शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने पर सभी करें फोकस :गुटेरेस

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में एकत्र हुए नेताओं से समय के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा है कि आर्थिक संकट से लेकर युद्ध और महामारी तक, दुनिया के सामने कई गंभीर खतरों पर ध्यान देते हुए उन्होंने कहा, हम श्रेणी पांच के तूफान की नजर में हैं। जलवायु परिवर्तन पर उन्होंने विश्व के नेताओं से शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी परिवर्तन योजनाओं को आगे बढ़ाने और वर्ष के अंत से पहले अपनी योजनाओं को प्रस्तुत करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, शुद्ध शून्य में परिवर्तन वास्तविक उत्सर्जन में कटौती पर आधारित होना चाहिए- और कार्बन क्रेडिट और छाया बाजारों पर अनिवार्य रूप से निर्भर नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि हमने (संयुक्त राष्ट्र) नेट-जीरो उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं पर विशेषज्ञ समूह बनाया है। उन्होंने व्यवसायों से विश्वसनीय, जवाबदेह नेट-जीरो प्रतिज्ञाओं के लिए समूह के दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। 1970 के दशक में तंबाकू उद्योग के समानांतर चित्रण करते हुए- जहां कंपनियों को खतरनाक स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में पता था- उन्होंने कहा कि बिग ऑयल को ग्रह पर जीवाश्म ईंधन के हानिकारक प्रभाव के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

गुटेरेस ने कहा कि दुनिया जिन गंभीर खतरों का सामना कर रही है, उनमें से एक सबसे खतरनाक है जिसे उन्होंने ग्रेट फ्रैक्चर करार दिया है, जिसे उन्होंने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के अलग होने की संज्ञा दी – विवर्तनिक दरार जो व्यापार नियमों के दो अलग-अलग सेट, दो प्रमुख मुद्राएं, दो इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर दो परस्पर विरोधी रणनीतियां बनाएगी।

उन्होंने कहा, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था को दो ब्लॉकों में विभाजित करने से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 1.4 ट्रिलियन डॉलर की कमी आ सकती है। यह आखिरी चीज है जिसकी हमें जरूरत है। यह देखते हुए कि अमेरिका-चीन संबंध मानवाधिकारों और क्षेत्रीय सुरक्षा के सवालों से तनावपूर्ण हैं। गुटेरेस ने कहा कि फिर भी यह संभव है और वास्तव में आवश्यक भी। दोनों देशों के लिए जलवायु, व्यापार और प्रौद्योगिकी पर सार्थक जुड़ाव है, ताकि अर्थव्यवस्थाओं को अलग करने या भविष्य के टकराव की संभावना से बचा जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि नैतिक रूप से दिवालिया वित्तीय प्रणाली प्रणालीगत असमानताओं को बढ़ा रही है। उन्होंने एक नई ऋण संरचना का आह्वानन किया जो विकासशील देशों को सतत विकास में निवेश करने में सक्षम बनाने के लिए तरलता, ऋण राहत और दीर्घकालिक ऋण प्रदान करेगी। विकासशील देशों को गरीबी और भुखमरी को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए वित्त तक पहुंच की आवश्यकता है।

वहीं, उनका कहना यह भी रहा है कि  बहुपक्षीय विकास बैंकों को भी अपना व्यवसाय मॉडल बदलना चाहिए। अपने स्वयं के संचालन से परे, उन्हें विकासशील देशों की ओर निजी वित्त को व्यवस्थित रूप से निर्देशित करने, गारंटी प्रदान करने और पहले जोखिम लेने वाले होने पर ध्यान देना चाहिए। विकासशील देशों में बड़े पैमाने पर पूंजी के प्रवाह के लिए परिस्थितियों के निर्माण के बिना, कोई भविष्य नहीं है।  (एएमएपी)

इमरान : ‘भीख का कटोरा’ लेकर घूम रहे पीएम शहबाज शरीफ

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पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद मौजूदा पीएम शहबाज शरीफ के ‘भीख का कटोरा’ लेकर घूमने की पुष्टि कर दी है। उन्होंने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भीख का कटोरा लेकर दुनिया भर के विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उनमें से कोई भी उन्हें एक पैसा नहीं दे रहा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष खान ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘देखिए, इस आयातित सरकार ने पाकिस्तान के साथ क्या किया है।’

