ग्राम विकास समिति वसूलती है जुर्माना, करीब 40 साल पुरानी है यह परंपरा।
राजनीतिक दलों के प्रवेश पर रोक, उम्मीदवारों को नहीं करने देते हैं प्रचार।
राजकोट के करीब 20 किलोमीटर दूर राज समढीयाला एक ऐसा गांव है, जहां वोट नहीं देने पर 51 रुपये जुर्माना वसूला जाता है। इस गांव की एक और खासियत है कि यहां किसी राजनीतिक दल के उम्मीदवार को प्रवेश नहीं है, उन्हें प्रचार करने नहीं दिया जाता है। यह आजकल से नहीं चला आ रहा है बल्कि गांव में कार्यरत ग्राम विकास समिति ने 1983 में यह नियम बनाया था, जिसे आजतक बदस्तूर जारी रखा गया है।राजकोट के समीप राज समढीयाला गांव की चर्चा आमतौर पर चुनाव के समय जरूर होती है। वर्षों से यह गांव राजनीतिक दलों से दूरी बनाने के लिए लोगों की जुबां पर है। गांव में सक्रिय ग्राम विकास समिति ने गांव को लेकर कई नियम बनाए हैं। गांव की आबादी करीब 1700 है और मतदाताओं की संख्या करीब 995 है। हरेक चुनाव में यहां करीब-करीब शत प्रतिशत मतदान होता है। इसका कारण है कि यहां की ग्राम विकास समिति एक-एक वोट पर नजर रखती है और यदि कोई गांव में मौजूद होने के बावजूद वोट नहीं करता है तो उससे 51 रुपये जुर्माना वसूला जाता है।

दशकों से यह परंपरा जस की तस चली आ रही है। मतदान के कुछ दिन पहले समिति के सदस्य ग्रामीणों की बैठक करते हैं। इस बैठक में सभी को अनिवार्य रूप से मतदान करने को कहा जाता है। यदि कोई मतदान करने में खुद को असमर्थ बताता है तो उसे समिति के समक्ष कारण बताना पड़ता है। यदि समिति इसे मंजूर करती है तो ठीक है अन्यथा उसे 51 रुपये बतौर जुर्माना अदा करना पड़ता है।
ग्राम के सरपंच का कहना है कि गांव में वाई-फाई के जरिए इंटरनेट कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरा, पीने के पानी के लिए आरओ प्लांट समेत अन्य सुविधाएं दी गई हैं। ग्रामीण बताते हैं कि राजनीतिक दलों से दूरी का कोई खास कारण नहीं है। वर्ष 1983 में ही यहां राजनीतिक दलों को प्रचार के लिए प्रवेश करने नहीं दिया गया, तब से यह नियम चला आ रहा है। (एएमएपी)



