हेली सेवा पूरी तरह होगी निशुल्क।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर सिंह ने बताया कि इस वर्ष 20 सितंबर को दिल्ली में आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की थी कि हम शीघ्र ही ऋषिकेश एम्स में हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रहे हैं। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में एम्स ऋषिकेश से आवश्यक पत्राचार पूर्ण कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि एम्स ऋषिकेश में करीब दो वर्ष पूर्व हेलीपैड का निर्माण कर दिया गया था। आपात स्थिति में वर्तमान में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र से गंभीर मरीजों को यहां लाया जा रहा है। इस अवधि में सभी मानकों को पूरा करने का काम एम्स प्रशासन ने किया है। इसके लिए मेडिकल स्टाफ व अन्य सभी तैयारी पहले से ही पूरी की जा चुकी है। हेलीपैड और उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऋषिकेश एम्स को उपयुक्त पाया था। अब एम्स ऋषिकेश ऐसा पहला संस्थान बनने जा रहा है जो हेली एंबुलेंस सेवाओं को संचालित करेगा।

कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर सिंह ने बताया कि हेली एंबुलेंस के लिए मंत्रालय की ओर से अधिकृत एजेंसी तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराएगी जबकि एम्स ऋषिकेश की ओर से चिकित्सक, नर्सिंग आफिसर व अन्य स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सभी तरह की बुनियादी और मानव संसाधन सुविधाएं हमारे पास उपलब्ध हैं। इसके लिए काल सेंटर की सुविधाएं भी एम्स, ऋषिकेश में उपलब्ध रहेगी। (एएमएपी)