इमरान खान ने प्रधानमंत्री की हाल की विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘शहबाज शरीफ भीख का कटोरा लेकर विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उनमें से कोई भी उन्हें एक पैसा नहीं दे रहा है। शरीफ भारत से बातचीत के लिए भीख मांग रहे हैं, लेकिन नई दिल्ली उनसे पहले आतंकवाद को खत्म करने के लिए कह रही है।’ दरअसल, खान ने यूएई के मीडिया संगठन को प्रधानमंत्री के हालिया इंटरव्यू का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भारत के साथ बातचीत की इच्छा जाहिर की थी। शरीफ के बयान पर टिप्पणी करते हुए भारत ने कहा था कि वह हमेशा पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी का संबंध चाहता है, लेकिन ऐसे संबंधों के लिए आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल होना चाहिए।

मेरी हत्या कोशिश के पीछे थे ये लोग…

पूर्व पीएम खान की यह टिप्पणी शरीफ की संयुक्त अरब अमीरात की 2 दिवसीय यात्रा के कुछ सप्ताह बाद आई है, जिस दौरान खाड़ी अमीरात 2 अरब डॉलर का मौजूदा ऋण देने और एक अरब डॉलर का अतिरिक्त ऋण देने पर सहमत हुआ था। इससे तेजी से घट रहे विदेशी मुद्रा भंडार के बीच आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिल सकती है। 70 वर्षीय खान ने आगे कहा कि उन्हें 100 प्रतिशत यकीन है कि शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई काउंटर इंटेलिजेंस विंग’ के प्रमुख मेजर-जनरल फैसल नसीर उनकी हत्या के प्रयास के पीछे थे।

ऊपर वाले की इच्छा थी कि मैं बच गया

इमरान ने कहा, ‘अब मुझे 100 प्रतिशत यकीन हो गया है कि शहबाज और अन्य 2 जिनका नाम मैंने प्राथमिकी में लिया था, जो दर्ज नहीं की जा सकी थी, ने मुझे मारने की साजिश रची थी। यह एक सटीक साजिश थी, क्योंकि तीन प्रशिक्षित निशानेबाजों को मेरी हत्या करने के लिए भेजा गया था। लेकिन यह ऊपर वाले की इच्छा थी कि मैं बच गया।’ मालूम हो कि खान को पिछले साल 3 नवंबर को पंजाब प्रांत (लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर) के वजीराबाद इलाके में उनकी पार्टी की रैली के दौरान तीन गोलियां लगी थीं।

सेना को राजनीति से रहना होगा दूर

यह पूछे जाने पर कि क्या सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की सेवानिवृत्ति के बाद सैन्य प्रतिष्ठान तटस्थ हो गए, इस पर खान ने कहा, ‘नहीं, सैन्य प्रतिष्ठान अब भी तटस्थ नहीं है।’ खान ने सैन्य प्रतिष्ठान से पिछली गलतियों से सीखने और राजनीति से दूर रहने को कहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर सेना राजनीति में दखल देना जारी रखती है और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव नहीं होते हैं, तो देश में अव्यवस्था और अराजकता होगी। इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।’ (एएमएपी)

 

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर कसा तंज, बोले- इनकी ‘बांटो और राज करो’ की रणनीति

