स्टूडेंट भरपूर लेकिन 12 ट्रेडों में एक भी टीचर नहीं।

ज़िले में चार आईटीआई कालेज हैं, जहाँ स्टूडेंट्स की स्ट्रेंथ तो भरपूर है लेकिन टीचरों की बेहद कमी है। हालात यह है कि जिस कालेज में 12 ट्रेडों के लिए 40 से 45 लोगों का स्टाफ होना चाहिए, वहां सिर्फ तीन या चार लोगों का स्टाफ ही काम कर रहा है। ऐसे में ज़्यादातर बच्चों को उनकी ट्रेड का टीचर नहीं मिल पा रहा है और उन बच्चों ने भगवान भरोसे ही कालेज में एडमिशन लिया हुआ है।ज़िले में सुमेरपुर, मौदहा, राठ और सरीला में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। जिसमें सुमेरपुर में तीन, मौदहा में चार, सरीला में आठ और राठ में पांच लोगों की तैनाती है। जबकि इन चारों कालेजों में स्टूडेंट्स की स्ट्रेंथ 300 से ऊपर है। सभी आईटीआई कालेज में ट्रेडों के हिसाब से 40 से 45 लोगों का स्टाफ होना चाहिए, लेकिन यह कालेज चार या पांच लोगों के भरोसे ही चल रहे हैं। हालात तो यह हैं कि इन कालेजों में चौकीदार या स्वीपर की भी तैनाती नहीं है, जिसकी वजह से इन कालेजों में गंदगी का अम्बार है।

चारों आईटीआई कालेजों में से एक मौदहा आईटीआई का जब जायेज़ा लिया गया तो यहाँ 310 स्टूडेंट्स की स्ट्रेंथ थी जिनको प्रशिक्षण देने के लिए मात्र चार लोगों का ही स्टाफ मिला हुआ है। कालेज की नई बिल्डिंग बनी हुई है, लेकिन रख रखाव के आभाव में जरजर हो रही है। इस कालेज में जगह जगह गंदगी का अम्बार लगा मिला, और टॉयलेट का जो हाल था वह अन्दर जाने लायक नहीं था। जिस वक़्त इस कालेज का जायेज़ा लिया गया यहाँ सिर्फ दो लोगों का स्टाफ ही मिला, जिसमें से एक ट्रेनिंग सेल के इंचार्ज शमशाद अहमद और दुसरे धीरेन्द्र कुमार थे जो अनुदेशक की पोस्ट पर हैं।

धीरेन्द्र कुमार ने बताया की उनके कालेज को सिर्फ चार लोगों का स्टाफ ही मिला है, जो खुद ही स्वीपर का क्लर्क का और प्रशिक्षण का कार्य देखते हैं। स्टाफ बढाने के लिए बार बार शासन को लिखा जाता है लेकिन स्टाफ नहीं मिल रहा है। धीरेन्द्र कुमार सहित यहाँ मौजूद छात्रों ने बताया की कालेज में स्वीपर या चौकीदार नहीं है, जिसकी वजह से गंदगी का अम्बार है, हालात तो यह हैं की कालेज में पीने लायक पानी भी नहीं है, पीने के लिए पानी या तो घर से लाते हैं या फिर पानी के लिए दूर जाना पड़ता है।

हमीरपुर ज़िले के चारों राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सिर्फ एक प्रिंसिपल हरीश कुमार मिश्रा की तैनाती है, जो सरीला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में रहते हैं, और वहीँ से चारों कालेजों को देखते हैं। हरीश कुमार मिश्रा ने बताया की चारों कालेजों में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके लिए लगातार शासन को लिखा जा रहा है, लेकिन स्टाफ अभी तक नहीं मिला है, हर कालेज को चार या पांच लोगों का स्टाफ मिला है उन्ही के सहारे प्रशिक्षण संस्थानों को चलाया जा रहा है।  (एएमएपी)