महिंद्रा सनतकदा की ओर से तीन फरवरी से सफेद बारादरी में शुरू होगा लखनऊ फेस्टिवल।
महिंद्रा सनतकदा की ओर से रक्स-ओ-मौसिकी फेस्टिवल का आयोजन कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी में तीन से सात फरवरी तक किया जाएगा। इसमें जहां एक ओर इस शहर के संगीत, नृत्य और गायिकी को सुनने का मौका मिलेगा, वहीं यहां के परम्परागत खान-पान का स्वाद भी चखने को मिलेगा। यह जानकारी सनतकदा की संस्थापिका माधवी कुकरेजा ने आज यानि सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। सनतकदा पिछले 14 सालों से इस फेस्टिवल को करता आ रहा है, जिसमें नई पीढ़ी अपने शहर-ए-लखनऊ की विरासत को जान सकती है।कुकरेजा ने बताया कि फेस्टिवल के साथ लखनवीं संस्कृति भी दिखेगी। इसमें शहर के नए एवं प्राचीन पहलुओं का एक दुर्लभ मिश्रण रहेगा। उन्होंने बताया कि इस फेस्टिवल की अनोखी बात यह है कि इस वर्ष की थीम रक्स-ओ-मौसिकी है, जिसका अर्थ है नृत्य और संगीत। यह खास कर लखनऊ और अवध क्षेत्र के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इस पांच दिवसीय फेस्टिवल में वार्तालाप, फिल्मों की स्क्रीनिंग और कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा। इसमें हस्तशिल्प बाजार और संडे होम कुक्ड फूड फेस्टिवल रहेंगे। फेस्टिवल के क्राफ्ट्स बाजार में खादी, सिल्क, आर्गेनिक एवं साउथ कॉटन, पश्मीना, माहेश्वरी, जाॅमदानी, बनारसी, चन्देरी और कई अन्य प्रकार के साड़ियां व सामान उपलब्ध रहेंगे। साथ ही गोल्ड प्लेटेड, सिल्वर और ट्राइबल ज्वैलरी के स्टाॅल भी लगेंगे।
संडे होम कुक्ड फूड में अवध के आधुनिक घरों के बावर्ची और बेगमों के हाथ का बनाया स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद मिलेगा। जैसे लाल मिर्च का कीमा, चिकन कोरमा, अचारी फिश, कबाब, काले गाजर का हलवा परोसा जाएगा। इसके अलावा, फेस्टिवल की थीम को ध्यान में रखते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से कला मण्डपम में टी.एम. कृष्ण की गीत प्रस्तुति, पूर्वा नरेश की बन्दिश, ताल, ऋषि पंडित अनींदो चटर्जी की एकल तबला प्रस्तुति, उस्ताद गुलशन भारती की गजल और अर्शिया सेठी की ओर से गुरु पंडित मोहनराव कल्याणपूर्कर को श्रद्धांजलि दी जायेगी। वहीं कथक करते पंडित बिरजू महाराज के खानदान की 9वीं पीढ़ी शिनजिनी कुलकर्णी की कथक प्रस्तुति भी होगी। फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली, सबा दीवान, मंजरी सिन्हा, यतींद्र मिश्रा, और यूसुफ सईद इत्यादि की बातचीत भी फेस्टिवल में होगी।(एएमएपी)