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस जब भी हारती है तब ‘बांटो और राज करो’ की रणनीति अपनाने की कोशिश करती है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से बातचीत में आईएनडीआई गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा, “ये लोग आपस में ही न्याय नहीं कर पा रहे हैं। सीटों के ऊपर तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। उनके अधिकतर नेता गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप में या तो बेल पर हैं या तो जेल में हैं। ये क्या न्याय दिलाएंगे?”उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी जातीय जनगणना की बात करती है, कभी क्षेत्रवाद की बात करती है लेकिन कभी भी विकास के मुद्दे पर नहीं बोलती। देश को आगे बढ़ाने वाली चर्चा से कांग्रेस सदैव दूर भागती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव में आकांक्षी जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शानदार प्रदर्शन यह दर्शाता है कि लोग विकास को वोट देते हैं। कांग्रेस ने वर्षों तक लोगों के साथ अन्याय किया। उन्हें गरीबी में धकेला, आगे नहीं आने दिया। उसके मुकाबले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 13.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को मात्र 5 वर्षों में गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने देश के अंतिम जन के घर- द्वार तक केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ले जाने का कार्य किया है। अभी तक विभिन्न राज्यों में लाखों लोगों को इस यात्रा के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल चुका है। इससे लगातार जागरूकता बढ़ रही है और लोगों को लाभ मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस यात्रा से देश के कोने-कोने में लोगों को सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जा रहा है। जो लोग वंचित रह गए थे, वे सभी अपने फॉर्म भरे जा रहे हैं, जिससे उन्हें अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

बनारस से रांची का सफर बनेगा आसान, पीएम मोदी 30 को करेंगे वंदे भारत ट्रेन की शुरूआत

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश समक्ष रखा है, जिसमें हर भारतवासी पूरे मनोयोग से अपना योगदान सुनिश्चित कर रहा है। हम 2047 से पहले भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे। मोदी की गारंटी की गाड़ी 2 लाख 69 हजार पंचायतों में जाकर लोगों को भारत सरकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ सुनिश्चित कर रही हैं। ये यात्रा विश्वास और संकल्प कराएगी कि विकसित भारत बनाने में प्रत्येक भारतवासी का योगदान होगा। युवा, किसान, महिला, गरीब, उद्यमी, प्रत्येक वर्ग मिलकर विकसित भारत बनाएगा। ये नया भारत है जो ना रुकेगा ना थमेगा।(एएमएपी)

तितलियों को आकर्षित कर रही पुणे की आबोहवा

बाग- बगीचों के फूलों पर डेढ़ सौ प्रजातियों की तितलियां बिखेर रहीं अपना रंग।

महाराष्ट्र के पुणे क्षेत्र की आबोहवा ने प्रकृति में विचरण करने वाली डेढ़ सौ से अधिक प्रजातियों की तितलियों को आकर्षित कर रखा है। इनमें कई प्रजातियां ऐसी भी हैं जो घने जंगलों में ही पाई जाती हैं। इन्हें अब यहां के बाग-बगीचों में खिलने वाले फूलों पर आसानी से देखा जा सकता है। पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है।पर्यावरणविद प्रोफेसर जयंत देशपांडे ने तो बाकायदा अपने घर की छत पर तितलियों के लिए बड़ा बगीचा तक बना रखा है और इनके जरिए वे शोध भी कर रहे हैं। नगर निगम की जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न भागों में तितलियों की 150 से अधिक प्रजातियां पाई गई हैं, जो यहां खिलने वाले फूलों पर अपना रंग बिखेर रही हैं। इनका फोटोग्राफिक रिकॉर्ड भी संजोया गया है।

प्रोफेसर देशपांडे के अनुसार जंगलों में पाई जाने वाली तितली प्रजाति कॉमन मैप पिछले साल शहर में कई इलाकों में देखने को मिली थी, जिसका फोटोग्राफिक रिकॉर्ड भी मौजूद है। तितलियां बहुत अच्छी संकेतक प्रजाति हैं क्योंकि ये वनस्पति पर निर्भर होती हैं। हर एक तितली प्रजाति विशिष्ट लार्वा होस्ट प्लांट्स पर निर्भर है। सबसे खास बात है कि एक तितली कैटरपिलर भूखा रह लेगा, यहां तक की मर जाएगा, लेकिन अन्य पौधों की प्रजातियों को कभी नहीं खाएगा।

प्रोफेसर देशपांडे ने बताया जब तितली एडल्ट हो जाती है तो वो एक बहुत अच्छी वनस्पति विज्ञानी मानी जाती है। एडल्ट तितली हमेशा लार्वा होस्ट प्लांट्स पर ही अंडे देती है। अगर उसपर भी नहीं तो पौधे के आसपास ही अंडा देती है। वे कहते हैं तितलियों की अच्छी विविधता, आसपास की वनस्पतियों में बहुत अच्छी विविधता का संकेत देती है। (एएमएपी)

रक्षा बजट में इस साल फिर हुआ इजाफा, रेलवे क्षेत्र के लिए भी हुए कई बड़े एलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को देश का बजट पेश किया। इसमें रक्षा क्षेत्र के लिए होने वाले खर्चों का भी ब्योरा दिया गया है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक, इस साल रक्षा बजट 5.94 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो कि 2022-23 के 5.25 लाख करोड़ रुपये के बजट से 12.95 फीसदी ज्यादा है। यानी एक बार फिर रक्षा बजट में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हथियारों, विमानों, सैन्य साजोसामान के लिए कितना बजट?

