क्‍या मुकुल रॉय फिर से भाजपा में होंगे शामिल

बेटा बोला-पिता के साथ हो रही डर्टी पॉलिटिक्स

टीएमसी के संस्थापक सदस्य रहे मुकुल रॉय के भाजपा में एक बार फिर से शामिल होने की अटकलें हैं। टीएमसी नेता के बेटे ने दावा किया था कि वह लापता हो गए हैं और कुछ घंटे बाद ही वह दिल्ली में पाए गए। इसके बाद से ही अटकलें तेज हैं कि मुकुल रॉय एक बार फिर से भाजपा में शामिल हो सकते हैं। 2021 में बंगाल चुनाव के बाद वह तृणमूल कांग्रेस में आ गए थे। मुकुल रॉय के भाजपा में आने की अटकलें एक सोशल मीडिया पोस्ट से भी तेज हो गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद अनुपम हजारा ने सोशल मीडिया में ‘Coming Back’ लिखा, जिसके बाद मुकुल रॉय को लेकर लग रहे कयास और तेज हो गए।

मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु ने सोमवार को बिधाननगर पुलिस थाने में पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मंगलवार को सुभ्रांशु ने इस मामले में भाजपा पर हमला बोला। सुभ्रांशु ने कहा कि मेरे बीमार पिता के साथ डर्टी पॉलिटिक्स हो रही है और अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने की साजिश हो रही है। अभिषेक बनर्जी सीएम ममता के भतीजे हैं और टीएमसी के महासचिव हैं। सुभ्रांशु ने कहा, ‘मेरे पिता की उम्र 70 साल है और वह डिमेंशिया एवं पार्किंसन समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं। उनकी सर्जरी होनी है और हर दिन उन्हें 18 दवाएं लेनी होती हैं। उनके साथ डर्टी पॉलिटिक्स हो रही है। अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने की साजिश हो रही है।’

सुभ्रांशु ने कहा कि पूरे घटनाक्रम पर ममता बनर्जी की नजर है। उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी ने पूरे मामले की दो बार जानकारी ली है। मुकुल रॉय भाजपा में 2017 में शामिल हुए थे, जिनके खिलाफ नारदा स्कैम के आरोप थे। भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बना दिया था, लेकिन 2021 में टीएमसी की जीत के बाद वह वापस ममता बनर्जी के साथ चले गए थे। मुकुल रॉय के साथ ही उनके बेटे भी टीएमसी में चले गए थे। फिलहाल टीएमसी ने मुकुल रॉय के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया है।

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘मुकुल रॉय बीमार हैं या फिट हैं। वह मानसिक रूप से स्वस्थ हैं या नहीं। वह भाजपा के साथ हैं या फिर टीएमसी में ही हैं। मेरे जैसे एक छोटे से प्रवक्ता के लिए इस मसले पर कुछ भी बोलना संभव नहीं है।’ गौरतलब है कि इस बीच दिल्ली पहुंचे मुकुल रॉय का कहना है कि क्या मैं दिल्ली नहीं आ सकता। उनके बेटे का कहना था कि मुकुल रॉय को दो लोग दिल्ली ले गए हैं और परिवार को इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं दी गई है।(एएमएपी)

अजित पवार गुट को 4 सीटें मिलने की संभावना, 12 पर एकनाथ शिंदे गुट लड़ सकता है चुनाव

महाराष्ट्र की लोकसभा सीटों को लेकर एनडीए गठबंधन के नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर ढाई घंटे से अधिक बैठक चली है। देर रात तक सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन किया गया है। बैठक में सीट दर सीट बात की गई है और जिताऊ उम्मीदवार और कंपोजिशन के आधार पर टिकट देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेन्द्र फडणवीस और अजित पवार मौजूद रहे।


सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अजित पवार गुट को 3 से 4 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि अजित पवार और ज्यादा सीटें चाहते हैं। शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को 12 से 13 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि बीजेपी करीब 32 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। बैठक में बीजेपी और शिवसेना के बीच कुछ लोकसभा सीटों में बदलाव पर भी चर्चा की गई। शिवसेना कोटे के कुछ टिकट कटने की भी संभावना है।

इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य में महायुति गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है और दो या तीन सीटों पर अभी भी चर्चा चल रही है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि जब भी लोकसभा के लिए टिकट वितरण की बात आती है, तो यह जमीनी हकीकत पर ही आधारित होता है। उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन के तीनों दलों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है। जिन दो-तीन सीटों पर गतिरोध था, उन पर अभी भी चर्चा चल रही है, लेकिन वह भी जल्द ही सुलझ जाएगी। हमारे बीच किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है।

लोकसभा चुनाव : झारखंड में होगा कांटे का मुकाबला, अर्जुन मुंडा की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 41 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने पांच सीटें जीतीं और एआईएमआईएम के नेतृत्व वाला गठबंधन 48 में से एक सीट जीतने में कामयाब रही। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं।(एएमएपी)

ममता की चुनौती : मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार, लेकिन रखी शर्त

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के एक आरोप के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने तक की बात कह दी है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अगर ये बात साबित हो जाती है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा चले जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उन्होंने फोन किया था, तो वो अपना इस्तीफा दे देंगी।ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि उनकी पार्टी का नाम ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस बना रहेगा। दरअसल, शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि जब टीएमसी का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा निर्वाचन आयोग ने खत्म कर दिया था तब ममता बनर्जी ने अमित शाह को फोन किया था और उनसे इस फैसले को रद्द कराने का आग्रह किया था। इस पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि सभी पार्टियों की राष्ट्रीय पार्टी की स्थिति की समीक्षा 10 साल बाद करने का नियम था। इसके हिसाब से अगली समीक्षा 2026 में होनी थी, लेकिन उन्होंने 2019 में ही ऐसा कर दिया। मेरी पार्टी का नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ ही रहेगा। अगर बीजेपी को कोई दिक्कत है तो वो लोग निर्वाचन आयोग से संपर्क कर सकते हैं, लेकिन हम आम लोगों से संपर्क करेंगे। जान लें कि निर्वाचन आयोग ने पिछले हफ्ते ही ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी, शरद पवार की एनसीपी और सीपीआई का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म किया है।

आजादी से पहले जाति जनगणना की घोर विरोधी रही कांग्रेस, अब समर्थन क्‍यों ?

टीएमसी ने किया पलटवार

शुभेंदु अधिकारी के बयान पर पलटवार करते हुए टीएमसी ने कहा कि उनके आरोप में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी आदतन झूठ बोलते हैं। हमने देखा है कि कैसे उन्होंने पहले भी कई राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में खुलेआम झूठ बोला है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा होना या ना होना काल्पनिक है, इससे टीएमसी का विकास प्रभावित नहीं होगा।

ममता बनर्जी ने बोला हमला

वहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि वो अमित शाह के इस्तीफे की मांग करती हैं, जिन्होंने ये दावा किया है कि अगर साल 2024 के आम चुनावों में बीजेपी को पश्चिम बंगाल में 35 से ज्यादा सीट मिलती हैं तो ममता बनर्जी की सरकार 2025 के बाद नहीं रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने का प्रयास करके हमारे देश के संघीय ढांचे को तोड़ने के लिए शाह के इस्तीफे की मांग करती हूं।

2024 के चुनाव पर ममता का दावा

सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वो 2024 के लोकसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि क्या वे चुनाव में धांधली करने के लिए सीबीआई, ईडी, सीआरपीएफ, बीएसएफ और अन्य एजेंसियों का प्रयोग करेंगे? हमें तो ये भी नहीं पता है कि ईवीएम के साथ क्या किया जा रहा है।(एएमएपी)

मेयर चुनाव से पहले केजरीवाल को झटका, आप पार्षद सुनीता भाजपा में शामिल

म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) में मेयर चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को भाजपा ने सत्ताधारी दल में सेंधमारी कर दी। बुधवार को होने जा रहे चुनाव से पहले आप पार्षद सुनीता ने भाजपा का दामन थाम लिया है। द्वारका सी वार्ड नंबर 130 से पार्षद सुनीता ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। उनके साथ पूर्व पार्षद श्रीरामनिवास ने भी भाजपा में शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की मौजूदगी में सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह तो महज शुरुआत है, कई और पार्षदों का केजरीवाल की पार्टी में दम घुट रहा है। आप को यह झटका ऐसे समय पर लगा है जब दो दिन पहले ही उसके एक अहम नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष बलराम झा भी भाजपा में चले गए थे।

