मोटे अनाज के प्रसंस्करण पर होगा योगी सरकार का जोर।
अधिकतम जगहों पर मोटे अनाजों की बिक्री सुलभ हो, इसके लिए मंडियों में अलग से आउटलेट्स (जगह) होंगे। इनके कारोबार के लिए वहां अलग से दुकानों का भी आवंटन किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग इसका ब्लॉकों से लेकर ग्राम पंचायतों एवं वहां के हॉट-बाजारों तक इसको विस्तार देगा।
बेसिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल होंगे मिलेट्स
बच्चे अपने इन परंपरागत अनाजों एवं इनकी खूबियों के बाबत जानें, इसके लिए मिलेट्स को प्राइमरी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। वास्तव में सरकार की मंशा अलग अलग प्रयासों से समग्र रूप में मिलेट्स की डिमांड बढ़ाने की है और बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए उत्पाद के रूप में गुणवत्तापूर्ण माल की भी जरूरत होगी। इसके लिए एफपीओ (फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के जरिए रकबा एवं उत्पादन बढ़ाने का भी काम होगा। साथ ही ये बीज का भी उत्पादन करेंगे।

प्रगतिशील किसानों को प्रदर्शन के लिए बीज के निःशुल्क और खेती के इच्छुक किसानों को केंद्र एवं प्रदेश सरकार की संस्थाएं राष्ट्रीय बीज निगम, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम आदि के जरिए अनुदानित बीज दिया जाएगा। खेती के उन्नत तौर- तरीकों के माध्यम से बेहतर उत्पादन के लिए कृषि विश्वविद्यालयों से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र, उप्र राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान रहमानखेड़ा में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसान भाई देख कर सीखें, इसके लिए समय समय पर फील्ड डे एवं एक्सपोजर विजिट के भी आयोजन होंगे। ये वे जगहें होंगी जहां मिलेट्स की खेती एवं मूल्य संवर्धन पर कार्य करने वाले प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान होंगे।
जी-20 के मेहमानों की थाल की शोभा बढ़ाएंगे मिलेट्स के लजीज पकवान
उत्तर प्रदेश में फरवरी 2023 से लेकर अगस्त के अंत के दौरान जी-20 की करीब दर्जन भर बैठकें होनी है। इसमें से आधा दर्जन बैठकें महादेव की काशी, तीन ताजनगरी आगरा, बाकी लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा में होंगी। इनमें आने वाले मेहमानों को भी मिलेट्स के लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। यह एक तरह से इनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी होगी। सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन अनाजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद भी हो।(एएमएपी)