बजट में पूंजीगत व्यय के लिए कुल 1.62 लाख करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। इनमें नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य साजोसामान की खरीद शामिल है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2022-23 में, पूंजी परिव्यय के लिए बजटीय आवंटन 1.52 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन संशोधित अनुमान के अनुसार व्यय 1.50 लाख करोड़ रुपये था।

वेतन-भुगतान के लिए कितना बजट आवंटित?

अगले वित्त वर्ष के बजट दस्तावेजों के अनुसार, राजस्व व्यय के लिए 2,70,120 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिनमें वेतन भुगतान और प्रतिष्ठानों के रखरखाव पर होने वाले खर्च शामिल हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में राजस्व व्यय के लिए बजटीय आवंटन 2,39,000 करोड़ रुपये था। 2023-24 के बजट में, रक्षा मंत्रालय (सिविल) के लिए पूंजीगत परिव्यय 8,774 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि पूंजीगत परिव्यय के तहत 13,837 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

रक्षा पेंशन के लिए अलग से 1,38,205 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। पेंशन परिव्यय सहित कुल राजस्व व्यय 4,22,162 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, रक्षा बजट का कुल आकार 5,93,537.64 करोड़ रुपये है।

रेलवे में निजीकरण को दिया जाएगा बढ़ावा, सुविधाओं पर खर्च होंगे 2.40 लाख करोड़

अन्य सेक्टर की तरह बजट में रेलवे क्षेत्र के लिए भी कई अहम एलान किए गए। वित्त मंत्री ने भाषण में कहा कि बजट में रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है। अब तक का यह सर्वाधिक परिव्यय, वित्त वर्ष 2013-14 में किए गए परिव्यय का लगभग नौ गुना है।

बजट में रेलवे सेक्टर में निजी भागेदारी बढ़ाने की बात कही गई है। इसके जरिए रेलवे के तहत सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली जैसे ढांचागत विकास में मदद मिलेगी। वहीं रेलवे सेक्टर के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार आने वाले समय में वंदे भारत और हाइड्रोजन ट्रेन जैसी कई ट्रेनों के संचालन में खर्च करेगी। यात्री सुविधाओं के लिए भी खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है।

 ये हैं रेलवे सेक्टर के लिए अहम घोषणाएं
– रेलवे सेक्टर में 2.4 लाख करोड़ खर्च होंगे
-रेलवे में निजी क्षेत्र की भागेदारी होगी
-रेलवे की पटरियों के नवीकरण में 17297 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे
-रेलवे सुरक्षा निधि में 45000 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे (एएमएपी)

अब जम्मू-कश्मीर में भी जोशीमठ जैसे हालात, डोडा में सात घरों में आई दरारें

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स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंची भूवैज्ञानिकों की टीम।

भू-धंसाव का सामना कर रहे जोशीमठ के बाद अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी इसी तरह के मामले देखे गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के कम से कम सात घरों में दरारें आई हैं। यह दरारें ठीक वैसी ही बताई जा रही हैं जैसी उत्तराखंड के जोशीमठ में देखी गई हैं। सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को बताया कि डोडा जिले के थाथरी शहर के बस्ती इलाके के इन घरों के निवासी अपने पड़ोसियों या रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कई घरों में दरारें देखी गईं, जिसके कारण प्रशासन को नागरिकों को अपने घर खाली करने के लिए कहना पड़ा। पता चला है कि दरारें बढ़ती जा रही हैं। इस बीच भूवैज्ञानिकों की एक टीम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है। दरारों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