बताया जा रहा है कि सुनीता के पति बीजेपी के पार्षद हैं। लेकिन टिकट कट जाने के बाद वह आप में चले गए। केजरीवाल की पार्टी ने उनकी पत्नी को टिकट दिया और सुनीता जीत हासिल करने में कामयाब रहीं। अब मेयर चुनाव से ठीक पहले सुनीता ने पाला बदल लिया है। सदस्यता दिलाने के बाद सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘आज प्रदेश अध्यक्ष जी से बात की। उन्होंने स्वागत किया और वह हमारी पार्टी में शामिल हो रही हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं। ऐसे बहुत से निगम पार्षद आम आदमी पार्टी मे हैं जिनका दम घुट रहा है। अभी से कामों में कमीशन तय हो गया है। छोटे-छोटे रेहड़ी वालों से आप पार्षद उगाही कर रहे हैं और पार्टी को देते हैं। आने वाले समय में बहुत से निगम पार्षद भाजपा को जॉइन करेंगे।’

निर्दलीय पार्षद गजेंद्र दराल पहले ही भाजपा में आ चुके हैं। इसके बाद बवाना से आप पार्षद पवन सहरावत भी भाजपा में शामिल हो गए थे। अब सुनीता के भाजपा में आ जाने से भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। पिछले साल के अंत में हुए एमसीडी चुनाव में भाजपा को 104 सीटों पर जीत मिली थी। 250 वार्डों में हुए चुनाव में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने 134 सीटों पर कब्जा किया था और 15 साल बाद भाजपा से निगम की सत्ता छीन ली थी। अंकगणित के लिहाज से देखें तो आम आदमी पार्टी की सत्ता को फिलहाल कोई खतरा नजर नहीं आता। लेकिन जिस तरह भाजपा दावा कर रही है उसमें यदि सच्चाई है तो आने वाले समय में ‘आप’ की मुश्किलें कम से कम एमसीडी में बढ़ सकती है।(एएमएपी)

लोकसभा चुनाव : 19 अप्रैल से 1 जून के बीच होगा मतदान, 4 जून को परिणाम

सात चरणों में होंगे चुनाव, आचार संहिता लागू

देश में आम चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरणों में होंगे और 4 जून को वोटों की गिनती होगी। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल, दूसरी फेज की वोटिंग 26 अप्रैल, सात मई को तीसरा फेज, 13 मई को चौथा फेज, 20 मई को पांचवां फेज, 25 मई को छठा फेज और एक जून को सातवें चरण की वोटिंग होगी। 18वीं लोकसभा के गठन के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही देश में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

96.8 करोड़ मतदाता करेंगे लोकसभा चुनाव में मतदान

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि लोकसभा चुनाव 2024 में 96.8 करोड़ मतदाता होंगे जबकि 2019 में 90 करोड़ मतदाता थे। इनमें से 49.7 करोड़ पुरुष और 47.1 करोड़ महिलाएं हैं। इस बार 1.8 करोड़ पहली बार के नए मतदाता हैं जोकि 18 से 19 वर्ष के हैं। उन्होंने कहा कि हम 1.5 करोड़ मतदान अधिकारियों और 10.5 लाख मतदान केंद्रों के साथ लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए तैयार हैं। चुनाव में 55 लाख से अधिक ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को प्रचार के दौरान मर्यादा बनाए रखने और दुर्व्यवहार तथा व्यक्तिगत हमलों से बचने की सलाह दी है।

कुल मतदाताओं में 49.7 करोड़ पुरुष, 47.1 करोड़ महिलाएं, 48 हजार ट्रांसजेंडर शामिल हैं। चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार, देशभर में मतदाता लिंगानुपात 948 है, 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया, ”हमारी मतदाता सूची में 85 साल से अधिक उम्र के 82 लाख और सौ साल से अधिक उम्र के 2.18 लाख मतदाता शामिल हैं।”

फेक न्यूज फैलाने वालों पर रहेगी नजर

चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान फेक न्यूज फैलाए जाने पर भी चिंता जताई है। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी काफी नजर रहेगी और फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। राजीव कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में बाहुबल के अलोकतांत्रिक प्रभाव को रोकने के लिए कई उपाय किये हैं। सभी उम्मीदवारों को समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए डीएम और एसपी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सीएपीएफ को पर्याप्त रूप से तैनात किया जाएगा और प्रत्येक जिले में एकीकृत नियंत्रण कक्षों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चेक पोस्ट और ड्रोन का इस्तेमाल होगा।

