस्कार से नवाजा गया था। अब नोबल विजेता द्वय अमर्त्य सेन और अभिजीत बनर्जी से भी परिचित हो जाइए।

अभिजीत बनर्जी (2019 के नोबल विजेता)  

‘‘चाहे यह भ्रष्टाचार का विरोध हो या भ्रष्ट के रूप में देखे जाने का भय,शायद भ्रष्टाचार अर्थ -व्यवस्था के पहियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण था, इसे काट दिया गया है। मेरे कई व्यापारिक मित्र मुझे बताते हैं निर्णय लेेने की गति धीमी हो गई है।….’
–नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी, (हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान टाइम्स , 23 अक्तूबर 2019)

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यह कोई संयोग नहीं है कि बनर्जी राहुल गांधी के करीबी रहे हैं। अभिजीत बनर्जी ने ही राहुल गांधी को ‘‘न्याय योजना’’ शुरू करने की सलाह दी थी।

अमर्त्य सेन (1998 के नोबल विजेता)

नोबल विजेता अमर्त्य सेन ने जनवरी, 2023 में कहा था कि ममता बनर्जी प्रधामंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं। यह सुनकर ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी इच्छा मेरे लिए आदेश है।

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नोबल विजेता के ऐसा कहने का कारण यह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यह भी कह चुकी हैं कि ‘‘विश्व भारती भूमि नाजायज कब्जा प्रकरण’’ मामले में मैं अमर्त्य सेन के साथ हूं।

याद रहे कि विश्वविद्यालय की 13 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप लगाते हुए 20 अप्रैल 2023 को विश्वभारती विश्वविद्यालय ने जमीन खाली करने के लिए अमर्त्य सेन से कहा था।

नोबेल विजेता और डायनामाइट

उल्लेखनीय है कि विस्फोटक डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेंड नोबल ने नोबल पुरस्कार की स्थापना की थी। वे स्वीडन के निवासी थे।

1. मुहम्मद यूनुस ने शेख हसीना के धर्मनिरपेक्ष बांग्ला देश में डायनामाइट लगाया।
2. अभिजीत बनर्जी ने नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में डायनामाइट लगाने की कोशिश की।
3. अमर्त्य सेन ने जमीन पर अवैध कब्जा कर विश्वविद्यालय जैसे पवित्र स्थान की पवित्रता में डायनामाइट लगा दिया।

ध्यान देने की बात यह भी है कि अमर्त्य सेन ने सी.ए.ए. का भी विरोध किया था। यानी इस मामले में वे भारत के जेहादियों के साथ थे। पी.एफ.आई. ने सी.ए.ए.के विरोध में दंगे किये थे।

इससे पहले दुनिया की कई ऐसी राजनीतिक हस्तियों को भी शांति का नोबल पुरस्कार मिल गया था जिन पर आरोप लगा कि वे तो शंति को डायनामाइट लगाने का काम भी कर रहे थे।”