डोडा के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अतहर अमीन जरगर ने कहा, “डोडा जिले में दिसंबर में एक घर में दरारें आने की सूचना मिली थी। कल तक छह इमारतों में दरारें देखीं घीं, लेकिन अब ये दरारें बढ़ने लगी हैं। यह क्षेत्र धीरे-धीरे डूब रहा है। सरकार जल्द से जल्द इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।”

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डोडा जिले की थाथरी नगरपालिका में नई बस्ती क्षेत्र से कम से कम 20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। टाइम्स नाउ ने एसडीएम के हवाले से कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा क्षेत्र की जांच करने और इसे असुरक्षित घोषित करने के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शिविरों और टेंटों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

इस बीच पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया कि उत्तराखंड सरकार ने 296 परिवारों के 995 सदस्यों को धंसाव प्रभावित जोशीमठ से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। उच्च सदन में तीन अलग-अलग सवालों के लिखित जवाब में सिंह ने कहा कि जोशीमठ में हाल ही में जमीन धंसने के कारण 863 इमारतों में दरारें देखी गई हैं और कई संरचनाओं को मध्यम और बड़े नुकसान की सूचना मिली है।

उन्होंने कहा कि जमीन धंसने की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने तपोवन-विष्णुगढ़ बिजली परियोजना और हेलोंगमारवाड़ी बाईपास रोड सहित पूरे जोशीमठ क्षेत्र में सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी तक कुल 235 प्रभावित परिवारों को राहत सहायता के रूप में 3.50 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।(एएमएपी)

बाहुबली मुख्तार अंसारी की बहू गिरफ्तार, जेल में पति के लिए ले जा रही थी प्रतिबंधित सामान

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उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद बाहुबली नेता और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की बहू और विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी को पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया है। दरअसल, निखत बानो चित्रकूट जेल में बंद अपने पति अब्बास अंसारी से मुलाकात करने पहुंची थीं। इस दौरान छापेमारी की गई तो निखत के पास से मोबाइल और कुछ प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ है। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। निखत अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।निखत और अब्बास की मुलाकात डिप्टी जेलर के कमरे में हो रही थी। इस दौरान तलाशी ली गई। इस मामले में जेल प्रशासन की तरफ से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। वहीं, निखत अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जेल प्रशासन की लापरवाही को लेकर भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस मामले में विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निखत बानो, ड्राइवर नियाज़, चित्रकूट जेल अधीक्षक अशोक सागर, डिप्टी जेलर सुशील कुमार, कॉन्स्टेबल जगमोहन समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

दरअसल, निखत बानो बीते कई दिनों से अब्बास अंसारी से रोजाना 11 बजे मिलने पहुंचती थीं और 3 से 4 घंटे जेल में बिताकर वापस जाती थीं। इतना ही नहीं, अब्बास से निखत के मिलने के लिए जेल में कोई रोक टोक नहीं थी। बताया ये भी जा रहा है कि अब्बास अपनी पत्नी निखत के मोबाइल फोन से मुकदमे के गवाहों और अभियोजन से जुड़े अफसरों को फोन भी करता था। उन्हें फोन पर ही डराया-धमकाता था। पत्नी के ही फोन से रंगदारी भी मांगी जाती थी।

अब्बास से लगातार बे-रोकटोक मिलने के लिए जेल कर्मचारियों को पैसे और गिफ्ट दिए जाते थे। वहीं, कर्वी थाने में दर्ज एफआईआर में ड्राइवर नियाज़ की मदद से अब्बास को जेल से भगाने की योजना का भी जिक्र किया गया है।

पुलिस को मिली सूचना के बाद अब्बास अंसारी की बैरक पर डीएम और एसपी ने मारा छापा तो वह बैरक में नहीं मिला। डीएम और एसपी की छापेमारी की खबर मिलते ही जेल का सिपाही जगमोहन अब्बास को जेल अधीक्षक के कमरे से निकालकर बैरक ले गया था। इसके साथ ही डीएम और एसपी को अब्बास की पत्नी निखत जेल अधीक्षक के कमरे में मिली थी।