चुनाव में नहीं होने देंगे कोई हिंसा

राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान सीएपीएफ की तैनाती पर्याप्त संख्या में की जाएगी। इस बार नया प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। खूनी खेल बिल्कुल ठीक नहीं है। ग्रीवेंसेज पोर्टल और कंट्रोल रूम में एक सीनियर अधिकारी को तैनात किया जाएगा। जहां से कोई शिकायत मिलेगी, सख्त कार्रवाई होगी। हमने सख्त निर्देश दिए हैं कि डीएम अपने इलाके में हिंसा ना होने दें। गैरजमानती वॉरंट को लेकर पुलिस उन्हें एग्जिक्यूट करे और हिट्रीशीटर्स पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां से भी अवैध सामान पहुंच सकता है वहां भी निगरानी की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कई जगहों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हम देश को वास्तव में उत्सवपूर्ण, लोकतांत्रिक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्त होने वाला है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम की विधानसभाओं का कार्यकाल भी जून 2024 में खत्म होने वाला है। जम्मू और कश्मीर में भी चुनाव होने हैं।

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इंडिया गठबंधन से बीजेपी का सीधा मुकाबला

गौरतलब है कि आम चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सपा जैसे विपक्षी दलों के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन से होगा। पीएम मोदी जहां बीजेपी के 370 और एनडीए के 400 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दलों ने अपनी जीत के दावे किए हैं। अब तक बीजेपी ने उम्मीदवारों की दो सूची जारी की है, जिसमें कुल 267 कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए गए हैं। उधर, कांग्रेस भी अब तक दो लिस्ट जारी कर चुकी है। पहली लिस्ट में 39 और दूसरी लिस्ट में 43 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया था। पिछला लोकसभा चुनाव साल 2019 में अप्रैल-मई महीने में करवाया गया था। कुल सात चरणों में हुए मतदान के बाद 23 मई को वोटों की गिनती हुई थी। बीजेपी ने अकेले दम पर लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल करते हुए 303 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 52 सीटों पर जीत मिली थी।  (एएमएपी)

2500 वर्ष पुराना है यूरोप से भारत का व्यापार शोध में हुआ खुलासा

इतिहासकार अब तक यह मानते थे कि भारत का रोम सहित यूरोप से होने वाला व्यापार लगभग दो हजार साल पुराना है। एतिहासिक तथ्यों के आलोक में वैज्ञानिकों का मानना था कि भारत के केरल के दक्षिणी हिस्से से यूरोप सहित दुनिया के अनेक हिस्सों में 300 से 400 ईसवी के आसपास व्यापार होता था। लेकिन एक नई खोज के अनुसार यह समय कम से कम 500 साल और ज्यादा पुराना हो गया है। नए वैज्ञानिक प्रमाणों ने यह साबित कर दिया है कि केरल के पट्टनम बंदरगाह और व्यापारिक केंद्र से लगभग 350 ईसा पूर्व मसालों का व्यापार होता था। नई खोज से इतिहास के कई पन्नों को दोबारा लिखने की जरूरत महसूस हो गई है।

कंकालों ने निभाई अहम भूमिका

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के मऊ जिले के वैज्ञानिक डॉ. नीरज राय ने इस खोज में बहुत अहम भूमिका निभाई है। वे इस समय लखनऊ के बीरबल साहनी पुरा विज्ञान संस्थान में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. नीरज राय ने बताया कि उनकी टीम 2016 से ही केरल के एर्नाकुलम जिले के पट्टनम केंद्र पर शोध कर रही थी। इस दौरान उन्हें वहां से लगभग एक दर्जन शवों के कंकाल प्राप्त हुए थे। इन कंकालों के अवशेषों की आधुनिकतम डीएनए तकनीक से विश्लेषण करने से यह पता चला कि इनमें से लगभग नौ नरकंकाल दक्षिण एशियाई, जबकि तीन नरकंकाल यूरोपीय जीन वाले थे।

