मध्य प्रदेश की सियासत की जिन्हें भी थोड़ी बहुत समझ है वे यह मानकर चल रहे हैं कि 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले बीजेपी अपने सीएम का चेहरा बदल देगी।  फिर यक्ष प्रश्न यह उठ खड़ा होता है कि शिवराज की जगह कौन? इससे पहले कि हम बीजेपी के संभावित सीएम चेहरे की बात करें। इससे पहले मध्य प्रदेश के आज के राजनीतिक हालात पर चर्चा करना जरूरी है।

सिंधिया हो सकते हैं सीएम चेहरा

मध्य प्रदेश की राजनीति के केंद्र में इन दिनों केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की बड़ी चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सिंधिया की निकटता सबको हैरान कर रही है। प्रदेश के नेता हवा का रुख भांपते हुए सिंधिया से करीबी का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। यहां बता दें कि कभी सिंधिया के धुर विरोधी रहे बीजेपी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी उनके मुरीद होते जा रहे हैं। उन्होंने ग्वालियर प्रवास के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया की जमकर तारीफ की है।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा

इस दौरान उन्होंने परोक्ष रूप से शिवराज सिंह चौहान की रणनीति पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भी हम हारे नहीं थे, हमें बहुत ज्यादा मिला था। सरकार हमारी ही थी लेकिन शिवराज ने जल्दबाजी कर दी और जल्दबाजी में इस्तीफा दे दिया। दरअसल, पिछले दिनों उमा भारती ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ की थी। उन्होंने सिंधिया को पार्टी का हीरा तक बता दिया था। जब कैलाश विजयवर्गीय से यह सवाल किया गया तो उन्होंने भी सिंधिया की तारीफ की। उन्होंने कहा कि “मुझे नहीं पता कि उमा ने सिंधिया की तारीफ किस संदर्भ में की है लेकिन सिंधिया अच्छे नेता हैं। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।”

कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचे सिंधिया

विजयवर्गीय के इस बयान के बाद अटकलों का दौर एक बार फिर शुरू हो गया, क्योंकि कुछ दिनों पहले जब सिंधिया इंदौर पहुंचे तो उन्होंने कैलाश विजवयर्गीय से मुलाकात कर उनकी जमकर तारीफ की थी। हालांकि,सिंधिया ने विजयवर्गीय की तारीफ करते हुए उनके नेतृत्व में काम करने की बात भी कही थी। वहीं राजनीतिक पंडित सिंधिया के इस बयान के उलट मायने देख रहे हैं। इंदौर दौरे के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया  कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचे थे। जहां दोनों नेताओं ने देर तक बातचीत की थी। इस दौरान उनके बेटे महाआर्यमन सिंधिया भी मौजूद थे।

उमा भारती ने की तारीफ

इससे पहले टीकमगढ़ में उमा भारती ने कहा था कि अबकी बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस की नैया 20 सीटों से ज्यादा पार नहीं होने वाली है। क्योंकि उनके पास एक हीरा था जिसकी वजह से वह 2018 में सरकार बना पाए थे और हम हार गये थे। यह सच्चाई है कि उनसे हम हार गये थे लेकिन आज वो हीरा ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे पास है। इसलिये अब वहां कोई नहीं बचा, सूपड़ा साफ है और उनकी अगर विधानसभा में 20 सीटें भी आती हैं तो ये बड़ी बात होगी।

2023 बदल सकता है सीएम चेहरा

बीजेपी के अंदरखाने में 2018 के विधानसभा चुनाव का परिणाम पार्टी और शिवराज दोनों के लिए किसी कलंक से कम नहीं माना जाता है। पार्टी आलाकमान कई बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराधिकारी खोजने का प्रयास कर चुकी है लेकिन भाग्य ने हर बार शिवराज का साथ दिया और उनकी कुर्सी बच गई। पार्टी के भीतर के बैठे बड़े सूत्रों का दावा है कि 2023 के पहले सीएम का चेहरा बदल जायेगा और संभावना ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जाकर टिक रही है। पर राजनीति में भाग्य का भी बड़ा खेल होता है और शिवराज इसी के सहारे ताल ठोंकते दिख रहे हैं।

बीजेपी से यह है डील

इसके साथ ही भोपाल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी की एक और डील की बड़ी चर्चा रहती है। बताया जाता है कि कमलनाथ सरकार गिराने के दौरान सिंधिया ने अगले दो कार्यकाल तक अपने समर्थक मंत्रियों की विधानसभा सीट और मंत्रिमंडल में पोर्टफोलियो में फेरबदल बिना जगह सुनिश्चित कर रखी है। अब बीजेपी कैडर में भी सिंधिया के बढ़ते प्रभाव से उनके पार्टी में ऊंचे होते कद के संकेत मिल रहे है।   (एएमएपी)