निखत की तलाशी ली गई तो उसके पास से 2 मोबाइल फोन,  21000 रुपये और 12 रियाल भी बरामद हुए। छापेमारी में बरामद फोन से निखत बानो ने डाटा भी डिलीट किया था। जब पुलिस अधिकारियों ने उनके फोन का पासवर्ड मांगा तो उन्होंने गलत पासवर्ड बताया।

डीआईजी जेल प्रयागराज को इस मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद चित्रकूट जेल में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को ईडी ने  मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही अब्बास चित्रकूट जेल में बंद है।  (एएमएपी)

पश्चिम बंगाल : पुरुलिया में साधुओं को पीटने के मामले में 12 लोग गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में तीन साधुओं को पीटने के मामले में विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें अपहरण करने वाला समझ कर हमला कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर साधुओं को भीड़ से बचा कर नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचाया।

पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत बनर्जी ने घटना के संबंध में बताया कि साधुओं से मारपीट करने वाले 12 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी मामले की जांच की जा रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है। गिरफ्तार सभी आरोपितों को पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर सब डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा।पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ लड़कियों के साधुओं से डर कर भागने से स्थानीय लोगों को उन पर शक हुआ, जिसके बाद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। बाद में पुलिस ने साधुओं को गंगासागर मेला पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था की।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गुस्साई भीड़ साधुओं के वाहन में भी तोड़फोड़ करती दिख रही है। उल्लेखनीय है कि यह घटना गुरुवार को हुई थी। घटना को लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए घटना की आलोचना की है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में पालघर जैसी लिंचिंग की घटना हुई है। मकर संक्रांति के लिए गंगासागर जा रहे साधुओं को सत्तारूढ़ टीएमसी से जुडे़ लोगों ने निर्वस्त्र कर पीटा। ममता बनर्जी के शासन में शाहजहां शेख को सरकारी संरक्षण मिलता है और साधुओं की हत्या की जा रही है। पश्चिम बंगाल में हिंदू होना क्राइम बन गया है। (एएमएपी)

पिछले साल 96 हजार से अधिक पर्यटकों ने की ‘भारत गौरव’ ट्रेनों में यात्रा

‘भारत गौरव’ ट्रेनों ने बीते वर्ष 172 यात्राओं में 96 हजार से अधिक पर्यटकों ने यात्रा की। ‘भारत गौरव’ ट्रेन श्रीराम-जानकी यात्रा, अयोध्या से जनकपुर, श्रीजगन्नाथ यात्रा, “गर्वी गुजरात” यात्रा, अम्बेडकर सर्किट; उत्तर-पूर्व भ्रमण जैसे प्रमुख पर्यटक सर्किटों की यात्रा को कवर करती हैं।

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भारतीय रेलवे ने ‘भारत गौरव’ पर्यटक ट्रेनों के बैनर तले थीम-आधारित सर्किट पर पर्यटक ट्रेनों के संचालन की अवधारणा प्रस्तुत की है। इन थीम-आधारित पर्यटक सर्किट ट्रेनों का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शानदार ऐतिहासिक स्थलों का प्रदर्शन और उनकी यात्रा कराना है।

मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2023 के दौरान 96 हजार 491 पर्यटकों को लेकर भारत गौरव ट्रेनों की कुल 172 यात्राएं संचालित की गईं, जो 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले देश भर के विभिन्न पर्यटन स्थलों को कवर करती हैं। ‘भारत गौरव’ ट्रेन श्रीराम-जानकी यात्रा, अयोध्या से जनकपुर, श्रीजगन्नाथ यात्रा, “गर्वी गुजरात” यात्रा, अम्बेडकर सर्किट; उत्तर-पूर्व भ्रमण जैसे प्रमुख पर्यटक सर्किटों की यात्रा को कवर करती हैं।

उत्तर भारत में ठंड का कहर, कोहरे के कारण रेल और हवाई सेवा प्रभावित

इन ट्रेनों में की जाने वाली यात्रा में व्यापक टूर पैकेज की पेश की जाती है, जिनमें आरामदायक ट्रेन यात्रा और संबद्ध ऑनबोर्ड सेवाओं के साथ-साथ ऑफ-बोर्ड यात्रा और बसों द्वारा भ्रमण, होटल में रहना, टूर गाइड, भोजन, यात्रा बीमा आदि जैसी सेवाएं शामिल हैं।