इन अवशेषों के साथ सामान के भंडारण के उपयोग में आने वाला जार, आभूषण, कांच-पत्थर के मनके, तांबे-लोहे से बनी उद्योग में आने वाली वस्तुएं, मिट्टी के बर्तन, चेरा सिक्के मिले हैं। इसके साथ ही ईट की दीवारें, ईंट से बनाया गया मंच, गोलाकार कुआं, खूंटों के साथ घाट और घाट के नीचे लगभग छह मीटर लंबी लकड़ी की डोंगी (नाव) मिली है। यह साबित करती है कि उस काल में भी विदेशी व्यापारी भारत आते थे और केरल के मसालों का व्यापार कर अपने देश ले जाते थे।

डॉ. नीरज राय ने बताया कि हड्डियों के कुछ अवशेष बहुत जर्जर अवस्था में थे। लेकिन आधुनिकतम डीएनए तकनीकी से पूर्ण शुद्धता के साथ यह प्रमाणित करना संभव हुआ है कि भारत उस समय भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से व्यापार के माध्यम से जुड़ा था। यह शोध स्विटजरलैंड से निकलने वाली अंतरराष्ट्रीय पत्रिका जीन (GENE) में भी प्रकाशित हुई है।

पट्टनम में थी विकसित नगरीय व्यवस्था

शोध में प्रमुख भूमिका निभाने वाले डॉ. कुमरास्वामी थंगराज और डॉ. पीजे चेरियन (पामा इंस्टीट्यूट फॉर द एडवांसमेंट ऑफ ट्रांसडिसिप्लिनरी आर्कियोलोजिकल साइंसेज) ने कहा है कि नई खोज यह स्थापित करती है कि उस समय पट्टनम में एक विकसित नगरीय व्यवस्था विद्यमान थी। यह भी प्रमाणित होता है कि यहां पहले मेगालिथिक लोगों का कब्जा था और बाद में रोमन यहां पर आए। इन विद्वानों का मानना है कि इन लोगों का यहां पर दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर दसवीं शताब्दी तक कब्जा रहा।

सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलोजी, हैदराबाद के डॉ. कुमारास्वामी के अनुसार आनुवांशिक विश्लेषण यह साबित करते हैं कि इस काल में यूरोपीय लोगों का यहां खूब आना-जाना रहा। उनके बीच व्यापारिक और सांस्कृितिक संबंध स्थापित हुए।

पट्टनम

भारत के दक्षिणी राज्य केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित पट्टनम प्राचीन काल से बंदरगाह के प्रसिद्ध केंद्र के रूप में जाना जाता था। यहां से रोम के साथ-साथ दुनिया के अनेक देशों तक व्यापार होता था। इस केंद्र ने भारत को व्यापार और संस्कृति के माध्यम से पूरी दुनिया को भारत से जोड़ा। अब तक की जानकारी तमिल, संस्कृत, ग्रीक और रोमन भाषाओं में लिखे गए ग्रंधों में प्राप्त जानकारी के आधार पर थी।

लेकिन नई खोज यह प्रमाणित करती है कि भारत ईसा पूर्व में भी व्यापार में बहुत उन्नत केंद्र के रूप में दुनिया में जाना जाता था। यह इंग्लैंड, फ्रांस और पुर्तगाली विद्वानों की उस थ्योरी के पूरी तरह उलट है जिनका यह दावा रहा था कि उनके आने के बाद से ही भारत ने दुनिया के साथ व्यापार करना सीखा। इस अर्थ में यह खोज बहुत महत्त्वपूर्ण है।(एएमएपी)

बिहार : क्या राजद में होगा पप्पू यादव की पार्टी ‘जाप’ का विलय? बन रहे हैं नए समीकरण

लोकसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है उसी तरह बिहार की राजनीतिक के समीकरण भी बदल रहे हैं। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। पहले चरण के लिए आज यानि बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। लेकिन बिहार में अब तक महागठबंधन के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं हो पाया है। इसकी एक बड़ी वजह नए राजनीतिक समीकरणों को भी माना जा रहा है। महागठबंधन के सभी बड़े नेता लगातार सीटों को लेकर बैठक कर रहे हैं। इन सबके बीच जाप (जन अधिकार) सुप्रीमो पप्पू यादव ने राजद सुप्रीमो लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद पप्पू यादव की पार्टी की विलय करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब ये विलय राजद के साथ होगा या कांग्रेस के साथ ये अभी साफ नहीं हुआ है।

लालू और तेजस्वी से मिले पप्पू यादव

आरजेडी हाईकमान अपने कुनबे को बढ़ाने और सीटों पर सामंजस्य के लिए लगातार बैठकें कर रहा है। मंगलवार शाम जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव भी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से राबड़ी आवास जाकर मिलने पहुंचे। यहां पप्पू ने लालू और तेजस्वी से मुलाकात की और लंबी बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक, लालू यादव, तेजस्वी और पप्पू यादव के बीच आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई और आगे की रणनीति पर बात हुई। पप्पू यादव पूर्णिया सीट से दावेदारी कर रहे हैं। राजद, कांग्रेस, वामपंथी और कुछ अन्य छोटे दल लोकसभा चुनाव में एनडीए से मुकाबला करने के लिए सीटों के बंटवारे पर बातचीत कर रहे हैं।

महागठबंधन में सीट बंटवारे पर चल रहा मंथन

बता दें कि बिहार में महागठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर मंथन चल रहा है और आम सहमति नहीं बन सकी है। इस बीच, बिहार में सियासी समीकरण भी बदलने की संभावनाएं बढ़ी हैं। एलजेपी चीफ पशुपति कुमार पारस को एनडीए में एक भी सीट नहीं दी गई है। पारस ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है कि वो महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पारस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इससे पहले सोमवार को राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा था कि बिहार में दो से तीन दिन के अंदर सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। तेजस्वी का कहना था कि सीटों का बंटवारा अंतिम चरण में है और अगले कुछ दिनों में इस पर मुहर लग जाएगी। तेजस्वी ने कहा, ज्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया गया है और सिर्फ एक या दो सीटों पर मुद्दे बचे हैं। लेकिन सब कुछ सुलझा लिया जाएगा।

बिहार में जेडीयू के लिए जरूरी है एनडीए का साथ

पप्पू यादव पर पूर्णिया में एफआईआर

एक दिन पहले ही पप्पू यादव पर पूर्णिया में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है। पूर्णिया जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि हमें सूचना मिली कि कसबा थाना क्षेत्र के कॉलेज मैदान के पास पप्पू चौरसिया नाम के व्यक्ति के आवास पर एक बड़े हॉल में बिना अनुमति के ही चुनावी पोस्टर लगाकर पूर्व सांसद पप्पू यादव ने जनसभा की है। जांच में आरोप सही पाए गए, उसके बाद पप्पू यादव और उनके समर्थक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।(एएमएपी)

नेशनल कैंप के लिए गया के छह खिलाड़ियाें का हुआ चयन, 60 दिनाें की मिलेगी ट्रेनिंग

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आपका अख़बार।

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण पटना द्वारा 19 अप्रैल से पाटलिपुत्र खेल परिसर में राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में गया के छह खिलाड़ियों का चयन नेशनल कैंप के लिए किया गया है। बता दें कि राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिता में पूरे बिहार से एक हजार खिलाड़ी शामिल हुए थे, इसमें से मात्र 38 खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिसमें छह खिलाड़ी गया जिले के है। अब सभी खिलाड़ियों को 60 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनके खेल में और भी निखार आए।

देश के कई वरिष्ठ कोच खिलाड़ियों को टिप्स देंगे। गया जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव सह गया जिला ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि गया के लिए यह बड़ी उपलब्धि है, जिसमें छह खिलाड़ियों का चयन नेशनल कैंप के लिए हुआ है। खिलाड़ी एक मई से लेकर 30 जून तक पटना के खेल परिसर में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण कैंप में अच्छे-अच्छे कोच द्वारा इन्हें ट्रेनिंग मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिन छह खिलाड़ियों का चयन किया गया है, उसमें देवराज कृष्णा राज का चयन शॉटपुट के लिए, प्रियांशु शर्मा डिस्कस थ्रो, प्रतिज्ञा, समृद्धि शर्मा व अंशिका वर्मा का चयन शॉट पुट के लिए हुआ है। इनके चयन पर जिला एथलेटिक संघ के अध्यक्ष मोती करीमी, गया जिला कबड्डी संघ के सचिव आनंद शंकर तिवारी, गया जिला एथलेटिक संघ के कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बधाई दी है।