रेल मंत्रालय ने भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत बेहतर गुणवत्ता वाले कोचों के साथ रेल-आधारित पर्यटन के प्रावधान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन देने के बारे में पूरा जोर दिया है। यह घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार की पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘देखो अपना देश’ के अनुरूप है।(एएमएपी)

पाकिस्तान : कराची में पुलिस मुख्यालय में आतंकी हमला, 3 आतंकियों समेत 6 की मौत

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प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान ने ली आतंकी हमले की जिम्मेदारी।

पाकिस्तान में शरई फैसल स्थित कराची पुलिस मुख्यालय (केपीओ) पर शुक्रवार रात को आतंकी हमला हुआ। करीब चार घंटे तक चले पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस के ऑपरेशन में 3 आतंकियों समेत 6 लोगों की मौत हुई है। ऑपरेशन में तीन आतंकियों के अलावा एक पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों की भी मौत हुई है, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान ने ली है।पुलिस के अनुसार कराची के 5 मंजिला कराची पुलिस मुख्यालय पर शाम 7:10 बजे आठ से 10 आतंकी घुस आए। शरई फैसल के सदर पुलिस स्टेशन के पास स्थित पुलिस मुख्यालय में घुसे इन आतंकियों के पास भारी विस्फोटक और हथियार थे, जिनसे ये लगातार हमला कर रहे थे। फायरिंग होने पर वहां मौजूद सुरक्षा बल के जवान मोर्चा संभालते हुए वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने की कवायद में जुट गए। पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस कमांडो ने लगातार जवाबी कार्रवाई करके पुलिस मुख्यालय की कई मंजिलों से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि शाम करीब 7:10 बजे हमला होने के बाद प्रांतीय सरकार ने यह कहते हुए सेना से मदद मांगी थी कि शहर के पुलिस प्रमुख कराची में नहीं है। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के डीआईजी को हमले में शामिल आतंकियों को गिरफ्तार करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय पर हमला किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। शाह ने कहा कि करीब 4 घंटे तक चले ऑपरेशन में पांच मंजिला इमारत को साफ कर दिया गया है। पास में ही पाकिस्तानी एयरफोर्स का फैसल बेस सहित कई रणनीतिक प्रतिष्ठान भी हैं।

सिंध रेंजर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमला करने वालों में आठ से दस सशस्त्र आतंकवादी थे। प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद विरोधी बल के एक ब्रिगेडियर के नेतृत्व में ऑपरेशन चलाया गया। कराची पुलिस मुख्यालय में घुसे इन आतंकियों के पास हैंड ग्रेनेड और ऑटोमैटिक गन थे। ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान रेंजर्स और पुलिसबलों ने एआईजी ऑफिस के पास इलाके को चारों ओर से घेर लिया था। इसके अलावा सिंध पुलिस और पाकिस्तान रेंजर्स को भारी संख्या में केपीओ के पास तैनात किया गया था।

सिंध की प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मुर्तजा वहाब ने कहा कि हमलावरों को चारों ओर से घेरने के लिए जिले की सभी मोबाइल वैन को तुरंत मौके पर बुला लिया गया। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स (क्यूआरएफ) घटनास्थल पर पहुंचा और इलाके को चारों ओर से घेर लिया। करीब 4 घंटे तक चले ऑपरेशन में 3 आतंकियों समेत 6 लोगों की मौत हुई है। ऑपरेशन में तीन आतंकियों के अलावा एक पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों की भी मौत हुई है, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं।

दरअसल, पाकिस्तान का प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान एक अलग समूह है, लेकिन अफगानिस्तान में तालिबान के सहयोगी हैं। इसी समूह ने एक साल से अधिक समय पहले अमेरिका और नाटो सैनिकों के पीछे हटने के बाद वहां सत्ता पर कब्जा कर लिया था। अफगानिस्तान में तालिबान के अधिग्रहण ने पाकिस्तानी आतंकियों का हौसला बढ़ाया है, जिनके शीर्ष नेता और लड़ाके सीमा पार छिपे हुए हैं। (एएमएपी)