चार सौ मीटर दौड़ में अनीश ने मारी बाजी
चार सौ मीटर दौड़ में अनीश कुमार प्रथम, सतीश कुमार पासवान द्वितीय, 100 मीटर में बालक हर्ष कुमार प्रथम, अभिषेक कुमार द्वितीय, विक्की राज तृतीय, अंडर 23 बालक सौ मीटर में आनंद मोहन प्रथम, सौरभ कुमार द्वितीय, नीतीश कुमार तृतीय, अंडर 20 बालक वर्ग 15 मीटर में अजय यादव प्रथम, अखिलेश कुमार द्वितीय, 15 सौ मीटर में अंडर 23 बालक अक्षय नीतीश प्रथम, धीरज कुमार द्वितीय, विशाल राज तृतीय स्थान पर रहे। अंडर 800 मीटर में धीरज कुमार प्रथम, विशाल राज द्वितीय, अंडर 20 बालक 800 मीटर में गुलशन कुमार प्रथम, अंकित कुमार द्वितीय, अंडर 20 बालक तीन हजार मीटर चिंटू कुमार प्रथम रहे।

सोनिया की बुलाई बैठक में मौन टूटा पर असंतोष बाकी 

• 4 महीने बाद बुलाई बैठक 5 घंटे चली

• क्या राहुल गांधी फिर से अध्यक्ष बनने को तैयार हैं?

प्रमोद जोशी।
कांग्रेस पार्टी में कुछ वरिष्ठ नेताओं के असंतोष को लेकर करीब चार महीने की चुप्पी के बाद अंततः शनिवार 19 दिसंबर को 10, जनपथ पर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक पाँच घंटे तक चली। इसमें अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पृथ्वीराज चह्वाण, शशि थरूर, मनीष तिवारी, अम्बिका सोनी, पी चिदंबरम समेत कुछ नेता शामिल हुए। इनके अलावा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इस मौके पर उपस्थित थे। इस बैठक से पार्टी के भीतर का मौन तो टूटा है, पर किसी न किसी स्तर पर असंतोष बाकी है। 

CWC Meeting Updates: Sonia Gandhi To Be Interim President
एनडीटीवी की वैबसाइट के अनुसार बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि मैं उसी तरह काम करने को तैयार हूँ जैसा आप लोग कहेंगे। पवन बंसल के हवाले से यह खबर देते हुए एनडीटीवी ने यह भी लिखा है कि जब पवन बंसल से पूछा गया कि क्या इससे यह माना जाए कि राहुल फिर से अध्यक्ष बनने को तैयार हैं, तब बंसल ने कहा कि राहुल को लेकर कोई मसला नहीं है, पर अपने शब्द मेरे मुँह से मत कहलवाइए। पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। यों भी असंतुष्ट इस बात को कह रहे हैं कि पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव होना चाहिए।

राहुल ने कमलनाथ को क्या कहा

Don't appreciate the language…unfortunate': Rahul Gandhi on Kamal Nath's 'item' remark | India News,The Indian Express

अखबार हिंदू की वैबसाइट के अनुसार पार्टी ने आंतरिक विषयों पर चिंतन-शिविर आयोजित करने का निश्चय किया है। यह जानकारी हिंदू ने पवन बंसल के हवाले से दी है। उधर समाचार एजेंसी एएनआई ने पृथ्वीराज चह्वाण के हवाले से खबर दी है कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई, जिसमें वर्तमान स्थितियों में पार्टी के हालचाल और उसे मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार किया गया। एनडीटीवी की खबर के अनुसार राहुल गांधी ने इस बैठक में भी कुछ वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए अपनी बात कहने में कोई कमी नहीं की। उन्होंने कमलनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि जब आप मुख्यमंत्री थे, तब राज्य को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चला रहा था।
माना जा रहा है कि यह बैठक दोनों तरफ के प्रयासों का परिणाम है। अगस्त में जिन 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा था, उनमें से 7-8 नेताओं ने पिछले हफ्ते कई बार आपसी विमर्श किया। इसके बाद सोनिया गांधी के पास एक सूची भेजी गई, जिनमें कुछ नाम संभावित नाम थे, जो बैठक में शामिल हो सकते हैं। इन प्रयासों के पीछे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की भूमिका भी थी।

पार्टी : सारे विवाद सुलझ चुके, असन्तुष्ट : तब बैठक क्यों?

बैठक की पूर्व संध्या पर पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया था कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव होगा, और उनके समेत 99.9 फीसदी कांग्रेसी चाहते हैं कि राहुल ही अध्यक्ष बनें। उन्होंने यह बात पार्टी के संवाददाता सम्मेलन में भी कही। उसमें सुरजेवाला ने पार्टी में असंतोष वगैरह की बात का जिक्र नहीं किया, बल्कि कहा कि सारे विवाद सुलझ चुके हैं। हिंदू के अनुसार जब यह बात एक असंतुष्ट को बताई गई, तो उसने कहा सुलझ चुके हैं, तो यह बैठक क्यों?
शुक्रवार को ही जब यह बात सुरजेवाला से कही गई, तो उन्होंने कहा, मैं पार्टी लाइन बयान कर रहा हूँ। शनिवार की बैठक के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पार्टी ने बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में बैठकों की श्रृंखला शुरू की है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। सौजन्य: जिज्ञासा)

शुक्र 31 मार्च को मीन राशि में करेंगे प्रवेश, इन जातकों की चमकेगी किस्‍मत

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुख सुविधा देने वाला ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह जब भी किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, शुक्र ग्रह का 07 मार्च को कुंभ राशि में प्रवेश हुआ था और अब 31 मार्च को सुबह 09।29 बजे शुक्र ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में शुक्र 24 अप्रैल तक विराजमान रहने वाले हैं। शुक्र के गोचर करते ही मीन राशि में शुक्र और राहु की युति बन जाएगी। शुक्र का ये गोचर कुछ राशियों की किस्मत चमका सकता है। आइए जानते हैं शुक्र गोचर से किन राशियों को जबरदस्त लाभ होने वाला है-

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को मार्च के आखिरी में शुभ समय शुरू होगा। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। आर्थिक लाभ हो सकता है। मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। ऑफिस में प्रमोशन भी हो सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र की बदलती चाल लाभकारी साबित हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको इन्वेस्ट करने के लिए कोई अच्छी डील मिल सकती है, जो प्रॉफिटेबल भी साबित होगी। यात्रा पर भी आप जा सकते हैं। फाइनेंशियल तौर पर प्रॉफिट में रहेंगे। लाइफ में रोमांस बना रहेगा। पूजा-पाठ में आपका खूब मन लगेगा।

मिथुन राशि

शुक्र का गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए लाभदायक रहने वाला है। आपको अपने हार्ड वर्क का रिजल्ट मिलेगा। सुख-शांति से घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा। अपने लवर के साथ डेट पर भी जा सकते हैं। इंकम बढ़ाने के लिए आपको नए सोर्स मिल सकते हैं। नई जॉब मिलने की भी संभावना है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का राशि परिवर्तन शुभ माना जा रहा है। इस दौरान आपकी सेहत अच्छी रहेगी। लाइफ में रोमांस और अट्रैक्शन बना रहेगा। छोटी-मोटी ट्रिप पर भी जाने की संभावना है। करियर में आपको नए टास्क मिल सकते हैं। प्रोफेशनली और फाइनेंशली आप स्टेबल रहने वाले हैं।

कर्क राशि

यदि आप 31 मार्च के बाद मकान, दुकान या वाहन खरीदना चाहते हैं तो आपके मन की मुराद पूरी हो सकती है। शुक्र गोचर से आपको प्रॉपर्टी का लाभ हो सकता है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा और रिश्ता पहले से अधिक मजबूत होगा।

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कन्या राशि

मीन में शुक्र के प्रवेश करने से बिजनेस में बड़े लाभ के अवसर मिल सकते हैं। अचानक आपके काम का विस्तार हो सकता है और आप उसमें सफल हो सकते हैं, जो परिवार की उन्नति का मार्ग खोल सकता है। आप कोई ऐसा काम करेंगे, जिससे परिवार का नाम होगा। इस समय में किया गया निवेश लाभकारी होगा।

मीन राशि

शुक्र का आपकी ही राशि में गोचर होगा, जो आपके लिए शुभ फलदायी होगा। लव लाइफ के लिए यह शानदार समय होगा। पार्टनर के साथ समझ और बढ़ेगी और रिश्ता नए स्तर पर जाएगा। दांपत्य जीवन में खशहाल होगी। इस दौरान आप कोई नया काम करना चाहते हैं या बिजनेस में कोई नया प्लान लागू करना चाहते हैं तो समय अच्छा होगा, कार्य में सफल हो सकते हैं। (एएमएपी)